Web News

www.upwebnews.com

अविमुक्तेश्वरानंद प्रकरण में high court में तीखी बहस, अग्रिम जमानत पर सुनवाई

February 27, 2026

अविमुक्तेश्वरानंद प्रकरण में high court में तीखी बहस, अग्रिम जमानत पर सुनवाई

Posted on 27.02.2026 Friday Time 08.26 PM, Allahabad High court, Avimukteshveranand

 

प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट में नाबालिगों के साथ यौन शोषण के मामले में दर्ज एफआईआर से जुड़ी अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस देखने को मिली। सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने याचिका की पोषणीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि अग्रिम जमानत के लिए सीधे हाईकोर्ट आना सामान्य प्रक्रिया नहीं है और इसके लिए असाधारण परिस्थितियों का होना जरूरी है। उन्होंने इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला भी दिया।
वहीं शंकराचार्य की ओर से पेश अधिवक्ता ने दलील दी कि पीड़ित की ओर से मुकदमा एक संरक्षक के जरिए दर्ज कराया गया है, जबकि उसके माता-पिता या वास्तविक अभिभावकों का कोई स्पष्ट पता नहीं है। इस पर कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यह कोई अनिवार्य बाधा नहीं है कि अग्रिम जमानत के लिए सीधे हाईकोर्ट न आया जाए।
शंकराचार्य के वकील ने यह भी कहा कि पहले 18 जनवरी को अमावस्या के दिन मारपीट से जुड़ी एक अर्जी दी गई थी, जिस पर केस दर्ज नहीं हुआ। इसके बाद पॉक्सो एक्ट के तहत अर्जी दाखिल की गई, जिससे पूरे मामले में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मुकदमा साजिश के तहत और किसी दबाव में दर्ज कराया गया है।
अधिवक्ता ने यह आरोप भी लगाया कि शंकराचार्य के खिलाफ केस दर्ज कराने वाला व्यक्ति खुद हिस्ट्रीशीटर है, जिस पर गौहत्या, दुष्कर्म और हत्या जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं और वह 25 हजार रुपये का इनामी है। साथ ही सवाल उठाया गया कि नाबालिगों को अब तक बाल कल्याण समिति के समक्ष क्यों नहीं प्रस्तुत किया गया और उनके माता-पिता कहां हैं। इस पर कोर्ट ने सरकार के अधिवक्ता से स्पष्ट पूछा कि बच्चे इस समय कहां हैं।
शंकराचार्य की ओर से विवेचना पर भी गंभीर सवाल खड़े किए गए। कहा गया कि जिन बच्चों को पेश किया गया है, उनकी मार्कशीट हरदोई की है और वे वहां के संस्थागत छात्र हैं। यह भी दलील दी गई कि पूरा विवाद मौनी अमावस्या से शुरू हुआ और यह सब सरकार की ओर से प्रायोजित प्रतीत होता है। बच्चों का मेडिकल परीक्षण भी कथित तौर पर करीब एक माह बाद कराया गया।
सरकार की ओर से जवाब दिया गया कि बच्चों को बाल कल्याण समिति के माध्यम से उनके माता-पिता को सौंप दिया गया है।
इससे पहले शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सुनवाई को लेकर बयान देते हुए कहा कि कोर्ट में झूठ की कलई खुल जाएगी। उन्होंने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए कहा कि झूठी कहानियां बनाकर कब तक लोगों को बरगलाया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश पुलिस भी उन्हें संरक्षण दे रही है और बच्चों के साथ कुकर्म से जुड़ी मेडिकल रिपोर्ट तथा दोषियों को साबित करना सरकार की जिम्मेदारी है।

चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रही है पत्रकारिता-चिन्मय पंडया

प्रैस क्लब मंे किया व्याख्यान माला का आयोजन
हरिद्वार, 27 फरवरी। हिंदी पत्रकारिता के दौ सौ वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में प्रैस क्लब में आयोजित किया जा रहे हिंदी पत्रकारिता दिशताब्दी समारोह के तहत शुक्रवार को प्रैस क्लब सभागार में व्याख्यान माला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथी देव संस्कृति विवि के प्रतिकुलपति डा.चिन्मय पंडया, मुख्य वक्ता नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट इंडिया के राष्ट्रीय महासचिव प्रदीप कुमार तिवारी, निरंजनी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रामरतन गिरी, प्रेस क्लब अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी एवं महामंत्री दीपक मिश्रा ने दीप प्रज्वलित कर किया। वरिष्ठ पत्रकार कौशल सिखोला, रजनीकांत शुक्ला, संजय आर्य, संदीप रावत ने स्मृति चिन्ह, रूद्राक्ष की माला एवं गंगाजली भेंटकर अतिथीयों का स्वागत किया।
मुख्य अतिथि देव संस्कृति विश्वविद्यालय शांतिकुंज के प्रतिकुलपति डा.चिन्मया पंड्या ने हिंदी पत्रकारिता के दौ सौ वर्ष पूरे होने की बधाई देते हुए कहा कि पत्रकारिता चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रही है। अघोषित चुनौती और विषम परिस्थितियों में पत्रकारों को कार्य करना पड़ता है। पत्रकारिता के दो धर्म हैं। एक गुस्सा भड़काता और दूसरा संवेदना जगाता है। पत्रकार लोगों में संवेदना जगाएं।
एनयूजेआई के राष्ट्रीय महामंत्री प्रदीप कुमार तिवारी ने कहा कि पत्रकारों की परिस्थिति बहुत चिंताजनक है। पत्रकारिता का दमन हो रहा है। प्रिंट मीडिया तथ्य के आधार पर खबर छपता है। लेकिन सोशल मीडिया इससे बहुत दूर है और सनसनी फैलाता है। उन्होंने कहा कि सरकार पत्रकारों और उनके परिवार के प्रति गंभीर नहीं है। एआई के आने से संस्थानों पत्रकारों की संख्या घटेगी। इसलिए पत्रकारों के हितों के लिए आयोग का गठन किया जाना चाहिए। निरंजनी अखाड़ा के सचिव श्रीमहंत रामरतन गिरी ने कहा कि अच्छी पत्रकारिता कभी समाप्त नहीं हो सकती। पत्रकारों को सच दिखाना चाहिए।
प्रैस क्लब अध्यक्ष धर्मेन्द्र चौधरी एवं महामंत्री दीपक मिश्रा ने कहा कि सभी अतिथीयों का आभार व्यक्त करते हुए हिंदी पत्रकारिता के दौ सौ वर्ष पूरे होने पर आयोजित किए जा रहे द्विशताब्दी समारोह के अंतर्गत आयोजित किए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों में हिंदी पत्रकारिता और पत्रकारों के समक्ष चुनौतियों आदि विषयों पर गहन चिंतन मनन किया जा रहा है। जिसका लाभ पत्रकारिता और पत्रकारों को मिलेगा।
इस अवसर पर सुनील दत्त पांडे, रामचंद्र कन्नौजिया, राहुल वर्मा, काशीराम सैनी, आशु शर्मा, अविक्षित रमन, देवेंद्र शर्मा, श्रवण कुमार झा, बालकृष्ण शास्त्री, सागर जोशी, नरेश दीवान शैली, राहुल चौहान, शिवकुमार शर्मा, राधेश्याम विद्याकुल, प्रशांत शर्मा, विकास झा, डा.हिमांशु द्विवेदी, विकास चौहान, दयाशंकर वर्मा, कुमकुम शर्मा, सुनील शर्मा, प्रतिभा वर्मा, शिवा अग्रवाल, गुलशन नैयर, सुभाष कपिल, शैलेंद्र ठाकुर, विजेंद्र हर्ष, रतनमणि डोभाल, दीपक नौटियाल, आदेश त्यागी, रजनीकांत शुक्ला, महेश पारिख, तनवीर अली, रामचंद्र कन्नौजिया, अमरीश कुमार, लव कुमार शर्मा, आदि सहित बड़ी संख्या में पत्रकारों के साथ कमला जोशी, प्रदीप चौधरी, विजयपाल बघेल, डा.विशाल गर्ग, संतोष चौहान, जगदीश लाल पाहवा, अंजू द्विवेदी, ऋषि शर्मा, पार्षद परमिंदर सिंह गिल आदि अतिथी मौजूद रहे।

Journalism is going through a challenging phase – Chinmay Pandya

Posted on 27.02.2026 Friday Time 08.20 PM Report by our Correspondent Ram Chandra Kannojia, Hardwar, Uttarakhand 

Haridwar, 27 February. As part of the Hindi Journalism Dishatabdi celebrations being held at the Press Club to commemorate two hundred years of Hindi journalism, a lecture series was held at the Press Club auditorium on Friday. The programme was inaugurated by the Chief Guest, Dr. Chinmoy Pandya, Chief Speaker National Union of Journalists India National General Secretary Pradeep Kumar Tiwari, Niranjani Akhara Secretary Shri Mahant Ramratan Giri, Press Club President Dharmendra Chaudhary and General Secretary Deepak Mishra lit the lamp. Senior journalists Kaushal Sikola, Rajnikant Shukla, Sanjay Arya, Sandeep Rawat welcomed the guests by presenting mementos, garlands of Rudraksh and Gangajali. Chief Guest Dev Sanskriti Vishwavidyalaya Shantikunj Pratikul

होली से पहले विरासत गलियारे से हर हाल में हटे मलबा : मंडलायुक्त*

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
27/02/2026

10 करोड़ से अधिक लागत की निर्माण परियोजनाओं की समीक्षा, कार्यों में तेजी लाने के निर्देश*

गोरखपुर। मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने आयुक्त सभागार में 10 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली विभिन्न निर्माण परियोजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित कर संबंधित विभागों के अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान लोक निर्माण विभाग द्वारा कराए जा रहे विरासत गलियारा निर्माण कार्य की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि आगामी होली पर्व के दौरान निकलने वाली शोभायात्रा को देखते हुए गलियारे में पड़े समस्त मलबे को हर हाल में आज शाम तक हटाया जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में आ रही सभी समस्याओं का तत्काल समाधान कर कार्य की प्रगति सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मंडलायुक्त ने नौसड़–पैडलेगंज 6 लेन मार्ग, जिला जेल बाईपास, एच.एन. सिंह चौराहे से गोरखनाथ मंदिर तक प्रस्तावित 2/4 लेन सड़क निर्माण सहित अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़कों के निर्माण पूर्ण होने से शहरवासियों को बेहतर और सुगम आवागमन की सुविधा प्राप्त होगी।
सेतु निगम के अधिकारियों से निर्माणाधीन पुलों की प्रगति की जानकारी लेते हुए मंडलायुक्त ने अवशेष कार्यों को शीघ्र पूरा कराने पर जोर दिया। इसके साथ ही एसएसएफ मार्ग, रामजानकी मार्ग, भटहट–बांसस्थान फोरलेन, गोरखपुर–पिपराईच फोरलेन सहित विभिन्न सड़क परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी दीपक मीणा, नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल, प्रभागीय वनाधिकारी विकास यादव, अपर जिलाधिकारी (वित्त) विनीत सिंह, मुख्य राजस्व अधिकारी हिमांशु वर्मा, उपजिलाधिकारी सदर दीपक गुप्ता सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

पत्रकार अग्निवेश सिंह की मौत पर जिला अस्पताल में उमड़ा पत्रकारों का जनसैलाब*

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
27/02/2026

*दोषियों व लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग, मेडिकल टीम गठित कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव*

गोरखपुर। बांसगांव क्षेत्र में नाली विवाद के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब के आजीवन सदस्य अग्निवेश सिंह की मौत के बाद जिला अस्पताल परिसर में शोक और आक्रोश का माहौल देखने को मिला। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में पत्रकार जिला अस्पताल पहुंच गए और पूरे मामले की विधिक प्रक्रिया को स्वयं निगरानी में पूरा कराया।
गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब के अध्यक्ष ओंकार धर द्विवेदी, उपाध्यक्ष धनेश, मंत्री पंकज श्रीवास्तव, संयुक्त मंत्री महेंद्र गौड़, कोषाध्यक्ष दुर्गेश यादव, सदस्य डॉ. मनोज मिश्रा, रजनीश त्रिपाठी , संतोष कुमार सिंह सहित मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति के अध्यक्ष अरविंद राय, पूर्व अध्यक्ष रितेश मिश्रा, वरिष्ठ पत्रकार टी.पी. शाही, रामचंद्र शाही, राजू सैनी, राजेश कुमार, शिवहर्ष द्विवेदी प्रिंस पांडेय वेद पाठक निखलेश प्रताप समेत तमाम पत्रकार जिला अस्पताल पहुंचे।
पत्रकारों की मौजूदगी में मृतक अग्निवेश सिंह के शव का पंचनामा कराया गया तथा आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव को पोस्टमार्टम हेतु बीआरडी मेडिकल कॉलेज भेजा गया। पत्रकार प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) से वार्ता कर मेडिकल टीम गठित कराए जाने की मांग की, जिस पर तत्काल संज्ञान लेते हुए मेडिकल टीम का गठन किया गया और शव को पोस्टमार्टम हाउस रवाना किया गया।
इस दौरान जिला अस्पताल परिसर में पत्रकारों का भारी हुजूम मौजूद रहा। सभी ने एक स्वर में घटना की निष्पक्ष जांच, आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी तथा पूर्व में दिए गए प्रार्थना पत्रों पर कार्रवाई न करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की मांग उठाई।
पत्रकारों ने कहा कि यदि समय रहते प्रशासन द्वारा शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई की गई होती तो आज एक सक्रिय पत्रकार को अपनी जान नहीं गंवानी पड़ती। उन्होंने चेतावनी दी कि दोषियों एवं लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो पत्रकार समाज आंदोलन के लिए बाध्य होगा इस दुखद घटना से पत्रकार जगत में शोक व्याप्त है।

Gorakhpur. A pall of gloom descended on the district hospital premises following the death of Agnivesh Singh, a life member of the Gorakhpur Journalists Press Club, who was critically injured during a drain dispute in the Bansgaon area. As soon as the news of the incident was received, a large number of journalists reached the district hospital and completed the legal process of the entire case under their own supervision. Gorakhpur Journalists Press Club President Onkar Dhar Dwivedi, Vice President Dhanesh, Minister Pankaj Srivastava, Joint Minister Mahendra Gaur, Treasurer Durgesh Yadav, Members Dr. Manoj Mishra, Rajneesh Tripathi, Santosh Kumar Singh, President of Recognized Journalists Committee Arvind Rai, Former President Ritesh Mishra, Senior Journalist T. P. Shahi, Ramchandra Shahi, Raju Saini, Rajesh Kumar, Shivharsh Dwivedi Pandey Prince Ved Pathak Nikhlesh Pratap and many journalists reached the district hospital.

« Newer PostsOlder Posts »