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267 करोड़ के फर्जी बिलों का मास्टरमाइंड आगरा से गिरफ्तार

February 28, 2026

267 करोड़ के फर्जी बिलों का मास्टरमाइंड आगरा से गिरफ्तार

  • जीएसटी का फर्जी क्लैम हासिल करने में आरोपी
  • आरोपी से 11 मोबाइल, 12 एटीएम समेत इलेक्ट्रॉनिक, बैंकिंग सामग्री बरामद
  • शनिवार को एसपी क्राइम ने प्रेस को दीं जानकारी

Posted on 28.02.2026 Saturday, Time 06.12 PM , Rajesh Bhatia UP Samachar Sewa, Moradabad

Mastermind behind Rs 267 crore fake bills arrested in Agra

मुरादाबाद,28 फरवरी(उप्र समाचार सेवा)।
फर्मों के नाम पर फर्जी बिलों से जीएसटी चोरी के मास्टरमाइंड को आगरा से गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार पुनीत पर फर्जी फर्मों से करोड़ों की जीएसटी का हेरफेर कर लिया। अभी आरोपी के तीन खातों के खुलासे में 267 करोड़ रुपए की जीएसटी चोरी का भेद खुला है। आरोपी के कब्जे से 11 मोबाइल, 12 एटीएम समेत चेकबुक व इलेक्ट्रॉनिक आदि उपकरण बरामद किया गया है।
शनिवार को एसपी क्राइम सुभाष चंद्र गंगवार व विभागीय अधिकारियों मामले का खुलासा किया।
मामले में राज्य कर विभाग रेंज-बी मुरादाबाद के प्रधान सहायक आदित्य प्रताप सिंह ने अल जजा ट्रेडर्स के खिलाफ 1.20 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी का मुकदमा कायम कराया।
एसपी क्राइम ने बताया कि जीएसटी चोरी के दर्ज मुकदमे की जांच शुरू हुईं।जिस पर फर्मों के बिलों के आधार पर करोड़ों के फर्जी जीएसटी चोरी क्लैम का भेद खुला।इस मामले में आरोपी पुनीत को आगरा से गिरफ्तार किया गया।पता चला कि फर्जी बिलों के आधार पर जीएसटी चोरी की गई। 2019 में पुनीत ने दिल्ली में सिददीक के साथ काम शुरु किया । सिददीक ने उनके नाम से फर्में बनाकर जीएसटी चोरी का फर्जीवाड़ा किया। इसकी एवज में पुनीत को बीस हजार रुपए मिलते ।पर लाँक डाउन के बाद सिददीक ने रुपए देने बंद किए तो पुनीत ने अपने नाम फर्मों के यूजरनेम, पासवर्ड के जरिए चार और फर्मे बना ली। और फर्जी जीएसटी फर्मों के माध्यम से बिल ट्रेडिंग का कारोबार शुरू कर लिया।पुनीत फर्में बनाकर बिना माल का आदान -प्रदान किए जीएसटी का क्लैम लेता रहा।बिल केवल पोर्टल पर अपलोड होते। इन फर्मों के जरिए इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) लेकर रकम विभिन्न खातों में दिखाई जाती। बाद में नकद निकालकर कमीशन काटकर संबंधित व्यक्तियों को दे देते। शुरुआती जांच में तीन खाते सामने आए। आरके इंटरनेशल से 88 करोड़, मेघना एंटरप्राइजेज से 57 करोड़ और वान्या नामक फर्म के नाम पर 122 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ। लकड़ी के बिल दर्शाए गए। आरोपी ने 200 करोड़ रुपये के फर्जी बिल की बात कहीं है। मौके से पुलिस व विभाग को मोबाइल, एटीएम, लैपटाप,चेकबुक, पैन कार्ड आदि उपकरण व बैंकिंग सामग्री बरामद की। आरोपी से 32 किराएनामे आदि दस्तावेज भी बरामद किए हैं। शक है कि
इन दस्तावेजों का इस्तेमाल फर्जी बिलों पर जीएसटी चोरी के लिए किया गया।
एसपी क्राइम सुभाष चंद्र गंगवार ने बताया कि इस केस में अल -जजा इंटरप्राइजेज के नाम पर रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इसकी तलाश व सर्विलांस टीम ने इस फर्जीवाड़े को पकड़ा है।खातों में मौजूद छह लाख रुपये सीज किए गए हैं। मामले की पड़ताल चल रहीं हैं।