Santoah kumar singh
Gorakhpur
25/02/2026
*गोरखपुर।* टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के आह्वान पर विकास खंड कौडीराम के परिषदीय शिक्षकों ने टीईटी अनिवार्यता के विरोध में काली पट्टी बांधकर विद्यालयों में शिक्षण कार्य किया। शिक्षकों ने कहा कि टीईटी लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों पर इसे थोपना अन्यायपूर्ण है।
शिक्षक नेता बशिष्ठ त्रिपाठी ने कहा कि पूरे देश में 1 अप्रैल 2010 तथा उत्तर प्रदेश में 27 जुलाई 2011 को शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने से पूर्व जारी शासनादेश के तहत नियुक्त शिक्षकों पर अब टीईटी लागू करना न्यायसंगत नहीं है।
महेन्द्र नाथ चतुर्वेदी ने कहा कि 20–25 वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों को, जो पहले से निर्धारित योग्यता के आधार पर चयनित हैं, दोबारा परीक्षा के दायरे में लाना गलत है। वहीं श्याम प्रताप सिंह ने 50–55 वर्ष के शिक्षकों पर नई परीक्षाएं थोपने को अनुचित बताया।
राधेश्याम यादव ने कहा कि सभी शिक्षक इस मनमानी का विरोध करेंगे।
प्रीति सिंह ने सरकार और न्यायालय से इस मामले में पुनर्विचार की मांग की। सुषमा मणि त्रिपाठी और नौशाद आलम ने कहा कि सभी मान्यता प्राप्त संगठनों का एक मंच पर आकर विरोध करना सराहनीय कदम है।
शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आगे आंदोलन को और तेज किया
