हत्यारोपी बोला-वह मेरी बात नहीं मान रही थी….मेरी थी मैंने ही मार दी
Posted on 05.02.2026 Thursday, Time 08.51 PM, Amroha News
अमरोहा,05 फरवरी । पचौकरा गांव में विवाहिता रूबी की हत्या प्रेम प्रसंग के चलते की गई थी। पूछताछ के दौरान आरोपी धीरज ने सारी कहानी पुलिस को बताई है। तीन साल से चल रहे प्रेम प्रसंग में अब रूबी ने उससे बात करना बंद कर दिया था। बार-बार वह रूबी से बात करने का दबाव बना रहा था। इससे क्षुब्ध होकर धीरज ने उसकी हत्या कर दी थी।
देहात थाना क्षेत्र के गांव पचौकरा में रहने वाले मजदूर नरेंद्र सिंह की पत्नी रूबी की बुधवार दोपहर गांव के ही राशन डीलर ब्रजपाल सिंह के बेटे धीरज ने चाकू घोप कर हत्या कर दी थी। वह गांव में ही एक वैवाहिक कार्यक्रम से खाना खाकर घर लौट रही थी। जब वह धीरज के घर के पास पहुंची थी तो उसने रास्ते में रोक कर रूबी से बात करने का प्रयास किया था तथा विरोध करने पर चाकू से हमला कर हत्या कर दी थी।
घटना के बाद गांव में तनाव बन गया था। मृतका के परिजनों व गांव के लोगों ने धीरज के घर में तोडफ़ोड़ की थी। पुलिस से भी तीखी नोकझोंक हुई थी। देर शाम तक हंगामा होता रहा था। वहीं जिस समय धीरज ने घटना को अंजाम दिया था उसी समय उसका बड़ा भाई नीरज भी वहां पहुंच गया था। वह धीरज को पकड़ कर घर में ले गया था तथा कमरे में बंद कर लिया था।
जिसे पुलिस ने लोगों के आक्रोश के बीच वर्दी पहना कर वहां से निकाला था। पूछताछ के दौरान धीरज ने हत्या का कारण स्पष्ट किया। एसपी अमित कुमार ने बताया कि धीरज व रूबी के बीच तीन साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। परंतु चार महीना से रूबी ने उससे बात करना बंद कर दी थी। जिससे धीरज क्षुब्ध था। वह बार-बार उस पर बात करने का दबाव बना रहा था।
परंतु रूबी ने परिवार की बदनामी के चलते उससे बात करने से इन्कार कर दिया था। बताया कि इसी वजह से धीरज ने रूबी की हत्या की है। मृतका के पति नरेंद्र की तहरीर पर धीरज व उसके भाई नीरज के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर दोनों को जेल भेज दिया है। घटना में प्रयुक्त चाकू भी बरामद कर लिया है।
कई दिन से तलाश में था धीरज
धीरज प्रेमिका रूबी की हत्या करने की फिराक में कई दिन से था। वह लगातार उस पर नजर रख रहा था। परंतु उसे मौका नहीं मिल रहा था। बुधवार को जब रूबी दावत खाने गुड्डू के घर गई थी तो भी धीरज की नजर में थी। वहां से वापस लौटते समय लगभग सौ मीटर तक उसने पीछा किया तथा रूबी को रोक कर बात करने का प्रयास किया था। परंतु रूबी रास्ते में नहीं रूकी तो उसने घर के सामने पहुंचते ही उसकी हत्या कर दी।
धीरज को नहीं किए पर अफसोस
रूबी के हत्यारोपी धीरज को अपने किए पर अफसोस नही है। हालांकि पुलिस सूत्र बताते हैं कि बुधवार को ही उसने पुलिस अधिकारियों से कह दिया था कि वह मेरी बात नहीं मान रही थी। मेरी थी मैंने ही मार दी। इसका कोई अफसोस नहीं है। यही स्थिति गुरुवार को भी रही। जब आरोपी भाइयों को पुलिस अदालत में पेश करने जा रही थी तो धीरज के चेहरे पर कोई अफसोस नहीं था। वह कई बार मुस्कुराया।
विरोध के बीच अंतिम संस्कार के लिए भेजा शव
रूबी की हत्या के बाद गांव पचौकरा का माहौल बदला हुआ है। जहां एक तरफ आरोपियों के घरों पर ताला लटका है वहीं सुरक्षा के लिहाज से गांव में पुलिस बल तैनात है। गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद जब रूबी का शव गांव लाया गया तो परिजनों ने आक्रोश जताया। परंतु इसी आक्रोश के बीच पुलिस ने उन्हें समझा कर शव अंतिम संस्कार के लिए भेजा।

