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उत्तर प्रदेश दिवस का मुख्य आयोजन राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर किया जाए : मुख्यमंत्री

January 1, 2026

उत्तर प्रदेश दिवस का मुख्य आयोजन राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर किया जाए : मुख्यमंत्री

लखनऊ : 01 जनवरी, 2026

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज यहाँ अपने सरकारी आवास पर उत्तर प्रदेश दिवस (24 से 26 जनवरी, 2026) के आयोजन की तैयारियों के सम्बन्ध में बैठक की। उन्होंने निर्देश दिए कि उत्तर प्रदेश दिवस का मुख्य आयोजन इस वर्ष लखनऊ स्थित राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर किया जाए। जनपद गौतमबुद्धनगर स्थित नोएडा शिल्पग्राम सहित इसका आयोजन सभी जनपदों, देश के अन्य राज्यों व उन देशों में भी भव्य रूप से किया जाए, जहाँ बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश के निवासी रहते हैं। साथ ही, इन आयोजनों में सरदार वल्लभभाई पटेल, पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी, धरती आबा भगवान बिरसा मुण्डा, वन्दे मातरम् तथा आनन्द मठ से जुड़ी नाट्य प्रस्तुतियों समेत अन्य कार्यक्रम किए जाएँ।
मुख्यमंत्री जी ने 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस, 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चन्द्र बोस जयन्ती, 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश दिवस, 25 जनवरी को राष्ट्रीय पर्यटन दिवस/मतदाता जागरूकता दिवस व 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह को भव्यता से मनाने के निर्देश दिए। सिविल डिफेंस की ओर से हर जनपद में 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयन्ती पर मॉकड्रिल का आयोजन किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री जी ने उत्तर प्रदेश दिवस के सम्बन्ध में आवश्यक निर्देश देते हुए कहा कि इस अवसर पर विकास खण्ड, वॉर्ड व जनपद स्तर पर गायन, वादन, नृत्य तथा नाट्य प्रतियोगिताएँ आयोजित करायी जाएँ। इनमें प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाले कलाकारों को मण्डल स्तर पर प्रस्तुति का मौका दिया जाए। मण्डल स्तर पर प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाले उत्कृष्ट कलाकारों को लखनऊ में होने वाले मुख्य समारोह में प्रस्तुति का अवसर दें और उन्हें पुरस्कृत भी किया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान, ओ0डी0ओ0पी0, विश्वकर्मा श्रम सम्मान, माटी कला बोर्ड में उत्कृष्ट कार्य करने वाले उद्यमियों, खेलकूद प्रतियोगिताओं के विजेताओं, उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं, चिकित्सकों, प्रगतिशील किसानों व वैज्ञानिकों को सम्मानित किया जाए। जनपदों में होने वाले कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों, कवियों आदि को अवसर दिया जाए। इन प्रतिभाओं को मंच देने से वह प्रोत्साहित होंगे। हर जनपद में मंत्रिगण, निगम/बोर्ड के चेयरमैन, जनप्रतिनिधियों आदि को आमंत्रित किया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सभी विभागों के समन्वय के साथ ही, भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय, संगीत नाटक अकादमी, ललित कला अकादमी जैसे संस्थानों को उत्तर प्रदेश दिवस के आयोजन से जोड़ा जाए। इससे यह आयोजन बहुत भव्य और रोचक होगा। उन्होंने कलाकारों द्वारा पुराने वाद्ययंत्रों के प्रयोग पर भी जोर दिया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि दिल्ली, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश के प्रवासी नागरिक रहते हैं। इन राज्यों में भी उत्तर प्रदेश दिवस पर भव्य आयोजन कराया जाए। इसमें वहाँ के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, केन्द्रीय मंत्री व उत्तर प्रदेश से जुड़े लोगों को अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाए। अन्य राज्यों में रहने वाले उत्तर प्रदेश के जिन लोगों ने उद्यमिता, व्यापार, इनोवेशन, शिक्षा, कला, विज्ञान, प्रशासन सहित अन्य क्षेत्रों में अच्छा कार्य किया है, ऐसे तीन से पाँच लोगों को सम्मानित भी किया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ओ0डी0ओ0पी0 उत्तर प्रदेश की पहचान है। उत्तर प्रदेश दिवस के आयोजन पर प्रदेश के सभी जी0आई0 टैग उत्पादों तथा ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ की शो-केसिंग भी की जाए। साथ ही, विभागों की उपलब्धियों व योजनाओं की जानकारी भी प्रदर्शित की जाए। इस बार ‘एक जिला, एक कुजीन’ पर भी फोकस किया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने 03 जनवरी, 2026 से प्रयागराज में शुरू होने जा रहे माघ मेले की तैयारियों की जानकारी भी प्राप्त की। विगत दिनों प्रयागराज का दौरा करके आए अधिकारियों से उन्होंने वस्तुस्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री जी ने माघ मेले में सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य व सुव्यवस्था पर विशेष जोर देते हुए कहा कि माघ मेले में पार्किंग तथा शौचालय आदि की समुचित व्यवस्थाएँ होनी चाहिए। सी0सी0टी0वी0 से सम्पूर्ण मेला क्षेत्र की सतत् निगरानी सुनिश्चित की जाए। नाविकों के पास लाइफ जैकेट अनिवार्य रूप से हो। श्रद्धालुओं से मनमाना शुल्क न लिया जाए। मेले में आने वाले आगंतुकों, कल्पवासियों, श्रद्धालुओं और स्नानार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। मिलावटखोरों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री जी ने माघ मेले में स्वास्थ्य सुविधाओं की तैयारियों की भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि सूचना विभाग द्वारा माघ मेले में सरकार की उपलब्धियों व योजनाओं से सम्बन्धित प्रचार-प्रसार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री जी ने मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक सहित सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव व प्रमुख सचिव की भी बैठक ली। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि नियमित रूप से जनसुनवाई की जाए। अधिकारी जनता की समस्याएँ सुनें और उनका निदान करें। उन्होंने शासन के अधिकारियों को निर्देशित किया कि फील्ड में अच्छे अधिकारियों को तैनात किया जाए। मेरिट के आधार पर तैनाती सुनिश्चित हो। आयुक्त व जिलाधिकारी राजस्व से जुड़े मामलों को नियमित रूप से देखें और समय-सीमा के अन्दर निस्तारण सुनिश्चित करें। ए0डी0जी0, आई0जी0, पुलिस आयुक्त व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक अपने अधीन कार्यरत अधिकारियों व कार्मिकों की जवाबदेही तय करें।

ऑपरेशन“सिंदूर” के दौरान डीआरडीओ के हथियारों की निर्णायक भूमिका

श्री राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ मुख्यालय का दौरा किया; संगठन से नवाचार पर निरंतर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया

रक्षा मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि डीआरडीओ जल्द ही सुदर्शन चक्र का निर्माण कर लेगा

प्रविष्टि तिथि: 01 JAN 2026 3:40PM by PIB Delhi

केन्द्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने 1 जनवरी, 2026 को नई दिल्ली स्थित डीआरडीओ मुख्यालय के 68वें स्थापना दिवस के अवसर पर अपने दौरे के दौरान कहा कि  डीआरडीओ द्वारा विकसित हथियार प्रणालियों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान निर्णायक भूमिका निभाई, जो राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा के प्रति संगठन की व्यावसायिकता और प्रतिबद्धता का प्रमाण है। सशस्त्र बलों को अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों/उपकरणों से लैस करके भारत की स्वदेशी क्षमताओं को मजबूत करने के लिए डीआरडीओ की सराहना की करते हुए उन्होंने कहा डीआरडीओ के उपकरणों ने इस ऑपरेशन के दौरान निर्बाध रूप से काम किया, जिससे सैनिकों का मनोबल बढ़ा।

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रक्षा मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस 2025 के अपने संबोधन में घोषित सुदर्शन चक्र के निर्माण में डीआरडीओ महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा, “इस पहल के तहत डीआरडीओ अगले दशक में पूर्ण हवाई सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हमारे महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को वायु रक्षा प्रणाली से लैस करने के लिए जिम्मेदार है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमने आधुनिक युद्ध में वायु रक्षा के महत्व को देखा। मुझे विश्वास है कि डीआरडीओ इस लक्ष्य को जल्द ही हासिल करने के लिए पूरी लगन से काम करेगा।”

श्री राजनाथ सिंह ने प्रौद्योगिकी के सृजन के साथ-साथ विश्वास निर्माण में डीआरडीओ की भूमिका की भी सराहना की, जिसके कारण लोग आशा, विश्वास और निश्चय के साथ इस संगठन की ओर देखते हैं। निजी क्षेत्र के साथ डीआरडीओ के सहयोग को स्वीकार करते हुए उन्होंने कहा कि उद्योग, शिक्षा जगत और स्टार्टअप्स के साथ बढ़ी सहभागिता से एक समन्वित रक्षा इकोसिस्टम का निर्माण हुआ है। उन्होंने कहा, “डीआरडीओ ने अपनी प्रणालियों, प्रक्रियाओं और कार्यप्रणाली में लगातार सुधार किया है। खरीद से लेकर परियोजना प्रबंधन तक, उद्योग जगत सहभागिता से  लेकर स्टार्टअप्स और एमएसएमई के साथ सहयोग- कार्य को सरल, तेज और अधिक विश्वसनीय बनाने के लिए स्पष्ट प्रयास दिखाई देते हैं।”

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रक्षा मंत्री ने डीआरडीओ से तेजी से विकसित हो रहे प्रौद्योगिकीय इकोसिस्टम के साथ तालमेल बिठाकर आगे बढ़ते रहने और बदलते समय के अनुरूप उत्पाद लाते रहने का आह्वान किया। उन्होंने संगठन से नवाचार पर ध्यान केंद्रित करने और निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने वाले अधिक क्षेत्रों की पहचान करने का आग्रह किया। डीआरडीओ द्वारा गहन प्रौद्योगिकी और अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकियों की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इस दिशा में प्रगति से न केवल राष्ट्र की क्षमताओं में वृद्धि होगी, बल्कि रक्षा इकोसिस्टम भी मजबूत होगा।

श्री राजनाथ सिंह ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि वर्तमान युग केवल विज्ञान का नहीं, बल्कि निरंतर विकास और सीखने का युग है। उन्होंने कहा कि इस बदलती दुनिया में प्रौद्योगिकी स्कैनिंग, क्षमता आकलन और भविष्य की तैयारी अब केवल शब्द नहीं हैं। उन्होंने कहा, “दुनिया हर दिन बदल रही है। प्रौद्योगिकी, नवाचार तथा नए युद्ध क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, जिससे कल का ज्ञान अप्रचलित हो रहा है। हमें कभी यह नहीं मानना चाहिए कि सीखने की प्रक्रिया समाप्त हो गई है। हमें निरंतर सीखते रहना चाहिए और खुद को चुनौती देते रहना चाहिए, ताकि नई पीढ़ी के लिए मार्ग प्रशस्त हो सके।”

बैठक के दौरान रक्षा मंत्री को रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत ने चल रही अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों, 2025 में संगठन की उपलब्धियों, उद्योग, स्टार्टअप और शिक्षा जगत को बढ़ावा देने की विभिन्न पहलों तथा 2026 के रोडमैप के बारे में जानकारी दी। श्री राजनाथ सिंह को 2026 के लिए निर्धारित प्रमुख लक्ष्यों और संगठन की बेहतरी के लिए डीआरडीओ द्वारा किए जा रहे विभिन्न सुधारों से अवगत कराया गया।

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इस अवसर पर रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ भी उपस्थित थे। महानिदेशक, कॉर्पोरेट निदेशक और अन्य वरिष्ठ डीआरडीओ वैज्ञानिक तथा अधिकारी भी उपस्थित थे।

इतिहास में पहली बार 108 स्वर्ण कलशों से किया गया वासुपूज्य भगवान का महास्तिकाभिषेक

उप्रससे,अजय बरया

 

ललितपुर। बुंदेलखंड के प्रसिद्ध  दिगम्बर जैन सिद्ध क्षेत्र पावागिरि सहित तालबेहट के दोनों जैन मंदिरों में श्री जी के कलशाभिषेक से नव वर्ष – 2026 का शुभारम्भ किया। तालबेहट के पारसनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में भगवान आदिनाथ स्वामी एवं मुनिसुव्रतनाथ स्वामी का मस्तिकाभिषेक किया। वहीं वासुपूज्य दिगम्बर जैन मंदिर में इतिहास में पहली बार 108 स्वर्ण कलशों से मूलनायक भगवान वासुपूज्य स्वामी का महास्तिकाभिषेक एवं मुनिसुव्रतनाथ स्वामी का कलशाभिषेक किया। जिसमें महेंद्र जैन, सुशील मोदी, हितेंद्र पवैया, कैलाशचंद्र ललित जैन, कपिल मोदी, राकेश सतभैया, विकास पवा, जितेंद्र बड़ौरा, स्वतंत्र जैन, मनीष कड़ेसरा सहित सकल दिगम्बर जैन समाज का सक्रिय सहयोग रहा। सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने सिद्ध क्षेत्र पावागिरि पहुँचकर वात्सल्य मूर्ति बुंदेली संत मुनि सुव्रत सागर महाराज के मंगलमय सानिध्य में अभिषेक शांतिधारा एवं पूजन – विधान का आयोजन किया। इस मौके पर मुनि श्री के मुखारविन्द से मंत्रोच्चार के मध्य पवा जी भक्त परिवार बाड़ी ने चमत्कारी बाबा मूलनायक पारसनाथ स्वामी की शांतिधारा का आयोजन किया। मूलनायक के साथ भगवान आदिनाथ स्वामी, चंद्र प्रभ स्वामी, शान्तिनाथ स्वामी एवं महावीर स्वामी के मस्तिकाभिषेक एवं शांतिधारा में श्रद्धालुओं ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। मुनि सुव्रत सागर महाराज ने धर्म सभा को सम्बोधित करते हुए कहा वर्ष-2025 में किये पुण्य कार्यों का आभार जताते हुए गलतियों से सीख लेकर वर्ष – 2026 का स्वागत करें। धार्मिक अनुष्ठानों की मानव जीवन में बड़ी महत्ता है। सत्य-अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए श्रावकों को संयम को अंगीकार करना चाहिए। तप और त्याग के द्वारा ही मानव जीवन कल्याण संभव है। रात्रि में महाआरती एवं भक्तामर पाठ का आयोजन किया गया। इस मौके पर अध्यक्ष ज्ञानचंद जैन, कोषाध्यक्ष उत्तमचंद जैन, मंत्री जयकुमार जैन, उपाध्यक्ष विशाल जैन पवा, चौधरी सुमत प्रकाश, प्रकाश चंद परिधान, विजय कुमार, आनंद जैन, प्रदीप कुमार, सोनल जैन, अंकित जैन, विशाल चौधरी, राहुल जैन, अमित कुमार, अचिन जैन, गौरव विरधा सहित सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। संचालन ज्ञानचंद जैन बबीना एवं आभार व्यक्त विशाल जैन पवा ने किया।

 

मथुरा के 44 स्वयंसेवकों को आपदा मित्र प्रशिक्षण कार्यक्रम हेतु लखनऊ भेजा 

जिलाधिकारी ने बस को हरी झंडी दिखाकर लखनऊ किया रवाना

मथुरा, 01 जनवरी 2026 ( उप्रससे)। ।गुरुवार को दिनांक 02 जनवरी 2026 से 13 जनवरी 2026 तक राज्य आपदा मोचन बल लखनऊ द्वारा आयोजित आपदा मित्र प्रशिक्षण कार्यक्रम हेतु जनपद के 44 स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण हेतु भेजा गया। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बस को लखनऊ के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि 12 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनपद के 24 एन0सी0सी0, 7 नागरिक सुरक्षा, 4 एन0एस0एस0 तथा 9 नेहरू युवा केंद्र, कुल 44 स्वयंसेवकों को आपदा मित्र के प्रशिक्षण हेतु लखनऊ भेजा जा रहा है। सभी को राज्य आपदा मोचन बल लखनऊ द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

प्रशिक्षण के आयोजन / संचालन से सबंधित समस्त व्यवस्थाएँ यथा ठहरने, भोजन, प्रशिक्षण, संबंधित सामग्री, आवागमन हेतु व्यय इत्यादि राज्य आपदा मोचन बल लखनऊ द्वारा किया जायेगी। प्रशिक्षण के दौरान प्रत्येक स्वयंसेवक/वालेन्टियर को शासन द्वारा निर्गत आदेशों के अनुसार एक इमरजेंसी रिस्पॉन्डर किट प्रदान करते हुए बीमा पॉलिसी भी निर्गत की जायेगी। जिलाधिकारी ने सभी स्वयंसेवकों को शुभकामनाएं देते हुए लखनऊ हेतु रवाना किया।

नए साल पर लखनऊ में मन्दिरों में उमड़ा श्रद्धालुओं का अपार जनसमूह

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