
केन्द्री वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण लोकसभा में केन्द्रीय बजट प्रस्तुत करते हुए
वर्ष 2026-27 के लिए रक्षा क्षेत्र के लिए 7.85 लाख करोड़ का आबंटन
देश की कुल जीडीपी का दो प्रतिशत व्यय रक्षा मंत्रालय के लिए
Posted on 01.02.2026 Sunday, Time: 09.11 PM, Source PIB
नई दिल्ली, 02 फरवरी 2026, केन्द्रीय रक्षा बजट में सरकार ने अभूतपूर्व वृद्धि की है। आपरेशन सिन्दूर के दौरान रक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने और रक्षा तंत्र को मजबूत करने पर सरकार ने पूरा ध्यान दिया है। इसीलिए रक्षा बजट में लगभग 15.19 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। रक्षा बजट कुल जीडीपी का 2 प्रतिशत है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रक्षा क्षेत्र के लिए वर्ष 206-27 में कुल आबंटन 7 लाख 85 हजार करोड़ का किया है। कुल रक्षा बजट केंद्र सरकार के व्यय का 14.67 प्रतिशत है और मंत्रालयों में सबसे अधिक है।
रक्षा मंत्रालय को किए गए कुल आवंटन में से 27.95% का हिस्सा पूंजीगत व्यय के लिए, 20.17% का हिस्सा भरण-पोषण और परिचालन तैयारियों पर राजस्व व्यय के लिए, वेतन और भत्तों पर राजस्व व्यय के लिए 26.40%, रक्षा पेंशन के लिए 21.84% और नागरिक संगठनों के लिए 3.64% है।
सशस्त्र बलों का आधुनिकीकरण
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए, रक्षा बलों के लिए पूंजी मद के तहत बजटीय आवंटन 2,19,306.47 लाख करोड़ रुपये है, जो वित्त वर्ष 2025-26 के बजट अनुमान से 21.84 प्रतिशत अधिक है। इसमें से 1.85 लाख करोड़ रुपये पूंजी अधिग्रहण के लिए निर्धारित किए गए हैं, जो वित्त वर्ष 2025-26 के पूंजी अधिग्रहण बजट से लगभग 24 प्रतिशत अधिक है। वर्तमान भू-राजनीतिक परिदृश्य में, आधुनिकीकरण के बजट में भारी वृद्धि एक रणनीतिक अनिवार्यता है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान, तीसरी तिमाही यानी दिसंबर 2025 तक, रक्षा मंत्रालय ने 2.10 लाख करोड़ रुपये के अनुबंध पूरे किए हैं और अब तक 3.50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के लिए आवश्यकता की स्वीकृति की मंजूरी दी है। पूंजी अधिग्रहण के तहत आगामी परियोजनाएं सशस्त्र बलों को अगली पीढ़ी के लड़ाकू विमान, स्मार्ट और घातक हथियारों, जहाजों/पनडुब्बियों, मानव रहित हवाई वाहनों, ड्रोन, विशेषज्ञ वाहनों आदि से लैस करेंगी।