बलदेव (मथुरा), 12 जनवरी 2026, नीलकंठ आश्रम जुगसना पर चल रही श्रीमद भागवत कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया।इस दौरान कथा पंडाल में प्रसिद्ध भजन ‘नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ पर सभी श्रद्धालु काफी देर तक झूमते व थिरकते रहे।श्रीकृष्ण-जन्मोत्सव कार्यक्रम को लेकर कथा पंडाल को गुब्बारे व फूल-मालाओं से आकर्षक ढंग से सजाया गया था।
भागवत प्रवक्ता आचार्य हरीश कौशिक महाराज Acharya Harish kaushik Maharaj ने प्रवचन के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन कर धर्म, अर्थ, काम व मोक्ष की महत्ता पर व्याख्यान किया। उन्होंने कहा कि जब-जब अत्याचार, अनाचार व अन्याय बढा है, तब-तब प्रभु का अवतार होता है। अत्याचार को समाप्त कर धर्म की स्थापना को लेकर ही प्रभु का अलग-अलग रूपों में अवतार होता है। जब कंस ने सभी मर्यादाएं तोड दी, तो प्रभु श्रीकृष्ण का जन्म हुआ।
कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के बाल-रूप की झांकी देख सभी श्रद्धालु जयकारा लगाते हुए नृत्य करने लगे। इस अवसर पर आचार्य मनीष गर्गाचार्य,सुजीत वर्मा, परीक्षित वीरेंद्र सिंह बाबा लक्ष्मण दास , पप्पू चौधरी, पूरन चंद अग्रवाल , आचार्य धीरज , दीपचंद कौशिक , राजेंद्र प्रसाद , जयंती प्रसाद, नेत्रपाल प्रधान , सत्यवीर चौधरी, मोती प्रधान , ब्रजमोहन शर्मा , नीलकंठ बाबा, किशन दासी, डाक्टर चोभ सिंह, जगवीर सिंह डीलर ,कृष्णवीर प्रधान, शिवकुमार चौधरी , शंकर लाल मास्टर आदि भगवत प्रेमी उपस्थित रहे।

