- जनरल मुकुन्द नरवने की अप्रकाशित किताब को उद्धृत करने की कोशिश
Posted on 02.02.2026 Monday, Time: 07.10 PM, Rahul Gandhi, General Manoj Mukund Narvane, Loksabha, China Border
नई दिल्ली, 02 फरवरी 2026, लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान आज उस समय भारी हंगामा हो गया जब नेता विपक्ष राहुल गांधी ने चीनी घुसपैठ का पुराना मुद्दा उठाने की कोशिश की। इस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर तकरार हुई। नेता विपक्ष को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने भी नसीहत दी कि वे विषय पर बोलें। लेकिन, वे अपनी बात पर अड़े रहे। बाद में लोकसभा की कार्यवाही स्थगति कर दी गई।
लोकसभा में आज राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के लिए नेता विरोधी दल राहुल गांधी को बोलने के लिए आमंत्रित किया गया। उन्होंने जैसे ही बोलना शुरु किया तो भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या के भाषण का जिक्र किया और कहा कि उन्होंने कांग्रेस और उसके नेताओं के बारे में कहा है कि वे देशभक्त नहीं हैं। इसलिए मैं उसका जवाब दे रहा हूं। उन्होंने कहा कि मैं पूर्व थलसेनाध्यक्ष जनरल मनोज मुकुन्द नरवने की किताब का उल्लेख करना चाहता हूं जिसमें कहा गया है कि चीनी सैनिक भारत की सीमा में घुस आये थे। उनके टैंक भी कई किमी तक भारतीय सीमा में घुसे थे।
राहुल गांधी के जनरल नरवने की किताब की जिक्र करने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आपत्ति की और कहा कि क्या उनकी कोई किताब प्रकाशित हुई है। श्री सिंह ने कहा कि जनरल नरवने की कोई किताब प्रकाशित ही नहीं हुई है, अगर हुई हो तो उसे यहां प्रस्तुत किया जाए। इसके बाद राहुल ने कहा कि एक मैगजीन में लेख प्रकाशित हुआ है। लेकिन, राहुल को फिर भी बोलने की इजाजत नहीं दी गई। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कहा कि सदन के नियमों के अनुसार किसी भी ऐसी पुस्तक, समाचार पत्र या पत्रिका का जिक्र यहां नहीं किया जा सकता है जिसका इस सदन की कार्यवाही से कोई सम्बन्ध न हो। इसलिए राहुल गांधी केवल विषय पर बोलें। लेकिन राहुल गांधी बार बार पीठ के निर्देशों की अवहलेना करते रहे और उसी मुद्दे को उठने की कोई करते रहे। उन्होंने यह भी कहा कि इस किताब के खुलासे से रक्षा मंत्री और गृह मंत्री अहसहज हो रहे हैं। इस मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह ने भी कहा कि रक्षा मंत्री ने बता दिया है कि कोई किताब जनरल नरवने की प्रकाशित नहीं हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि तेजस्वी सूर्या ने कांग्रेस के बारे में कुछ नहीं कहा था उन्होंने केवल 2004 से 2014 के बीच के राष्ट्रपतियों के भाषणों की जिक्र किया था।
बाद में पीठ पर विराजमान हुए अधिष्ठाता जगदम्बिका पाल ने राहुल गांधी से विषय पर बोलने के लिए कहा लेकिन, राहुल गांधी ने फिर वही मुद्दा उठा दिया। इस पर फिर हंगामा हुआ। कानून और संसदीय कार्यमंत्री किरन रिजिजू ने भी कहा कि यह नियम विरुद्ध है कि किसी अखबार या किताब का यहां जिक्र किया। लेकिन राहुल गांधी ने किसी की नहीं सुनी वे अपनी बात कहने पर आमादा रहे। इसपर पीठ पर विराजमान अधिष्ठाता जगदम्बिका पाल ने सदन की कार्यवाही अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दी।


