जयन्त चौधरी ने सौंपे नियुक्ति पत्र
बोले-अमरोहा में अपार संभावनाएं हैं यहां कि उद्यमशील सोच और मेहनती युवा आबादी इसकी पहचान
गजरौला। केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्यमंत्री जयन्त चौधरी ने अमरोहा कौशल महोत्सव में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सरकार जमीनी स्तर पर कौशल को रोजगार से जोडऩे के लिए लगातार काम कर रही है। भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय द्वारा आयोजित कौशल महोत्सव को अमरोहा और आसपास के जिलों के युवाओं से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। लगभग 4,000 उम्मीदवार इंटरव्यू (साक्षात्कार) के लिए पहुंचे। विभिन्न क्षेत्रों में 2,400 से अधिक उम्मीदवारों का चयन किया गया और उन्हें नौकरी की पेशकश की गई। कार्यक्रम में 55 से अधिक कंपनियों ने भाग लिया, जिन्होंने ऑटोमोबाइल, लॉजिस्टिक्स, हेल्थकेयर, बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं व बीमा, मैन्युफैक्चरिंग, रिटेल और सेवा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में अवसर उपलब्ध कराए। यह कार्यक्रम एक सिंगल-विंडो मंच के रूप में आयोजित किया गया, जहां युवाओं को नौकरी, अप्रेंटिसशिप और करियर मार्गदर्शन की सुविधा एक ही जगह मिली। यह मंत्रालय की परिणाम आधारित कौशल प्रशिक्षण पर जोर को दर्शाता है।
अपने संबोधन में श्री चौधरी ने कहा, “चौधरी अजित सिंह की जयंती पर हम ग्रामीण भारत और उसके युवाओं की ताकत में उनके अटूट विश्वास को नमन करते हैं। अमरोहा में अपार संभावनाएं हैं यहां की उद्यमशील सोच और मेहनती युवा आबादी इसकी पहचान है। आज 4,000 से अधिक युवाओं की भागीदारी उनके सपनों और काम के लिए उनकी तैयारी को दिखाती है। कौशल महोत्सव जैसे मंच प्रतिभा और अवसर के बीच की दूरी को कम करने में अहम भूमिका निभाते हैं। ये उद्योगों को युवाओं तक लाते हैं, जिससे उन्हें नौकरी, अप्रेंटिसशिप और करियर मार्गदर्शन के लिए काम की तलाश में बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ती। बोले, “मैं अमरोहा के युवाओं से आग्रह करता हूं कि वे — स्किलिंग फॉर एआई रेडीनेस जैसी पहलों के माध्यम से अपने कौशल को लगातार निखारते रहें, ताकि वे नई तकनीक से जुड़ी नौकरियों के लिए तैयार हो सकें। उन्हें इंडिया स्किल्स प्रतियोगिता के क्षेत्रीय चरणों में भी भाग लेना चाहिए, जो हर दो साल में आयोजित होते हैं, जहां अमरोहा जैसे जिलों के प्रतिभाशाली युवा राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व भी कर सकते हैं। आज कौशल विकास का मतलब है स्थानीय प्रतिभा को आगे बढ़ाना और वैश्विक स्तर पर आत्मविश्वास बनाना। ऐसे मंचों के जरिए ही अमरोहा जैसे जिले विकसित भारत 2047 के सपने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे,” उन्होंने आगे कहा कि कौशल महोत्सव को किसान ट्रस्ट का सहयोग मिला, जिसने जमीनी स्तर पर व्यापक जनसंपर्क और जागरूकता के प्रयास किए। वहीं, राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) ने उद्योगों के साथ बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया और कार्यक्रम के सफल आयोजन में अहम भूमिका निभाई। इस दौरान सांसद चौधरी कंवर सिंह तंवर, विधायक महेंद्र सिंह खडग़वंशी तथा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी अरुण यादव, डीडीजी और वी.एस. अरविंद, निदेशक, एमएसडीई भी उपस्थित रहे।
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मंत्रालय ने कौशल महोत्सव को बड़े स्तर पर आयोजित करने की प्रतिबद्धता दोहराई
‘अमरोहा कौशल महोत्सव’ मंत्रालय की चल रही जिला-स्तरीय पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य युवाओं तक उनके घर के पास ही रोजगार और अप्रेंटिसशिप के अवसर पहुंचाना है। इस कार्यक्रम में भारत के कौशल विकास तंत्र में हो रहे व्यापक बदलावों को भी रेखांकित किया गया, जिनमें पीएमकेवीवाई 4.0, एनएपीएस के तहत बढ़ाई गई अप्रेंटिसशिप और हाल ही में शुरू की गई योजना पीएम-सेतु के तहत आईटीआई का आधुनिकीकरण शामिल है। मंत्रालय ने देशभर में ऐसे कौशल महोत्सवों को और बड़े स्तर पर आयोजित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, ताकि समावेशी विकास को मजबूत किया जा सके और एक कुशल, आत्मविश्वासी तथा भविष्य के लिए तैयार कार्यबल तैयार किया जा सके।
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केन्द्रीय बजट 2026-27 में देश के सभी वर्गों के कल्याण के लिए प्रावधान: जयन्त
गजरौला। ‘अमरोहा कौशल महोत्सव’ में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए केन्द्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्यमंत्री जयन्त चौधरी ने केन्द्रीय बजट की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि केन्द्रीय बजट 2026-27 में देश के सभी वर्गों के कल्याण के लिए प्रावधान किए गए हैं। यह देश की भविष्य की दिशा दिखाता है। किसान, युवा, महिला और गरीब सभी की चिंता सरकार ने की है।
बोले, केन्द्रीय वित्तमंत्री ने नवीं बार देश का बजट प्रस्तुत किया है। उनके पास एक बड़ा अनुभव है। उन्होंने बजट में वर्तमान के साथ-साथ भविष्य का भी ध्यान रखा है। कौशल विकास के बजट को 62 फीसदी बढ़ाते हुए दस हजार करोड़ निर्धारित किया गया है, जिससे स्पष्ट है कि केन्द्र सरकार का युवाओं के रोजगार, उनकी शिक्षा को आगे बढ़ाने की तरफ पूरा ध्यान है।
जयन्त ने कहा कि शिक्षा के बजट में डेढ़ लाख करोड़ की बढ़ोत्तरी की है। उद्योग और कुटीर उद्योग के बढ़ावा देने के लिए भी बजट में पूरा ध्यान रखा गया है। इसी के साथ ही बजट में पहली बाहर स्पोर्टस मैनुफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए 500 करोड़ रूपये के बजट का प्रावधान किया गया है। इसी तरह रेल प्रबंधन में भी उत्तर प्रदेश के लिए 20 हजार करोड़ रूपये के बजट का प्रावधान किया गया है। जिससे नई रेल लाइन समेत अन्य विकास कार्यों पर व्यय किया जाएगा। इसी के साथ ही बजट में कृषि एवं कुटीर उद्योग को बढ़ावा देने के लिए प्रावधान किया गया है। कहा कि उत्तर प्रदेश में पहले उद्योग लगाने में उद्योगपति संकोच करते थे मगर अब केन्द्र व प्रदेश की सरकार में उद्योगपतियों को निवेश के लिए सुरक्षा और सुविधा दोनों ही प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को बड़े पैमाने से रोजगार देने के लिए बड़े स्तर पर कौशल महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। पहले लखनऊ, फिर बिजनौर व अमरोहा में यह महोत्सव आयोजित किया गया है। जिसमें भारी संख्या में युवाओं को रोजगार के ऑफर लेटर प्रदान किए गए हैं। पत्रकार वार्ता में राष्ट्रीय महासचिव संगठन त्रिलोक त्यागी, मंडलाध्यक्ष रामवीर सिंह, जिलाध्यक्ष सचिन चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष उदयगिरि गोस्वामी, दिनेश शर्मा आदि मौजूद रहे।
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