मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना
तीन दर्जन शादीशुदा जोड़ों की दोबारा करा दी शादी
समाज कल्याण विभाग की 12 सदस्यों की रेंडम जांच में खुलासा
Posted on 05.02.2026, Wednesday Time: 08.28, Rajesh Bhatia Moradabad
मुरादाबाद, 5 फरवरी (उप्र समाचार सेवा)।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में भ्रष्टाचार का घुन लग गया। योजना के तहत जिन जोड़ों की शादी हुई उनकी दोबारा शादी करा दी गई। मूंढापांडे व कुंदरकी में हुईं सामूहिक विवाह योजना में घपलेबाजी को लेकर क्षेत्रीय विधायक रामवीर सिंह ने मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की थीं। गड़बड़ी की गूंज शासन तक पहुंची। लिहाजा समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने तीन सदस्यीय समिति को जांच गठित की। शासन की टीम आने से पहले जिला समाज कल्याण विभाग ने 12 सदस्यों की टीम गठित कर रेंडम जांच कराईं तो मामले का खुलासा हुआ।
योजना के तहत मुरादाबाद में 4-5 दिसंबर को सामूहिक विवाह योजना का कार्यक्रम आयोजित किया गया। पर योजना में गड़बड़ी का मामला विधायक ने उठाया। रेंडम जांच में 35 शादीशुदा जोड़ों की दोबारा शादी का कराने की बात खुलीं है। इनमें कुछ की शादी कुछ महीने पहले ही हो गई। नौ जोड़ें शादी के मंडप में बैठे ही नहीं।फिर भी विवाह योजना में उनके नाम शामिल हुए।
विधायक रामवीर सिंह की शिकायत के बाद मुख्य विकास अधिकारी मृणाली अविनाश जोशी ने जांच के आदेश दिए। जिला विकास अधिकारी जीबी पाठक ने बिलारी, कुंदरकी ब्लॉक में हुईं 808 शादियों का सत्यापन कराया। जिसमें गड़बड़ियों का खुलासा हुआ।
शासन से आएंगी जांच टीम:
समाज कल्याण विभाग मंत्री की ओर से गठित जांच टीम भी जल्द मुरादाबाद आएंगी। टीम के आने की खबर से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। गड़बड़ी यह कि समारोह में दो सौ की बजाय 1636 जोड़ें विवाह कार्यक्रम में शामिल हो गए। अब बड़े पैमाने पर खुलासे से कई पर कार्रवाई की गाज गिरना तय माना जा रहा है।

