एटा 20 जनवरी उप्रससे। कोतवाली नगर क्षेत्र में दवा कारोबारी बेटा ही अपने मां-बाप, पत्नी और बेटी का कातिल निकला है। पुलिस ने मंगलवार को 24 घंटे के भीतर हत्याकांड का खुलासा कर दिया।
अलीगढ़ रेंज के DIG प्रभाकर चौधरी ने बताया- कमल सिंह शाक्य ने ही पिता, मां, पत्नी और छोटी बेटी की बेरहमी से हत्या की थी। बेटी की शादी अगले महीने 11 फरवरी को तय थी। शादी चंडीगढ़ में अनुराग सक्सेना से होनी थी। शादी के लिए चार लाख का इंतजाम नहीं हो पा रहा था। पत्नी कमल सिंह को ताना मारती थी। इसी बात को लेकर सोमवार दोपहर कमल का पत्नी से झगड़ा हुआ था। गुस्से में उसने पहले पत्नी की हत्या की। बाद में माता-पिता और बड़ी बेटी को भी मार दिया। कमल खुद को भी खत्म करना चाहता था।
हत्याकांड का खुलासा करते हुए डीआईजी अलीगढ़ प्रभाकर चौधरी ने पुलिस लाइन में अहम 4 बातें बताईं-
1- कमल सिंह ने पिता डॉ. गंगा सिंह शाक्य, मां श्यामा देवी, पत्नी रत्ना देवी और बेटी ज्योति की ईंट से कुचल कर हत्या की थी।
2-बेटी ज्योति शाक्य का चंडीगढ़ में नौकरी करने वाले अनुराग सक्सेना से अफेयर था। वह इंटरकास्ट मैरिज करना चाहती थी।
3- कमल इंटरकास्ट मैरिज के लिए तैयार था। 11 फरवरी को शादी होनी थी। लेकिन कमल 4 लाख रुपए जुटा नहीं पा रहा था।
4- पत्नी रत्ना उसे 4 लाख रुपए जुटा न पाने के लिए ताना मारती थी। झगड़े में वह आपा खो बैठा और हत्याएं कर दीं।
CCTV फुटेज से खुला राज
कमल सिंह शाक्य सोमवार दोपहर खाना खाने घर आया था। CCTV फुटेज के अनुसार, दिन के 12.40 पर आरोपी कमल सिंह शाक्य घर में गया और 1.55 पर घर से बाहर निकला। इसी बीच आरोपी ने हत्या को अंजाम दिया। पहले पत्नी, फिर बेटी, फिर मां और आखिर में पिता को मारा। पिता को सबूत छिपाने के लिए मारा। परिवार के मुखिया गंगा सिंह पिछले दो वर्षों से कैंसर से जूझ रहे थे और उनका इलाज चल रहा था।
डीआईजी ने बताया- CCTV, CDR, मेडिकल रिपोर्ट और वैज्ञानिक साक्ष्य के आधार पर कमल सिंह की गिरफ्तारी हुई है। उन्होंने कहा कि इसमें 80 फीसदी साक्ष्य साइंटिफिक एवीडेंस के थे। हत्या के बाद आरोपी कमल सिंह ने घर में खून के छींटे धोए और मेडिकल स्टोर पर चला गया। आरोपी खुद को भी खत्म करना चाह रहा था, लेकिन तभी उसकी बड़ी बेटी लक्ष्मी का फोन आ गया और उसने उनको बुला लिया। आगे की जांच के लिए 4 सदस्यों की टीम गठित की गयी है। जिसमें सीओ सिटी शामिल हैं।
पुलिस सुरक्षा के बीच चारों शवों को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। जहां 5 साल के देवांश ने अंतिम संस्कार की रस्में पूरी कीं। मासूम देवांश ने अपने दादा-दादी, मां और बड़ी बहन के शवों को मुखाग्नि दी।
तीन डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमॉर्टम, सिर-चेहरे कुचलकर हत्या की पुष्टि
तीन डॉक्टरों के पैनल ने चारों शवों का पोस्टमॉर्टम किया। इनमें डॉ. राजीव किशोर, डॉ. उत्सव जैन और डॉ. श्वेता राजपूत शामिल थे।
डॉक्टरों ने बताया कि हमलावरों ने पहले पत्नी रत्ना देवी की हत्या की। इसके बाद बेटी ज्योति को बेरहमी से मारा गया। जब बुजुर्ग मां श्यामा देवी बीच-बचाव के लिए आईं, तो उन पर भी सिलसिलेवार हमले किए गए और उन्हें भी मौत के घाट उतार दिया गया। तीनों महिलाओं के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटों के निशान मिले।
कमल सिंह करता रहा पुलिस को गुमराह
आरोपी कमल सिंह चार हत्याएं करने के बाद पुलिस को गुमराह करता रहा। उसके चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी। उसने बताया था- दोपहर एक बजे के आसपास मैं अपने मेडिकल स्टोर से खाना खाने घर आया था। दुकान पर बड़ी बेटी लक्ष्मी को बिठाकर आया था। उस समय घर पर सबकुछ ठीक था। सभी लोग घर पर थे। खाना खाने के बाद मैं मेडिकल स्टोर चला गया। वहां से मार्केट चला गया। मेरा बेटा स्कूल से लौटा तो कमरे में पंखा चल रहा था। उसने बरामदे में अपने शूज उतारे और कहने लगा कि ठंड में पंखा कौन चला रहा है। जब कोई जवाब नहीं मिला तो अंदर जाकर देखा। अंदर का मंजर देख उसकी चीख निकल पड़ी। उसने शोर मचाकर लोगों को बुलाया तब हत्याकांड का पता चला।

