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Gorakhpur नवोदय विद्यालय के शिक्षक की मौत पर हंगामा जारी.. 

February 12, 2026

Gorakhpur नवोदय विद्यालय के शिक्षक की मौत पर हंगामा जारी.. 

लगातार दो दिनों तक छात्र-छात्राओं ने भोजन न कर किया विरोध.. प्रिंसिपल पर है आरोप 
Posted on 12.02.2026 Time 06.39 PM, Thursday, Gorakhpur, Santosh Kumar Singh 
Navodaya Vidyalaya PP Ganj Gorakhpur

नवोदय विद्यालय भवन

गोरखपुर, 12 फरवरी 2026, पीपीगंज थाना क्षेत्र में स्थित पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय मैं टीचर की मौत का मामला अभी शांत नहीं हुआ है। मंगलवार और बुधवार को छात्र_ छात्राओं ने जमकर  हंगामा किया और भोजन करने से इनकार कर दिया। इसके साथ ही वह हाथों में नारे लिखी तख्तियां लेकर धरने पर बैठे रहे। अधिकारियों और शिक्षकों के काफी समझाने के बाद भी उनका आक्रोश शांत नहीं हुआ उनका कहना था कि हमें अपने टीचर के लिए न्याय चाहिए।
पीपीगंज थाना क्षेत्र में स्थित पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय के कंप्यूटर साइंस के शिक्षक अभय प्रताप सिंह की सड़क हादसे में मौत हो जाने के बाद, छात्र-छात्राओं में आक्रोश का माहौल है। उनका कहना है कि शिक्षक की मौत, प्रिंसिपल साहब के तानाशाही रवैये की वजह से हुई। मंगलवार और बुधवार को छात्र-छात्राओं ने हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया और भोजन करने से इनकार कर दिया। जैसे ही इसकी सूचना आला अधिकारियों को हुई तो  मौके पर एसडीम, प्रिंसिपल उप प्रिंसिपल, क्षेत्राधिकारी सहित एसएचओ पीपीगंज पहुंचे और छात्र-छात्राओं को काफी मशक्कत के बाद समझाया और उन्हें भोजन कराया। बता दें कि नवोदय विद्यालय में परीक्षायें चल रही हैं, बताया जा रहा है कि कुछ छात्रों ने उत्तर पुस्तिका को बगैर कुछ लिखे ही जमा कर दिया। मंगलवार और बुधवार के हंगामें के बाद गुरुवार को माहौल सामान्य देखा गया है।
दरअसल 7 फरवरी को बस्ती से स्कूल आते वक्त नवोदय विद्यालय के कंप्यूटर साइंस टीचर अभय प्रताप सिंह की सड़क हादसे में मौत हो गई। परिजनों सहित स्कूल के छात्रा_ छात्राओं और कुछ टीचरों का आरोप था कि उनकी मौत के पीछे की वजह स्कूल के प्रधानाचार्य संजीव कुमार सक्सेना है। जिनके तानाशाही रवैया की वजह से शिक्षक की मौत हुई है। मिली जानकारी के मुताबिक अभय सिंह 3 वर्ष पहले लखनऊ से स्थानांतरित होकर अपने होम डिस्ट्रिक्ट बस्ती के नजदीक पीपीगंज नवोदय विद्यालय में तैनात हुए थे और कक्षा 11 और 12 के छात्रों को कंप्यूटर साइंस पढ़ाते थे। मंगलवार और बुधवार को छात्रों ने लगातार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने हाथों में तख्तियां ले रखी थीं, जिन पर लिखा था प्रिंसिपल तेरी तानाशाही ने ले ली एक जान, प्रिंसिपल के तानाशाही रवैए के कारण हमें पढ़ाने वाले शिक्षक चले गए, “प्रिंसिपल हत्यारा है, उसने हमारे अभय सर को मारा है”। इस दौरान कई छात्रों ने भोजन करने से भी इंकार कर दिया, मौके पर पहुंचे एसडीम, सीओ और एसएचओ ने उन्हें समझाने की कोशिश की लेकिन वह मानने को तैयार नहीं थे, उनका कहना था कि प्रिंसिपल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, इस दौरान जिलाधिकारी दीपक मीणा ने भी छात्रों से बात की तब जाकर कहीं छात्र आश्वस्त हुए और उन्होंने भोजन किया। गुरुवार को  दोपहर तक किसी भी प्रकार के हंगामें की सूचना नहीं है।
मृतक की पत्नी मंधूलिका सिंह ने विद्यालय समिति के आयुक्त को पत्र लिखकर आरोप लगाया गया है कि हमारे घर में मांगलिक कार्यक्रम था। इसके लिए मेरे पति ने तीन दिनों का अवकाश मांगा था ,लेकिन प्रिंसिपल इसके लिए तैयार नहीं थे, और उन्होंने बड़ी मुश्किल से दो दिनों का अवकाश स्वीकृत किया था। उनका कहना था कि स्कूल में परीक्षाएं चल रही हैं, मैं अवकाश नहीं दे सकता, 6 तारीख को उन्होंने फोन कर पति से कहा कि आप सुबह स्कूल पहुंच जाइए अन्यथा मैं आपकी नौकरी खा जाऊंगा, जबकि स्कूल में कुल 30 टीचर है। इसी दवाब में पति सुबह 5:00 बजे ही घर से निकल गए थे। प्रिंसिपल साहब  का रवैया शुरू से ही तानाशाही रहा है, वह कई बार पति को मेमो देकर दवाब बना चुके हैं। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करा कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
वहीं इस बारे में उप प्रधानाचार्य डॉक्टर बृजभूषण पांडे का कहना है कि विद्यालय का माहौल सामान्य हो रहा है। छात्र-छात्राओं के भोजन न करने का दावा निराधार है। प्रशासन ने पूरे प्रकरण की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वही इस बारे में स्कूल के प्रधानाचार्य संजीव कुमार सक्सेना ने बताया कि अभय सिंह ने ट्रांसफर ड्राइव भरा था, लेकिन किस जिले के लिए, उन्हें यह याद नहीं है। व्यवहार सुधार के लिए मेमो जारी किया गया था।