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आक्रोश: आगरा में जाट महापुरुषों की प्रतिमा नहीं

March 30, 2026

आक्रोश: आगरा में जाट महापुरुषों की प्रतिमा नहीं

आगरा को आजाद कराने वाले महाराजा सूरजमल और महाराजा जवाहर सिंह जैसे वीरों की यहां प्रतिमा तक नहीं

—– जाट महासभा फिर जताया आक्रोश, प्रभारी मंत्री को दिया ज्ञापन

आगरा। सदियों तक मुगल शासन के अधीन रहे आगरा को आजादी दिलाने वाले वीरों की स्मृति आज भी उपेक्षा का शिकार है। अजेय भरतपुर रियासत के महान योद्धा महाराजा सूरजमल और उनके पुत्र महाराजा जवाहर सिंह द्वारा 12 जून 1761 को आगरा किले पर कब्जा कर मुगलिया सत्ता से मुक्ति दिलाने के बावजूद आज तक उनकी एक प्रतिमा तक स्थापित नहीं हो सकी है। इस मुद्दे को लेकर अखिल भारतीय जाट महासभा ने तीखा आक्रोश जताते हुए सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

जाट महासभा के जिलाध्यक्ष कप्तान सिंह चाहर ने बताया कि महाराजा सूरजमल, महाराजा जवाहर सिंह, महाराजा रणजीत सिंह और महाराजा रतन सिंह ने करीब 13 वर्षों तक आगरा किले पर शासन कर ब्रज क्षेत्र की जनता को मुगल अत्याचारों से राहत दिलाई थी। इसके बावजूद उनकी ऐतिहासिक भूमिका को नजरअंदाज किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।

—-2020 से लंबित मांग, अब तक नहीं कोई ठोस कदम

अखिल भारतीय जाट महासभा द्वारा वर्ष 2020 से लगातार तत्कालीन और वर्तमान महापौर तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन देकर आगरा किले के सामने महाराजा सूरजमल और महाराजा जवाहर सिंह की अश्वारोही प्रतिमा स्थापित करने की मांग की जा रही है। 22 अप्रैल 2025 को राष्ट्रीय लोकदल के विधायक डॉ. अजय कुमार के माध्यम से भी मुख्यमंत्री को मांग पत्र भेजा गया था।

इसके बाद संस्कृति एवं पर्यटन विभाग उत्तर प्रदेश के निदेशक द्वारा 31 जुलाई 2025 को पुलिस आयुक्त और जिलाधिकारी आगरा से 10 बिंदुओं पर आख्या मांगी गई, लेकिन अब तक उस पर कोई कार्रवाई या रिपोर्ट सामने नहीं आई है।

इसी क्रम में जाट महासभा के जिला अध्यक्ष कप्तान सिंह चाहर ने भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनियां के साथ सर्किट हाउस में प्रदेश के पर्यटन एवं आगरा के प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह से मुलाकात कर उन्हें अनुरोध पत्र सौंपा।
पत्र में मांग की गई कि महाराजा सूरजमल और महाराजा जवाहर सिंह की अश्वारोही प्रतिमा आगरा किले के सामने स्थापित कर उनके योगदान को सम्मान दिया जाए।

महासभा ने निर्माणाधीन सिकंदरा मेट्रो स्टेशन का नाम वीर योद्धा रामकी चाहर के नाम पर रखने की भी मांग उठाई।
बताया गया कि रामकी चाहर और राजाराम जाट ने सिकंदरा पर कब्जा कर अकबर की कब्र को ध्वस्त किया था और उसकी अस्थियों को यमुना में प्रवाहित किया था। यह कदम मुगल शासक औरंगजेब द्वारा वीर गोकुला जाट की 1 जनवरी 1671 को आगरा कोतवाली में अमानवीय हत्या के विरोध में उठाया गया था।

—बलिदान देने वालों की स्मृति भी सुरक्षित नहीं

जाट महासभा ने इस पूरे मामले पर गहरा क्षोभ व्यक्त करते हुए कहा कि जिन वीरों ने ब्रज और आगरा की जनता को मुगलों के अत्याचार से मुक्ति दिलाई, आज उनकी स्मृति को संरक्षित करने के लिए शासन-प्रशासन के पास समय नहीं है। यहां तक कि पर्यटन विभाग के पत्र पर भी कोई कार्रवाई नहीं होना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।

प्रभारी मंत्री से मुलाकात के दौरान पूर्व ब्लॉक प्रमुख एवं युवा जाट महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष यशपाल राणा, अकोला के पूर्व ब्लॉक प्रमुख व जिला संयोजक देवेंद्र चाहर, फतेहपुर सीकरी के पूर्व उप प्रमुख भूदेव सिंह प्रधान, महानगर अध्यक्ष गजेंद्र नरवार (पूर्व पार्षद), महामंत्री लोकेश चौधरी, पूर्व पार्षद कर्मवीर चाहर सहित कई प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे।

वृंदावन में यमुना को निखारने की तैयारी, केसी घाट से देवरहा बाबा घाट तक होगा ट्रायल

ब्रज तीर्थ विकास परिषद में वैज्ञानिक उपायों पर मंथन, प्रदूषण नियंत्रण और जलमार्ग विकास पर चर्चा
मथुरा। वृंदावन में यमुना नदी को स्वच्छ और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू होने जा रही है। देवरहा बाबा घाट से केसी घाट तक यमुना के दोनों किनारो पर जियोलॉजिकल मैपिंग होगी। इसके आधार पर  यमुना जल को प्रदूषण मुक्त करने सहित जल मार्ग विकसित करने की योजना को अमलीजामा पहनाया जा सकेगा।
सोमवार को उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद सभागार में परिषद के उपाध्यक्ष शैलजा कांत मिश्र  की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में ग्लोबल विकास ट्रस्ट के संस्थापक मयंक गांधी ने जल की गुणवत्ता सुधारने के लिए आवश्यक वैज्ञानिक आंकड़े एकत्रित करने की योजना प्रस्तुत की। इसमें यमुना की वर्तमान स्थिति, सिल्ट, जल प्रवाह और प्रदूषण नियंत्रण के वैज्ञानिक उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। परिषद के उपाध्यक्ष  शैलजा कान्त मिश्र ने प्रथम चरण में केसी घाट से देवरहा बाबा घाट तक ट्रायल प्रोजेक्ट के रूप में वैज्ञानिक अध्ययन का कार्य शुरू करने को कहा। तय किया गया कि चयनित क्षेत्र में पहले वैज्ञानिक अध्ययन कराया जाएगा, जिसके आधार पर कार्ययोजना लागू की जाएगी। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने सिचाई सहित संबंधित विभागों को आवश्यक सहयोग और समन्वय के निर्देश दिए। बैठक में जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष/ उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की मुख्य कार्यपालक अधिकारी लक्ष्मी एन, रविंद्र चामड़िया,  उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के एसीईओ मदन चंद दुबे, पर्यावरण विशेषज्ञ मुकेश शर्मा, डिप्टी सीईओ सतीश चंद्र,
उप निदेशक कृषि, जिला कृषि अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, मुख्य अभियंता जलकल तथा सिंचाई विभाग के अभियंता उपस्थित रहे।
राल गौशाला में विकसित होगा जैविक मॉडल, किसानों को मिलेगा प्रशिक्षण
मथुरा। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद सभागार में बैठक के दौरान गोवंश आधारित जैविक मॉडल पर भी चर्चा हुई। गोमूत्र और गोबर को वैज्ञानिक तरीके से कृषि, वानिकी और ऑर्गेनिक खेती में अधिक उपयोगी बनाने की योजना पर सहमति बनी। इसके लिए राल स्थित देवरहा बाबा गौशाला में एक मॉडल विकसित किया जाएगा। यह कार्य भी ग्लोवल विकास ट्रस्ट द्वारा किया जाएगा। इस मॉडल को बाद में जिले की अन्य गौशालाओं में भी लागू किया जाएगा। साथ ही, 50 किसानों को प्रशिक्षण के लिए मई माह में अहमदाबाद स्थित ट्रस्ट मुख्यालय भेजा जाएगा।

दिल्ली-आगरा हाईवे पर बड़ा हादसा टला

पुल की रेलिंग तोड़कर हवा में लटका ट्रैक्टरों से भरा कंटेनर
मथुरा।
उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-2) पर सोमवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा टल गया। गोविंद नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक फ्लाईओवर पर ट्रैक्टरों से लदा अनियंत्रित कंटेनर पुल की सुरक्षा रेलिंग तोड़ते हुए बाहर की ओर हवा में लटक गया। गनीमत रही कि कंटेनर नीचे नहीं गिरा, अन्यथा बड़ा जान-माल का नुकसान हो सकता था।
कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, ट्रैक्टरों से भरा कंटेनर दिल्ली से आगरा की ओर जा रहा था। गोविंद नगर क्षेत्र के फ्लाईओवर पर पहुंचते ही चालक अचानक वाहन से नियंत्रण खो बैठा। तेज रफ्तार कंटेनर सीधे लोहे और कंक्रीट की रेलिंग से जा टकराया। टक्कर इतनी भीषण थी कि रेलिंग पूरी तरह टूट गई और कंटेनर का अगला हिस्सा तथा एक पहिया पुल से बाहर हवा में लटक गया।
मच गई अफरा-तफरी
घटना के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दृश्य बेहद खौफनाक था और ऐसा लग रहा था कि कंटेनर किसी भी समय नीचे गिर सकता है। हालांकि, वाहन का पिछला हिस्सा पुल पर फंसा रहने से वह गिरने से बच गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और हाईवे पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंच गई।
चालक सुरक्षित, राहत कार्य जारी
इस हादसे में चालक पूरी तरह सुरक्षित बताया जा रहा है। पुलिस ने एहतियात के तौर पर पुल के एक हिस्से पर यातायात रोक दिया और क्रेन की मदद से कंटेनर को सुरक्षित हटाने का कार्य शुरू किया। शुरुआती जांच में हादसे का कारण चालक को नींद की झपकी आना या वाहन में तकनीकी खराबी माना जा रहा है।

विवाहिता की संदिग्ध मौत, मायके पक्ष ने दहेज हत्या का लगाया आरोप

हाथरस। चंदपा कोतवाली क्षेत्र के कुंवरपुर गांव में 24 वर्षीय विवाहिता अर्शी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतका के मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर दहेज के लिए हत्या करने का आरोप लगाया है।मृतका की मां शबाना के अनुसार अर्शी की शादी वर्ष 2021 में कुंवरपुर निवासी इरफान के साथ हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष मोटरसाइकिल और अतिरिक्त जेवर की मांग को लेकर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था।घटना की सूचना मिलने पर मायके पक्ष मौके पर पहुंचा, जहां अर्शी के शरीर, खासकर गर्दन पर चोट के निशान देखे गए, जिससे परिजनों ने हत्या की आशंका जताई। उनका आरोप है कि ससुराल पक्ष ने सुनियोजित तरीके से हत्या कर उसे सामान्य मौत दिखाने की कोशिश की।सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

श्री 1008 भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर में धूमधाम से मनाई महावीर जयंती

महावीर जयंती पर महिलाओं ने प्रभाव फेरी निकाली, भंडार में उमड़े श्रद्धालु

आज के अशांति युग में भगवान महावीर के सिद्धांत प्रसांगिक: चंद्र प्रकाश जैन

लखनऊ 30 मार्च। सोमवार को आशियाना स्थिति
श्री 1008 भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर में अहिंसा और करुणा के संदेश के साथ धूमधाम से मनाई गई महावीर जयंती। अहिंसा और अपरिग्रह के प्रणेता जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी का जन्मकल्याणक महोत्सव सोमवार को श्री दिगंबर जैन सेवा समिति आशियाना द्वारा अत्यंत श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर श्री दिगंबर जैन मंदिर आशियाना में विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
प्रातः काल ‘प्रभात फेरी’ के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, जिसमें श्रद्धालु भगवान महावीर के जयकारों के साथ गाते बजाते जैन धर्म की ध्वजा लिए सड़कों पर निकले।
मुख्य समारोह श्री 1008 भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर आशियाना में आयोजित हुआ, जहाँ विद्वान पंडित राजीव जैन शास्त्री के सानिध्य में भगवान महावीर का अभिषेक और शांतिधारा संपन्न हुई। उपस्थित साधर्मी बंधुओ ने सामूहिक आरती एवं श्री महावीर विधान कर विश्व शांति की कामना की।
समिति के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश जैन ने बताया कि “आज के अशांत युग में भगवान महावीर के सिद्धांत सबसे अधिक प्रासंगिक हैं। यदि हम केवल ‘अहिंसा’ और ‘अपरिग्रह’ (जरूरत से ज्यादा संग्रह न करना) को अपने जीवन में उतार लें, तो विश्व की अधिकांश समस्याओं का समाधान हो सकता है।”
इस अवसर पर समिति के मंत्री अजय जैन के साथ ही अखिलेश जैन, शरद कुमार जैन, अंकित जैन, अनूप जैन, आशीष जैन, बृजेश जैन, महिला मंडल की उपाध्यक्ष डॉ सविता जैन सांस्कृतिक मंत्री श्रीमती स्वीटी जैन, श्रीमती अनीता जैन, श्रीमती संगीता जैन, के साथ ही भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन सामूहिक वात्सल्य भोज (भोज) के बाद सन्मति डिपार्टमेंटल स्टोर के बाहर आम पब्लिक के लिए किए गए विशाल भंडारे के साथ हुआ।

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