मथुरा। ब्रज क्षेत्र में होली का उत्साह चरम पर है। गुरुवार को नंदगांव और रावल में पारंपरिक ढंग से होली का आयोजन हुआ, जिसमें देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
नंदगांव में हुरियारों का स्वागत
नंदगांव, जो भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं की स्थली माना जाता है, वहां लट्ठमार होली की परंपरा पूरे उत्साह के साथ निभाई गई। बरसाना से आए हुरियारों का नंदगांव की हुरियारिनों ने पारंपरिक अंदाज में स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों, रासिया गायन और “होरी खेलन आए नंदलाल” जैसे भजनों के बीच वातावरण भक्तिमय बना रहा।
नंदभवन परिसर में श्रद्धालुओं पर गुलाल और फूलों की वर्षा की गई। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर प्रशासन और पुलिस बल तैनात रहा तथा जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई।
रावल में राधारानी की स्मृति में होली
वहीं राधारानी की जन्मस्थली रावल में भी होली का विशेष आयोजन हुआ। मंदिरों में विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं ने फूलों और अबीर-गुलाल से होली खेली। महिलाओं ने पारंपरिक गीत गाकर वातावरण को ब्रजमय बना दिया।
रावल में आयोजित फूलों की होली आकर्षण का केंद्र रही। मंदिर प्रांगण में भक्तों ने “राधे-राधे” के जयकारों के बीच रंगोत्सव का आनंद लिया।
प्रशासन रहा मुस्तैद
दोनों स्थानों पर जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष व्यवस्था की गई। अधिकारियों ने मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
ब्रज की होली की यह अनूठी परंपरा श्रद्धा, उल्लास और सांस्कृतिक विरासत का अद्भुत संगम प्रस्तुत करती है, जिसे देखने के लिए हर वर्ष हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।

