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राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह को लेकर हुई बैठक 

January 2, 2026

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह को लेकर हुई बैठक 

मथुरा। वरिष्ठ सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन राजेश राजपूत ने अवगत कराया है कि  मुख्यमंत्री  द्वारा दिये गये निर्देशों के अनुपालन में 1जनवरी से 31जनवरी तक राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का आयोजन किया जा रहा है। जनवरी माह को जीरो फैटेलिटी माह के रूप में मनाये जाने के निर्देश दिये गये हैं।

शुक्रवार को सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय में बैठक आहूत की गयी, जिसमें सभी बस/ट्रक/ऑटो/ई-रिक्शा तथा टैक्सी चालकों एवं उनके यूनियन के पदाधिकारियों के साथ जीरो फैटेलिटी हेतु बैठक आहूत की गयी, जिसमें सभी बस/ट्रक ऑपरेटरों को अपने वाहनों को मार्ग से भेजने से पूर्व ब्रेक सिस्टम, क्लिच सिस्टम, फॉग लाइट, स्टेरिंग सिस्टम, बैक लाइट आदि को दुरुस्त रखने, वाहन की मानक के अनुरूप फिटनेस रखने, वाहनों को परमिट से आच्छादित करने, वाहनों में लगे इलैक्ट्रिक उपकरणों को दुरुस्त रखने की हिदायत दी गयी।

सभी बस/ट्रक चालकों अवगत कराया गया है कि लम्बी दूरी हेतु एक वाहन पर कम से कम दो ड्राइवर रखे जायें। एक चालक से 01 दिन में सिर्फ 08 घण्टे ही काम लिया जाए। सभी बस बस/ट्रक/ऑटो/ई-रिक्शा तथा टैक्सी चालक अपने वाहनों में फर्स्ट ऐड बॉक्स रखना सुनिश्चित करें। सभी बसों में आपात कालीन खिड़की अवश्य लगी होनी चाहिए, वाहनों में आपातकालीन खिड़की ऐसी जगह पर लगी होनी चाहिए जहाँ आपातकाल में आसानी से प्रयोग में लाई जा सके। कोहरे में अपने वाहन की धीमी गति में ही चलाएँ। सुरक्षा के दृष्टिगत अपने निजी वाहन के पीछे लाल रेट्रोरिफ्लेक्टिव टेप लगवाएँ। मोटर वाहन कानून के अंतर्गत व्यवसायिक वाहनों में आगे की ओर सफेद व पीछे की ओर लाल रेट्रोरिफ्लेक्टिव टेप लगाने हेतु निर्देशित किया गया।

ब्रज में आस्था और भव्यता के साथ नव वर्ष 2026 का हुआ स्वागत

 

मंदिरों में गूंजे जयकारे

*वृन्दावन में उमड़ी आस्था की सैलाब- श्री बांके बिहारी जी के दर्शन को पहुंचे लाखों भक्त*

सुरक्षा इंतजामों ने जीता श्रद्धालुओं और पर्यटकों का दिल

जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने निरंतर भ्रमण कर देखी व्यवस्थाएं

मथुरा। वर्ष 2026 की पहली भोर ब्रज मंडल में अटूट आस्था, भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम लेकर आई। कान्हा की नगरी मथुरा- वृन्दावन की कुंज गलियों तक, नए साल का स्वागत ‘अतिथि देवो भव:’ और ‘राधे-राधे’ के उद्घोष के साथ हुआ। प्रदेश के मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ के विशेष दिशा-निर्देशों के अनुरूप, जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ के लिए ऐसी चाक-चौबंद व्यवस्था की कि लाखों लोगों ने बिना किसी बाधा के इस पावन उत्सव को मनाया।

जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने श्री बांके बिहारी जी मंदिर तथा आस-पास के क्षेत्र का निरीक्षण कर देखी श्रद्धालुओं हेतु की गई विभिन्न व्यवस्थाएं। यातायात को सुदृढ़ बनाए रखने हेतु पुलिस द्वारा जगह जगह पर बैरियर एवं बैरिकेड लगाए गए। सभी प्रकार के गुप्त रास्तों पर पुलिस की तैनाती की गई। श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोपरि रखते हुए व्ययस्थाएं सुनिश्चित की गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जगह जगह पर एम्बुलेंस तथा चिकित्सकों की टीम तैनात की गई। अग्निशमन विभाग द्वारा नियमित दूरी में व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई। वृंदावन में 2 जोनल तथा 7 सेक्टर मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई तथा उनके साथी पुलिस अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई।

*वृन्दावन में भक्ति की बयार*

आध्यात्मिक नगरी वृन्दावन में नव वर्ष का स्वागत शंखनाद और घंटे- घड़ियालों की गूंज के साथ हुआ। ठाकुर श्री बांके बिहारी जी मंदिर में श्रद्धालुओं को सुदृढ़ सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई। प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य, सुरक्षा, यातायात, साफ-सफाई आदि की उत्कृष्ट व्यवस्था सुनिश्चित की गई। वृन्दावन के सप्त देवालयों श्री राधावल्लभ, श्री राधारमण और श्री राधा दामोदर मंदिर सहित अन्य मठ-आश्रमों में भोर से ही ‘जय श्री कृष्ण’ और ‘राधे- राधे’ के जयकारे गूँजने लगे।

*मथुरा और बरसाना में उमड़ा आस्था का सैलाब*

मथुरा के द्वारिकाधीश मंदिर में राजाधिराज के दर्शन के लिए यमुना पूजन के बाद भक्तों की कतारें विश्राम घाट तक पहुँच गईं। वहीं, श्रीकृष्ण जन्मभूमि में सुरक्षा के कड़े घेरे के बीच तीनों प्रवेश द्वारों से भक्तों का सुगम प्रवेश सुनिश्चित किया गया। उधर, बरसाना की श्री लाडली जी (श्री राधा-रानी जी) के मंदिर में भोर से ही मधुर भजनों, मंजीरों की झंकार और ढोलक की थाप पर भक्त झूमते नजर आए। पूरे कस्बे में ‘राधा-राधा’ की गूँज ने माहौल को पूरी तरह भक्ति रस में सराबोर कर दिया।

*अभेद्य सुरक्षा: ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी*

लाखों की भीड़ के बीच शांति एवं  सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस- प्रशासन द्वारा चप्पे- चप्पे पर नजर रखने के लिए आधुनिक ड्रोन और सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों का उपयोग किया गया। माइक के जरिए लगातार अनाउंसमेंट कर भीड़ को एक स्थान पर एकत्रित होने से रोका गया। प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग और वन-वे सिस्टम लागू किया गया, ताकि पैदल यात्रियों को असुविधा न हो।श्रीकृष्ण जन्मभूमि और अन्य संवेदनशील स्थलों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। पुलिस बल के साथ- साथ सादे कपड़ों में भी पुलिसकर्मी (इंटेलिजेंस) तैनात रहे ताकि असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जा सके। पुलिस और प्रशासन द्वारा सोशल मीडिया की निरंतर निगरानी सुनिश्चित की गई।

आवंटित बजट का समय से प्रयोग करेः मुख्यमंत्री


लखनऊ : 02 जनवरी, 2026 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज यहाँ अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 में शासन द्वारा विभिन्न विभागों को जारी बजट के व्यय के विषय में वित्त विभाग की समीक्षा की। बैठक में वर्तमान वित्तीय वर्ष में विभागों के बजट प्राविधान के सापेक्ष शासन द्वारा जारी स्वीकृतियों, विभागाध्यक्ष द्वारा आवंटन, व्यय आदि की अद्यावधिक प्रगति पर अधिक बजट प्राविधान वाले प्रमुख 20 विभागों का प्रस्तुतिकरण किया गया।
मुख्यमंत्री ने सभी प्रमुख विभागों के उच्चाधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी विभाग आवंटित बजट का समय से प्रयोग करें, ताकि परियोजनाएं और योजनाएं समय से पूर्ण हो सकें तथा प्रदेशवासी इन योजनाओं लाभ उठा सकें। बजट को समय से खर्च करने के लिए अधिकारी निर्णय लेने का सामर्थ्य विकसित करें। जिन विभागों में बजट व्यय की प्रगति धीमी है, उनमें इस कार्य में तेजी लाने के लिए विभागीय मंत्री और अधिकारी आपस में समन्वय बनाकर प्रत्येक माह बैठक करें। बजट को समय से खर्च करने के लिए प्रत्येक स्तर पर अधिकारियों की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय की जाए। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए सभी विभागों के अधिकारी त्वरित निर्णय लें। निर्णय लेने में देरी करने से बजट समय से व्यय नहीं हो पाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन विभागों को विभिन्न योजनाओं के लिए केन्द्र सरकार से बजट जारी किया जाता है, सम्बन्धित विभाग के मंत्री, अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव दिल्ली जाकर केन्द्र सरकार से बजट जारी करने के लिए पैरवी करें। इसके साथ ही, केन्द्र सरकार को पत्र लिखें और फोन से फॉलोअप करते रहें। इस सम्बन्ध में मुख्य सचिव भी इनीशिएटिव लें। जिन विभागों के बजट व्यय की प्रगति धीमी है, उनको चिन्हित करते हुए विभागीय मंत्रियों को मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से पत्र जारी किया जाए।
मुख्यमंत्री  ने वित्त विभाग को निर्देशित करते हुए कहा कि जिन विभागों के आवंटित बजट के कुछ अंश को किन्ही कारणों से अभी तक जारी नहीं किया गया है, उन विभागों को तत्काल बजट आवंटित किया जाए। आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को लेकर सभी विभागों के साथ बैठक कर अभी से बजट मांग की समीक्षा करें। आगामी बजट को विभागों को आवंटित करने से पहले उनके पिछले पांच वर्षों के खर्च की समीक्षा की जाए। वित्त विभाग नई कार्ययोजना को लेकर अभी से तैयारी शुरू करे। आगामी बजट आवंटन को लेकर केन्द्र सरकार से बेहतर समन्वय बनाएं, ताकि समय से बजट मिल सके।

एटा में बिना नोटिस आशियाना उजाड़े जाने पर किसानों का नगर पालिका परिसर में अनिश्चितकालीन धरना

एटा 02 जनवरी उप्रससे। जनपद के जलेसर कस्बे में किसानों ने नगर पालिका प्रांगण में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। यह प्रदर्शन ऑल इंडिया किसान यूनियन के बैनर तले तहसील अध्यक्ष सोबरन सिंह के नेतृत्व में पिछले तीन दिनों से जारी है।

 

किसानों की प्रमुख मांग है कि गरीबों के आशियाने और सड़क किनारे लगे खोखों को बिना पूर्व सूचना या नोटिस के न हटाया जाए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नगर पालिका प्रशासन बिना नोटिस दिए एकतरफा आदेश जारी कर रहा है, जिससे गरीब और छोटे दुकानदारों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। किसानों का कहना है कि सड़क किनारे खोखे लगाकर जीवनयापन करने वाले 28 दुकानदारों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि अवैध अतिक्रमण हटाना आवश्यक है, तो यह कार्रवाई महाराणा प्रताप चौक से लेकर तहसील तक समान रूप से की जाए, न कि किसी एक वर्ग या क्षेत्र के साथ भेदभाव किया जाए।

किसानों ने प्रशासन पर सौतेला व्यवहार अपनाने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि सभी कदम उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप, मानवीय और कानून सम्मत होने चाहिए।

इस धरने में नाथूराम, रामसेवक शर्मा, लेखराज, भगवान सिंह, राशिद, ओमकार सिंह, नहीम, सुनील, मुहम्मद कासिम, आफताब, प्रमोद सहित दर्जनों किसान और दुकानदार शामिल हैं।

 

 

एटा के गांव रामरायपुर में एक साल से सफाईकर्मी नहीं, ग्रामीणों ने स्वयं की सफाई

 

एटा 02 जनवरी उप्रससे। जनपद के जलेसर ब्लॉक की ग्राम पंचायत बेरनी के रामरायपुर गांव में स्वच्छता की स्थिति गंभीर बनी हुई है। पिछले एक साल से गांव में कोई सफाईकर्मी नहीं आया है, जिसके कारण नालियां चोक हो गई हैं और चारों ओर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। सरकारी तंत्र की इस अनदेखी से परेशान ग्रामीणों ने स्वयं सफाई अभियान चलाकर विरोध प्रदर्शन किया।

 

ग्रामीणों का आरोप है कि सफाईकर्मी की नियुक्ति के बावजूद वह पिछले एक साल से अनुपस्थित है। इस स्थिति के कारण गांव की नालियां कचरे से भर गई हैं और सड़कों पर कीचड़ जमा हो गया है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। ब्लॉक कार्यालय में बार-बार शिकायत करने के बावजूद अधिकारियों ने इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया, जिससे उनमें गहरा रोष है।

शुक्रवार को रामरायपुर के ग्रामीण हाथों में झाड़ू और फावड़ा लेकर सड़कों पर उतरे। उन्होंने श्रमदान कर गांव की नालियों की सफाई की और मुख्य मार्गों से कचरा हटाया। इस दौरान ग्रामीणों ने अनुपस्थित सफाईकर्मी की लापरवाही के खिलाफ नारेबाजी की और प्रशासन की उदासीनता पर सवाल उठाए।

इस अवसर पर भारतीय किसान यूनियन (किसान) के प्रदेश महासचिव प्रत्येन्द्र शाह सिसोदिया भी उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारी वेतन ले रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर काम नहीं हो रहा है। सिसोदिया ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही गांव में सफाई व्यवस्था बहाल नहीं की गई और दोषी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो यूनियन एक बड़ा आंदोलन शुरू करने पर विवश होगी। इस सफाई अभियान और प्रदर्शन में ईमान सिसोदिया, रमन सिसोदिया, लोकेंद्र शाह, विवेक चौहान, अमित चौहान, करन ठाकुर सहित दर्जनों ग्रामीण प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

 

वर्जन

खंड विकास अधिकारी पीएस आनंद ने बताया कि सफाई को लेकर ग्रामीणों द्वारा समस्या से अवगत नहीं कराया गया है लेकिन गांव में टीम भेज कर सफाई करायी जाएगी।

 

शिवम फाउंडेशन द्वारा आयोजित राइटिंग कंटेस्ट में 300 बच्चों ने दिखाई प्रतिभा

प्रतापगढ़। शिवम फाउंडेशन द्वारा एक प्रेरक राइटिंग कंटेस्ट का आयोजन किया, जिसमें प्रतापगढ़ जनपद श्री कृष्ण बालिका माध्यमिक विद्यालय के लगभग 300 छात्रों ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता में दो महत्वपूर्ण विषयों पर लेखन किया गया: पहला, “विजन 2047 प्रतापगढ़,” जो कि हमारे शहर के भविष्य की योजना और विकास की दिशा को दर्शाता है, और दूसरा, “खेलों का महत्व,” जिसमें छात्रों ने खेलों के सामाजिक, शारीरिक और मानसिक लाभों पर प्रकाश डाला। प्रतियोगिता में छात्रों ने अपनी रचनात्मकता और गहन समझ का प्रदर्शन किया। टॉप 10 छात्रों को उनके उत्कृष्ट लेखन के लिए प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया, जबकि सबसे बेहतरीन लेखन करने वालों को विशेष पुरस्कार भी दिए गए। इस आयोजन का उद्देश्य न सिर्फ बच्चों के लेखन कौशल को निखारना था, बल्कि उन्हें समाज और खेलों के महत्व के बारे में जागरूक करना भी था।इस तरह के आयोजन बच्चों को उनके सपनों को साकार करने और रचनात्मक दृष्टिकोण को विकसित करने में मदद करते हैं। शिवम फाउंडेशन का लक्ष्य है कि भविष्य में भी ऐसे आयोजन होते रहें, ताकि बच्चे समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।इस अवसर पर प्रमाण पत्र का वितरण भारतीय जनता पार्टी के सदर विधायक के प्रतिनिधि, अरुण मौर्य जी,प्रधानाध्यापक प्रमोद मिश्रा,संस्था के सचिव शिवम् जायसवाल, मनोज सरोज,प्रोजेक्ट को-ऑर्डिनेटर  श्रेया निर्मल, रेनू पाल,अंकुर श्रीवास्तव,प्रदीप यादव, राहुल मौर्य व समस्त विद्यार्थी मौजूद रहे
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