Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
26/02/2026
गोरखपुर। जनपद में मिलावटखोरी एवं असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत गुरुवार को विभिन्न औद्योगिक एवं व्यापारिक क्षेत्रों में सघन छापेमारी अभियान चलाया गया। सहायक आयुक्त (खाद्य)-II डॉ. सुधीर कुमार सिंह के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में दूषित खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई तथा कई प्रतिष्ठानों से नमूने संग्रहित किए गए।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने निरीक्षण के दौरान अलग-अलग प्रतिष्ठानों पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच की। अभियान के तहत जे.पी. ट्रेडर्स/इंडस्ट्रीज से मैदा का नमूना लिया गया। गुणवत्ता संदिग्ध पाए जाने पर कैंपियरगंज क्षेत्र में लगभग 21 हजार रुपये मूल्य का मैदा सीज किया गया।
इसी क्रम में सहजनवा क्षेत्र के भगवानपुर स्थित वैभव गृह उद्योग से ‘मोटी सेवई’ का नमूना जांच के लिए संकलित किया गया। वहीं समृद्धि इंटरप्राइजेज से कन्फेक्शनरी उत्पाद का नमूना लिया गया तथा बाजार में विक्रय के लिए उपलब्ध चाउमीन का भी नमूना गुणवत्ता परीक्षण हेतु संग्रहित किया गया।
छापेमारी के दौरान टीम को कई स्थानों पर बड़ी मात्रा में ऐसी मिठाइयां मिलीं जिनमें फफूंद लगी हुई थी तथा उनकी वैधता अवधि भी समाप्त हो चुकी थी। जनस्वास्थ्य को गंभीर खतरा मानते हुए विभागीय टीम ने लगभग 10 क्विंटल (करीब 1000 किलोग्राम) दूषित मिठाइयों को मौके पर ही नष्ट कराया। नष्ट की गई सामग्री की अनुमानित कीमत करीब दो लाख रुपये बताई गई है।
सहायक आयुक्त (खाद्य) डॉ. सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि अभियान के दौरान लिए गए सभी नमूनों को परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि आमजन के स्वास्थ्य के साथ किसी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जिले में ऐसे अभियान निरंतर जारी रहेगा।
