आत्महत्या प्रकरण।: जिला जज अदालत में बुधवार को हुईं जमानत अर्जी पर सुनवाई।
मुरादाबाद, 4 फरवरी (उप्र समाचार सेवा)।
बिलारी में युवक की आत्महत्या केस में अधिवक्ता की जमानत मंजूर हो गई। बुधवार को आरोपी अधिवक्ता की जमानत अर्जी पर जिला जज अदालत में सुनवाई हुई। जमानत अर्जी पर बहस के बाद अदालत ने आरोपी की जमानत मंजूर कर ली। अधिवक्ता को 30 जनवरी को बिलारी पुलिस ने गिरफ्तार
किया है।
बिलारी में युवक उपेंद्र ने अपनी दुकान में आत्महत्या कर ली। यह घटना 9 जनवरी की है। मृतक की पत्नी की ओर से राजू गुप्ता समेत चार लोगों को नामजद किया। आरोप लगाया कि ये लोग युवक को परेशान करते थे। घटना वाले दिन उपेंद्र ने शाम को अपने भाई को फोन कर कहा कि वह बहुत परेशान है। इसके बाद युवक ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बिलारी पुलिस ने 30 जनवरी को राजू गुप्ता को गिरफ्तार किया।
आरोपी की जमानत अर्जी पर जिला जज अदालत में बुधवार को सुनवाई हुई। अधिवक्ता अभिषेक भटनागर और अजीत कुमार भारती ने राजू गुप्ता की पैरवी की। जमानत अर्जी पर पक्ष रखते हुए बचाव पक्ष ने कहा कि प्रार्थी को झूठा फंसाया गया है। अधिवक्ता ने बताया कि मृतक से मिले सुसाइड नोट की हैंड राइटिंग एक्सपर्ट से भी कोई जांच नहीं कराई गई। ऐसे में मृतक से मिला सुसाइड नोट संदिग्ध हो जाता है। इसके अलावा मृतक के विरुद्ध दर्ज मुकदमों में वादी राजू गुप्ता पैरवी कर रहे हैं। जिससे उसे झूठा फंसाया गया। अदालत ने सुनवाई के बाद आरोपी राजू गुप्ता की जमानत अर्जी मंजूर कर ली।

