Posted on 11.02.2026, Time !1.12 AM, Moradabad, Rajesh Bhatia
मुरादाबाद, 11 फरवरी(उप्र समाचार सेवा)।
पंचायत चुनाव से पहले जिले में सियासी हलचल बढ़ गई। बिलारी के सपा विधायक मो. फहीम, चाचा मो उस्मान और उनकी बेटियों समेत कई के जाति प्रमाणपत्र को फर्जी मानते हुए रद्द कर दिया गया। इसी जाति प्रमाणपत्र के चलते विधायक की चचेरी बहन व मो उस्मान की बेटी फरहीन के पिछली बार जिला पंचायत सदस्य वार्ड 27 में नामांकन पत्र को निर्वाचन अधिकारी ने खारिज कर दिया।
मामले की शुरुआत 2017 में हुई। बिलारी में शमसुद्दीन की ओर से इशरत जहां के झोझा जाति प्रमाणपत्र को चुनौती दी। इस पर इशरत जहां मंडलीय अपील में चलीं गईं। झोझा प्रमाणपत्र को लेकर बिलारी विधायक मो फहीम के खिलाफ इब्राहीमपुर के हारुन जाफर ने शिकायत की। बिलारी के सिहाली गांव के विश्वास यादव उर्फ लवली यादव ने 19 जुलाई, 24 को जिला स्तरीय जाति प्रमाणपत्र समिति के समक्ष वाद दायर किया। मामले की जांच की। शिकायत में कहा गया कि इब्राहीमपुर निवासी विधायक, चाचा उस्मान और पुत्रियां फरहीन जहां और समरीन के जाति प्रमाणपत्र फर्जी है। समिति ने दोनों पक्षों के अभिलेख और साक्ष्यों के आधार पर विधायक आदि के प्रमाणपत्र को फर्जी माना।
मंडलीय अपील और हाईकोर्ट जाएंगे
विधायक के चाचा पूर्व प्रधान मो उस्मान का कहना है कि उन्होंने अपने परिजनों की जाति झोजा से जुड़े होने के सन् 1911 से 2024 तक के दस्तावेजी साक्ष्य मुरादाबाद में जनपद स्तरीय समिति को मुहैया कराए थे पर दस्तावेजों को नजर अंदाज किया गया। आदेश को लेकर मंडलीय अपीलीय फोरम में अपील करेंगे। साथ ही हाईकोर्ट भी जाएंगे।
