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ब्रेकिंग बलिया —हत्या में शामिल फरार चला रहे दो बदमाशों और पुलिस के बीच हुई मुठभेड़

February 15, 2026

ब्रेकिंग बलिया —हत्या में शामिल फरार चला रहे दो बदमाशों और पुलिस के बीच हुई मुठभेड़

  • मुठभेड़ के दौरान दोनों बदमाशों के पैर में लगी गोली।
  • चेकिंग के दौरान बाइक पर दो संदिग्ध वुआक्तियों को पुलिस ने रोकने का किया प्रयास।
  • बाइक सवार व्यक्तियों ने बाइक लेकर भागने का प्रयास के दौरान पुलिस ने घेरा।
  • Posted on: 15.02.2026 Time 09.24 AM

बलिया। बाइक सवार बदमाशों ने अपने को घिरा देख पुलिस और एसओजी पर फायर के दिया। पुलिस की जवाबी फायरिंग में दो बदमाश घायल हो गए।

जवाबी कार्यवाही करते हुए दोनो बदमाश सुंदरम सिंह उर्फ सत्या सिंह संवारा, राज सिंह उर्फ राजा सिंह सावंरा थाना रसड़ा के दाहिने पैर में मारी गोली। वही दो और बाइक सवार बदमाश पुलिस को देख भागने लगे जिसको पुलिस ने दौड़कर पकड़ा। अनुज सिंह निवासी बड़ी पकवल,थाना सराय लखंसी जनपद मऊ, अजय खरवार निवासी चकिया थाना रानीपुर, मऊ बताया जा रहा है।

आरोप है कि संवारा में 14 फरवरी को शराब ठेके के पास एक व्यक्ति को चाकू मारकर हत्या कर दी थी। दोनो घायल बदमाशों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा इलाज। पकड़े गए बदमाशों के पास से एक तमंचा 315 बोर, एक खोखा जिंदा कारतूस 315 बोर, दो जिंदा कारतूस 303 बोर, दो बाइक और हत्या में शामिल एक चाकू को पुलिस ने बरामद किया है।

चरित्र की पूजा होती है चित्र की नहीं: स्वामी

Swami Chinmayanand

#महाविद्यालय में शादी के लिए बच्चे पढ़ाए जाते थे
#चौराहे की भाषा देश की सर्वोच्च संसद में बोली जा रही है
#बोलने की इतनी आजादी मिल गई है कि हम बदतमीज हो गए हैं
#वाइस चांसलर बनने को कहा गया मैंने मना कर दिया
#डॉ आकुल स्मृति सम्मान समारोह में बोले पूर्व गृहराज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद
#शाहजहांपुर।
#स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय के सभागार में शनिवार की दोपहर सम्मान समारोह आयोजित किया गया। यह समारोह जिले के कीर्तिशेष साहित्यकार डॉ गिरिजानंदन त्रिगुणायत “आकुल” की स्मृति में आयोजित किया गया। परिक्रमा प्रजेंट्स के बैनर तले आयोजित समारोह में चार विशिष्ट जनों को “आकुल सम्मान” प्रदान किया गया।
#मुख्य अतिथि स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती ने रंगकर्म से वरिष्ठ रंगकर्मी मनोज मंजुल, कानूनविद ब्रजेश पांडे एडवोकेट, सीए जीसी वर्मा और समाजसेवा से लायन संजय चोपड़ा को अंगवस्त्र, प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान किए। इस मौके पर स्वामी चिन्मयानंद ने विस्तृत भाषण में चित्र और चरित्र पर खुलकर बात की। कहा, यह देश उसी चित्र की पूजा करता है, जिसका कोई चरित्र होता है। राम सबके लिए थे, इसलिए उनको पूजा जाता है। इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षर में नाम लिखा जाए, ऐसा कुछ काम किया जाना चाहिए, चिता में चित्र ही जले और चरित्र अमर हो जाए। ऐसा जीवन जिया जाना चाहिए।

#अधिष्ठाता ने व्यंग्यात्मक लहज़े में कहा, पहले इस महाविद्यालय में शादी कराने के लिए बच्चे पढ़ाए जाते थे। सात कमरे, पौने तीन सौ विद्यार्थी से शुरू हुआ सफ़र अब विश्विद्यालय तक पहुंच गया है। अधिकतर लोग अपने और परिवार के लिए ही जिया करते हैं। याद वह किए जाते हैं, जो समाज और देश को कुछ दे जाते हैं।

#उन्होंने कहा, गुलज़ारी लाल नंदा, स्वामी शुकदेवानंद शाहजहांपुर में पैदा नहीं हुए, लेकिन उन्होंने जो समाज की सेवा की है। वह अनुकरणीय है। इन्होंने अपने लिए कुछ अर्जित नहीं किया। तभी इनको आज भी याद किया जाता है। दधीचि की हड्डी की तरह शुकदेवानंद ने सभी कुछ दिया। 1964 में गुलज़ारी लाल नंदा ने कहा था कि स्वामी शुकदेवानंद ने जो पौधा लगाया है, वह प्रयागराज के वट वृक्ष की तरह फलीभूत होगा। वह आज परिलक्षित है। कोई कुछ दे सकता है, पर शिक्षा से ज़्यादा कुछ नहीं दे सकता। उन्होंने बताया, उनसे कहा गया वाइस चाइंसलर बनिए…मना कर दिया। उन्हें खुशी है कि शाहजहांपुर जब तक रहेगा स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय का नाम रहेगा।

#केंद्रीय गृह राज्यमंत्री रहे स्वामी चिन्मयानंद ने संसद में हो रही बहस पर अपनी पीड़ा व्यक्त की। कहा, देश की सर्वोच्च संसद में क्या हो रहा है ? ये छिपा नहीं है। कौन से जनहित के मुद्दे पर बात हो रही है ? कहने का अधिकार इतना मिल गया है कि हम बदतमीज बन गए हैं। देश के मुखिया को चोर, चांडाल भी कह रहे हैं। चौराहे की भाषा संसद में बोली जा रही है। शब्द का अपना महत्व है। अच्छे शब्दों में भी आलोचना की जा सकती है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राव का एक संस्मरण भी सुनाया। जिसमें उन्होंने संसद में दिए 90 मिनट के भाषण का जिक्र किया।

#वह बोले, उनके लिए सौभाग्य की बात है जो आकुल जी जैसे साहित्यकार के बारे में अकिंचन संन्यासी को बोलने का मौका मिला। उन्होंने ये भी कहा, संन्यासी 70 फीसदी भगोड़े होते हैं। लेकिन एक संन्यासी ही देश, समाज के लिए जीता है। तभी प्रधानमंत्री मोदी को कहना पड़ा, योगी बड़ा उपयोगी। दूसरों के दिल के दर्पण में आपकी योग्यता दिखनी चाहिए। भाषण के दौरान बातचीत करने पर उन्होंने टिप्पणी की, छात्रों का मुंह बंद किया जा सकता है, शिक्षकों का नहीं। यहां सब शिक्षक बैठे हैं।

#उन्होंने भावुक होकर कहा। शरीर की आयु निश्चित है। जो रक्तदान किया जाता है, वह व्यक्ति के मरने तक प्रवाहित रहता है। जीवनकाल में जो अर्जित किया वह ही स्मरणीय होता है। यहां से पढ़ने वाले देश समाज के लिए योगदान दे सकें, ऐसा कार्य करना चाहिए। शहीदों के सपने को साकार करने का मौका मिला है। आने वाली पीढ़ी के लिए यह बहुत सार्थक रहेगा।

#डॉ सुरेश मिश्रा ने डॉ आकुल के बारे में विस्तार से प्रकाश डाला। सम्मानित श्री मंजुल ने इस पुरस्कार का श्रेय अपने कलाकारों को दिया। लायन संजय चोपड़ा ने संस्था की ओर से कराए जा रहे रक्तदान अभियान के बारे में बताया। एडवोकेट बृजेश पांडे ने विस्तृत भाषण अपने परिवार के बारे में दिया।

#इससे पहले डॉ कविता भटनागर, डॉ प्रतिभा सक्सेना ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। कवयित्री सुमन पाठक ने सरस्वती वंदना का पाठ किया। मनोज मिश्रा एडवोकेट और राजेश मिश्रा ने डॉ आकुल के गीत प्रस्तुत किए। समाजसेवी राजू बग्गा, पत्रकार रागिनी श्रीवास्तव, पूनम पांडे, सोनी राजवंशी, गर्ग, डॉ दीप्ति भटनागर ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करने वाली छात्रा मोहिनी, खुशी, दिव्यांशी, हिमांशी, राखी को पुरस्कृत किया। संचालन डॉ अनुराग अग्रवाल ने किया। आभार वरिष्ठ पत्रकार ओंकार मनीषी ने व्यक्त किया।

#वृत्तचित्र ” लास्ट कॉल” का हुआ शो
परिक्रमा प्रजेंट्स के निर्देशक प्रमोद प्रमिल निर्देशित सड़क हादसे पर आधारित वृत्तचित्र लास्ट कॉल का शो हुआ। इसके निर्माता इंस्पेक्टर विनय पांडे, कलाकार डॉ पुनीत मनीषी, विकास पांडे, अनूप धवन को पुरस्कृत किया गया।

#ये लोग थे मौजूद
समाजसेवी रमेश भैया, डॉ अवनीश मिश्रा, ओंकार मनीषी, डॉ प्रभात शुक्ला, जेएस ओझा, पत्रकार कुलदीप दीपक, डॉ राजीव सिंह भारत, डॉ विकास खुराना, राकेश अग्रवाल, मुरारी लाल, कमल गुप्ता, प्रमोद अग्रवाल, ऐश्वर्य अवस्थी, जीतू शर्मा, मनोरमा त्रिगुणायत, प्रतीक त्रिगुणायत, प्रसून गुप्ता, प्रदीप बेदार, रऊफ खान, सुशील विचित्र, सुहेल संन्यासी, नरेंद्र सक्सेना, चित्रकार कमर, नक़ीबुद्दीन खान, राकेश पांडे, डॉ आलोक पांडे, रामेंद्र मिश्रा एडवोकेट, अनिल गुप्ता, भूपेंद्र सिंह होरा डिंपल, पत्रकार अजय अवस्थी, इरफान ह्यूमन, पूनम पांडे, पवन सिंह आदि मौजूद रहे।

February 14, 2026

पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान को संगठन सशक्तिकरण का ऐतिहासिक कदम

लखनऊ में पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महा अभियान का शुभारंभ करते ओमप्रकाश धनखड़ और प्रदेश महामंत्री धर्मपाल सिंह

लखनऊ 14 फरवरी 2026। भारतीय जनता पार्टी द्वारा उत्तर प्रदेश में शुरू किए जा रहे पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान की प्रदेश कार्यशाला शनिवार को बाबू बनारसी दास विश्वविद्यालय, लखनऊ स्थित सभागार में सम्पन्न हुई। कार्यशाला में पार्टी के राष्ट्रीय मंत्री एवं प्रशिक्षण अभियान के राष्ट्रीय सहसंयोजक श्री ओमप्रकाश धनखड़, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं केन्द्रीय वित्त राज्यमंत्री श्री पंकज चौधरी, प्रदेश महामंत्री (संगठन) श्री धर्मपाल सिंह, प्रशिक्षण महाभियान के उत्तर पूर्व क्षेत्र (उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार) के क्षेत्रीय प्रभारी, पार्टी के प्रदेश महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद श्री अमर पाल मौर्य, उत्तराखंड के पूर्व महामंत्री श्री राजू भंडारी ने उपस्थित प्रतिनिधियों का प्रशिक्षण महाभियान को लेकर विस्तारपूर्वक मार्गदर्शन किया। कार्यशाला का संचालन पार्टी के प्रदेश महामंत्री एवं प्रशिक्षण अभियान के प्रदेश संयोजक श्री अनूप गुप्ता ने किया। पार्टी ने तय किया है कि बूथ स्तर तक प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किए जायेंगे।
पार्टी के राष्ट्रीय मंत्री एंव प्रशिक्षण महाभियान के राष्ट्रीय संयोजक श्री ओम प्रकाश धनखड़ ने कहा कि प्रशिक्षण तरासने की प्रक्रिया है। जो सीखता है वह बढ़ता है, जो सीखना बंद कर देता है वो बढ़ना भी बंद कर देता है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति निर्माण से ही संगठन का निर्माण होता है। श्री धनखड़ ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान को संगठन सशक्तिकरण का ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यह अभियान कार्यकर्ताओं को विचार, व्यवहार और नेतृत्व तीनों स्तरों पर समृद्ध करेगा। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का अंत्योदय और एकात्म मानववाद का दर्शन ही भाजपा की कार्यसंस्कृति की आधारशिला है।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण केवल जानकारी देने का माध्यम नहीं, बल्कि कार्यकर्ता के व्यक्तित्व निर्माण की प्रक्रिया है। इससे संगठन की कार्यपद्धति में एकरूपता आएगी और सेवा, समर्पण तथा राष्ट्रहित की भावना और अधिक प्रखर होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि यह महाअभियान भाजपा को बूथ स्तर तक और अधिक संगठित, सक्रिय और प्रभावी बनाएगा।
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं केन्द्रीय वित्त राज्यमंत्री श्री पंकज चौधरी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान के संदर्भ में कहा कि यह अभियान कार्यकर्ताओं को वैचारिक रूप से सशक्त, अनुशासित और सेवा भाव से ओत-प्रोत बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय द्वारा प्रतिपादित ‘एकात्म मानववाद’ की विचारधारा आज भी भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणास्रोत है।
श्री चौधरी ने कहा कि प्रशिक्षण महाअभियान के माध्यम से बूथ स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक कार्यकर्ताओं को संगठन की कार्यपद्धति, सरकार की नीतियों और जनसेवा के मूल मंत्र से जोड़ा जा रहा है। यह अभियान केवल प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के संकल्प को सुदृढ़ करने का महायज्ञ है।
उन्होंने कहा कि भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता राष्ट्र प्रथम की भावना से कार्य करता है और प्रशिक्षण से उसकी क्षमता, दक्षता और वैचारिक स्पष्टता में वृद्धि होती है। यह महाअभियान संगठन की मजबूती, विस्तार और अंत्योदय के लक्ष्य की प्राप्ति में मील का पत्थर सिद्ध होगा।
उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि भाजपा की आत्मा, उसकी वैचारिक प्रतिबद्धता और उसके कार्यकर्ता निर्माण की निरंतर चलने वाली साधना का अभिन्न अंग है।
श्री चौधरी ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन हमें एक देश एक विधान के मंत्र को सिखाता है, वहीं पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का एकात्म मानववाद हमें सिखाता है कि राजनीति का केंद्र सत्ता नहीं, बल्कि अंतिम पंक्ति में खड़ा व्यक्ति है। इसलिए यह प्रशिक्षण कार्यकर्ताओं में समाज के प्रति संवेदनशीलता और दायित्व बोध जागृत करने का भी सशक्त माध्यम है,और वो भी सेवा, समर्पण और समरसता के भाव के साथ।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्री पंकज चौधरी ने कहा कि यह प्रशिक्षण महाभियान कार्यकर्ता को यह स्मरण कराता है कि संगठन व्यक्ति से बड़ा है, और राष्ट्र सर्वाेपरि है। प्रशिक्षण प्राप्त कार्यकर्ता केवल चुनावी योद्धा नहीं, बल्कि समाज का पथ प्रदर्शक बनता है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी कहते है कि हम राजनीतिक क्षेत्र में संगठन आधारित राजनीतिक दल हैं। हमारा संगठन कार्यकर्ता आधारित है एवं हमारा कार्यकर्ता विचारधारा आधारित है। श्री चौधरी ने पार्टी कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि इस प्रशिक्षण वर्ग को पूर्ण निष्ठा, अनुशासन और आत्मचिंतन के साथ आत्मसात करें तथा स्व. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय एवं श्रद्धेय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के विचारों को अपने आचरण में उतारते हुए संगठन और राष्ट्र सेवा के पथ पर और अधिक दृढ़ता से आगे बढ़ें।
पार्टी के प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान को संगठनात्मक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह अभियान कार्यकर्ताओं में वैचारिक स्पष्टता, अनुशासन और कार्यकुशलता को नई दिशा देगा। उन्होंने कहा कि बूथ स्तर तक सक्रिय और प्रशिक्षित कार्यकर्ता ही संगठन की वास्तविक शक्ति होते हैं। यह महाअभियान कार्यकर्ताओं को पार्टी की रीति-नीति, सेवा कार्यों और जनसंपर्क अभियान से जोड़ते हुए उन्हें अधिक प्रभावी बनाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस व्यापक प्रशिक्षण से संगठन और अधिक सुदृढ़ होगा तथा राष्ट्र निर्माण के संकल्प को नई ऊर्जा मिलेगी। यह अभियान केवल कार्यक्रमों की श्रृंखला नहीं, बल्कि कार्यकर्ता निर्माण की सतत प्रक्रिया है।
उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों पर आधारित यह प्रशिक्षण कार्यकर्ताओं को राष्ट्रहित, सामाजिक समरसता और सेवा भाव की दिशा में और अधिक सजग बनाता है। संगठन का प्रत्येक कार्यकर्ता जब विचार से दृढ़ और व्यवहार से विनम्र होगा, तभी भाजपा की शक्ति समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगी।
प्रदेश महामंत्री (संगठन) ने विश्वास व्यक्त किया कि यह महाअभियान संगठनात्मक एकजुटता को और मजबूत करेगा तथा आगामी दायित्वों के निर्वहन में कार्यकर्ताओं को नई ऊर्जा और स्पष्टता प्रदान करेगा।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान के अन्तर्गत प्रदेश स्तरीय प्रशिक्षण वर्ग तीन दिन का होगा। जबकि जिला स्तर पर दो दिन व मंडल स्तर चौबीस घंटे का प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किया जाएगा जबकि बूथ स्तर पर दो सत्रों में वर्ग आयोजित किए जायेंगे।
प्रशिक्षण महाभियान के उत्तर पूर्व क्षेत्र (उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार) के क्षेत्रीय प्रभारी, पार्टी के प्रदेश महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद श्री अमर पाल मौर्य ने पीपीटी के माध्यम से पूरे प्रशिक्षण अभियान के संदर्भ में विस्तारपूर्वक चर्चा करते हुए अभियान की रूपरेखा साझा की। उत्तराखंड के पूर्व महामंत्री श्री राजू भंडारी ने भी प्रशिक्षण महाभियान के संदर्भ में कार्यशाला को संबोधित किया।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान के लिए पार्टी के प्रदेश महामंत्री एवं सदस्य विधान परिषद श्री अनूप गुप्ता को प्रदेश संयोजक बनाया गया है। जबकि प्रदेश उपाध्यक्ष श्री बृज बहादुर, श्री त्रयम्बक त्रिपाठी, पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री रामशंकर कठेरिया, पूर्व सांसद राजेन्द्र अग्रवाल, विभाग/प्रकोष्ठ के संयोजक श्री ओमप्रकाश श्रीवास्तव, पार्टी के प्रदेश मंत्री श्रीमती मीना चौबे और सोशल मीडिया प्रदेश संयोजक श्री अंकित सिंह चन्देल को सहसंयोजक बनाया गया है।
कार्यशाला में पार्टी के प्रदेश पदाधिकारी, क्षेत्रीय अध्यक्ष, जिला प्रभारी, जिलाध्यक्ष, मोर्चो के प्रदेश अध्यक्ष/महामंत्री, प्रदेश मीडिया प्रभारी, सोशल मीडिया व आईटी के प्रदेश संयोजक, प्रशिक्षण महाभियान की प्रदेश, क्षेत्र और जिला टोली के सदस्य सम्मिलित हुए।

Posted on 14.02.2026 Time 07.45 PM Saturday, Mathura Vrandavan Atul Kumar Jindal 
मथुरा, 14 फरवरी।वृंदावन में बांके बिहारी मंदिर के एक गोस्वामी ने श्रद्धालु को सिर में डंडा मारकर लहूलुहान कर दिया।  गोस्वामी से बचाने के लिए श्रद्धालु की पत्नी राहगीरों से मदद मांगती रही।
शनिवार को हुई यह घटना राधा बल्लभ मंदिर के पास की बताई जा रही है। दरअसल, घायल व्यक्ति मंदिर जाते समय सड़क पर एक व्यक्ति से झगड़ रहे गोस्वामी से बीच-बचाव कर दिया था, जिससे वह नाराज हो गया।
घटना का वीडियो भी सामने आया है। पुलिस ने आरोपी गोस्वामी को हिरासत में लेकर बांके बिहारी पुलिस चौकी भेज दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार शनिवार को बांके बिहारी मंदिर के शयन भोग पुजारी मनोज गोस्वामी किसी काम से जुगल घाट की तरफ जा रहे थे। दूसरी तरफ गाजीपुर से आए श्रद्धालु कुशेंद्र यादव अपनी पत्नी के साथ बांके बिहारी के दर्शन कर राधावल्लभ मंदिर जा रहे थे।इस दौरान गोस्वामी का राधा बल्लभ मंदिर की सीढ़ियों वाले रास्ते के पास एक युवक से झगड़ा हो गया। उधर से गुजर रहे कुशेंद्र ने बीच-बचाव किया तो उग्र गोस्वामी ने अपने डंडे से उसी पर हमला कर दिया।

कोर्ट परिसर के स्कैनिंग सेंटर में हुई मारपीट का वीडियो हुआ वायरल

मथुरा । कोर्ट परिसर में स्थित स्कैनिंग सेंटर जिसे अक्सर फोटोकॉपी या ई-सेवा केंद्र के रूप में भी जाना जाता है, यहां मारपीट की घटना सामने आई है। विवाद यह झगड़ा मुख्य रूप से दस्तावेजों की स्कैनिंग और फोटोकॉपी के शुल्क या लाइन में लगने को लेकर शुरू हुआ, जिसने जल्द ही हिंसक रूप ले लिया।
मारपीट में वहां काम करने वाले कर्मचारी और कुछ पक्षकारों या उनके सहायकों के बीच कहासुनी हुई थी।मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों और स्थानीय पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया। घायल पक्षों का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। इस हंगामे के कारण कुछ समय के लिए कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल रहा और काम प्रभावित हुआ। वहीं पुलिस घटना की जांच और आरोपी की तलाश में जुट गई।
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