*मुरादाबाद से भी था मोहसिना किदवई का गहरा जुड़ाव*
-चुनाव के दौरान कई बार मुरादाबाद में जनसभा में लिया हिस्सा, प्रचार किया
-कांग्रेस नेता के असद मौलाई के पिता पूर्व विधायक स्व राहत मौलाई को श्रद्धांजलि कार्यक्रम में भी हुईं शामिल
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Wednesday Moradabad
Rajesh Bhatia
मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
कांग्रेस की दिग्गज व पूर्व केंद्रीय मंत्री मोहसिना किदवई के निधन से कांग्रेसियों में शोक की लहर दौड़ गई। मेरठ समेत कई क्षेत्रों से सांसद रहीं मोहसिना किदवई का मुरादाबाद से भी जुड़ाव रहा। चुनाव प्रचार हो या अन्य कार्यक्रम, सभी में मोहसिना ने हिस्सा लिया। मुरादाबाद से पूर्व विधायक और स्वतंत्रता सेनानी राहत मौलाई को श्रद्धांजलि कार्यक्रम में वह शामिल हुईं। बुधवार को निधन की खबर से कांग्रेस व संगठनों में श्रद्धांजली अर्पित की।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में अर्से तक प्रमुख चेहरा रहीं बाराबंकी की निवासी मोहसिना किदवई का मुरादाबाद की राजनीति में भले ही सीधा संबंध न हो पर यहां कई बार सियासी व पारिवारिक कार्यक्रमों में जुड़ने से उनका यहां गहरा जुड़ाव रहा। चुनाव प्रचार अभियान में उन्होंने
मुरादाबाद के अलावा कांठ क्षेत्रों में कई बार चुनावी सभाएं कर कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया। चुनाव दौरान कई बार मुरादाबाद में दौरे किए। सन् 1980 में कांग्रेस सांसद रहे हाफिज मोहम्मद सिद्दीक के चुनाव में भी मोहसिना मुरादाबाद आई और चुनावी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। यहां सिद्दीक के अलावा पूर्व विधायक रहे स्व राहत मौलाई परिवार से भी उनका गहरा लगाव रहा। मुरादाबाद शहर कांग्रेस अध्यक्ष रहे असद मौलाई पुराने दिनों को याद करते हैं। उनका कहना है कि मोहसिना किदवई कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष भी रहीं। मोहसिना किदवई ने तब पहला लोकसभा आजमगढ़ में उपचुनाव जीता। तब जनता पार्टी की सरकार का गठन हुआ। 1977 में राम नरेश यादव ने सीट से इस्तीफा दिया था। 1978 में खाली सीट पर कांग्रेस से सीट जीतकर पार्टी की साख बचाईं। इसके बाद मेरठ से 1980 व 84 में सांसद बनी। कांग्रेस नेता का कहना है कि प्रदेश कांग्रेस की अध्यक्ष बनने के दौरान कांग्रेसियों से उनका सीधा जुड़ाव रहा। पिता राहत मौलाई के जन्मदिन पर नगर निगम के सभागार में हुए श्रद्धांजलि कार्यक्रम में भी उन्होंने हिस्सा लिया था। उनके कार्यक्रम में शिरकत और चुनावी प्रचार की यादें आज भी जेहन में है।


