देहरादून, 09 जनवरी 2026, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता भंडारी हत्याकाण्ड में सीबीआई जांच की संस्तुति कर दी है। उन्होंने आज अपनी संस्तुति रिपोर्ट केन्द्र सरकार को भेज दी है। अब केन्द्र सरकार इस पर निर्णय लेकर सीबीआई को भेजेगी।
अंकिता भंडारी हत्याकाण्ड पर पिछले करीब 20 दिन से घमासान मचा हुआ है। पूरे उत्तराखंड में इस मामले की नए सिरे से गूंज हो रही है। लोगों की जनभावनाओं और अंकिता भंडारी के माता पिता की इच्छा पर प्रदेश सरकार ने फैसला ले लिया है। हालांकि अभी दो दिन पहले ही जब अंकिता के माता पिता से मुख्यमंत्री धामी मिले थे तो उन्होंने आश्वासन दे दिया था कि वे जो चाहें वही फैसला होगा। तभी से लगने लगा था कि मुख्यमंत्री मामले की सीबीआई जांच की संस्तुति की मन बना चुके हैं।
मामला पिछली 24 जनवरी से चर्चा से एक बार फिर चर्चा में आया था। जब हरिद्वार के ज्वालापुर के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की स्वयं को पत्नी बताने वाली उर्मिला सनावर ने आडियो जारी कर कहा था कि अंकिता की हत्या में दो वीआईपी भी इंवाल्व हैं। इसके बाद से ही इस मामले ने तूल पकड़ लिया था। बाद में उर्मिला सनावर ने दो वरिष्ठ नेताओं के नाम भी जारी किये।
उधर पर्वतीय क्षेत्र की जनता की भावना को देखते हुए कांग्रेस ने इस मामले में राजनीति शुरु कर दी। उसे लगा कि यह प्रदेश सरकार और भाजपा को घेरने का बड़ा मुद्दा है। इसीलिए कांग्रेस ने आंदोलन शुरु कर दिया। पहले देहरादून में मार्च निकाला और फिर बंद का आह्वान कर दिया। हालांकि सरकार ने आनन फानन में एक एसआईटी की गठन कर दिया था। किन्तु इससे मामला शांत नहीं हो रहा था और सीबीआई जांच का दवाब बढ़ता चला जा रहा था।
ज्ञातव्य है अंकिता भंडारी ऋषिकेश के वनन्तरा रिजार्ट में रिसेप्शनिस्ट थी। 18 सितम्बर 2022 को उसकी हत्या कर दी गई थी। उसका शव एक हफ्ते बाद एक नहर से बरामद हुआ था। मामले में रिजोर्ट के मालिक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था। उन्हें निचली अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

