हाथरस। जिला एवं सत्र न्यायालय अलीगढ़ में बम की सूचना मिलने के बाद जिला एवं सत्र न्यायालय हाथरस परिसर में भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही अलीगढ़ में पुलिस प्रशासन ने एहतियातन कोर्ट परिसर खाली करा दिया। घटना की जानकारी हाथरस पहुंचते ही यहां के अधिवक्ताओं में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई।
हाथरस के अधिवक्ताओं ने मोबाइल के माध्यम से अलीगढ़ के अपने संपर्की अधिवक्ताओं से कुशल-क्षेम पूछी और स्थिति की जानकारी ली। साथ ही पुलिस-प्रशासन से हाथरस न्यायालय में सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने की मांग की।
अधिवक्ताओं ने याद दिलाया कि 21 फरवरी 2008 को हाथरस न्यायालय परिसर में दिन-दहाड़े पांच हत्याएं हुई थीं। इससे पूर्व एक बम कांड में साइकिल स्टैंड कर्मी सहित दो लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा भी न्यायालय परिसर में कई गंभीर घटनाएं और सुरक्षा चूक की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। एक मामले में आरोपी पर हमला करने आए व्यक्ति को रंगे हाथ पकड़ लिया गया था।
अलीगढ़ की घटना के बाद अधिवक्ताओं ने कहा कि पूर्व की घटनाओं को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किया जाना बेहद आवश्यक है। उनका कहना है कि पहले भी पुलिस-प्रशासन को ज्ञापन दिया जा चुका है और अब पुनः अधिकारियों से मिलकर न्यायालय परिसर की सुरक्षा दुरुस्त करने की मांग की जाएगी।
हाथरस। शहर के बलदेव नगर, कोटा रोड क्षेत्र में सूने मकान को निशाना बनाते हुए अज्ञात चोर करीब सात लाख रुपये मूल्य के जेवरात और नकदी चोरी कर ले गए। घटना के समय परिवार गांव गया हुआ था, जिसका फायदा उठाकर चोरों ने वारदात को अंजाम दिया।
पीड़ित वीरेंद्र पाराशर पुत्र विनोद पाराशर ने बताया कि उनका मूल निवास दाऊजी के पास अतरौली क्षेत्र में है। शनिवार 14 तारीख को शाम लगभग पांच बजे वह परिवार सहित गांव गए थे। रविवार रात करीब 8 से 8:30 बजे के बीच लौटने पर देखा कि घर का मुख्य गेट खुला था और ताला गायब था। अंदर जाने पर ऊपर के कमरे का ताला टूटा मिला और सामान बिखरा पड़ा था।
जांच में पता चला कि दो अंगूठियां, एक पेंडेंट, एक मंगलसूत्र, कान के झाले, दो जोड़ी पाजेब सहित कीमती जेवरात चोरी हो गए। एक गुल्लक भी नहीं मिली, जिसमें करीब चार से छह हजार रुपये नकद रखे थे। चोरी गए सामान की कुल कीमत लगभग सात लाख रुपये बताई गई है।
सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। आसपास के लोगों से पूछताछ कर साक्ष्य जुटाए गए हैं। तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है और लोग रिहायशी इलाकों में बढ़ती चोरी की घटनाओं को लेकर चिंता जता रहे हैं।
गोरखपुर, 15 फरवरी 2026। संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ गोरक्ष प्रांत की ओर से तारामंडल स्थित बाबा गम्भीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित प्रमुख जन गोष्ठी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि संघ की दृष्टि पूर्णतया भारतीय चिंतन पद्धति से ही विकसित हुई है। आज समाज में संघ से अपेक्षाएँ बढ़ी हैं। विश्व के पास ऐसा कोई तरीका नहीं है जो समाज को सुख और शांति दे सके। इसलिए वह भी हमारी तरफ आशा भरी नजरों से देख रहा है। उन्होंने कहा कि भारतवर्ष में पाश्चात्य चिंतन का प्रभाव पड़ने लगा था, जिसने भारतीय ज्ञान परम्परा को खण्डित करने का प्रयत्न किया और अपने चिंतन को स्थापित करने का प्रयास किया। किन्तु उनकी चिंतन पद्धति अधूरी थी। भारतीय ज्ञान परम्परा पर आधारित हमारी चिंतन पद्धति ही समाज में उत्पन्न शंकाओं का समाधान कर सकती है।
उप्रससे अजय बरया
ललितपुर। जनपद के किसानों के हितों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए जिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने एक महत्वपूर्ण पहल की है, उन्होंने किसान संगठनों व किसानों की माँग पर दलहन फसलों की शीघ्र खरीद सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से शासन स्तर पर दूरभाष पर सीधे वार्ता की और पत्र लिखा।
जिलाधिकारी ने वार्ता के दौरान शासन को अवगत कराया कि जनपद ललितपुर में बड़ी संख्या में किसान आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग से हैं, फसल तैयार होते ही उन्हें घरेलू एवं कृषि सम्बंधी आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु तत्काल धन की जरूरत पड़ती है, ऐसे में यदि क्रय केन्द्र समय पर संचालित न हों तो किसान मजबूरन अपनी उपज को बिचौलियों को ओने-पोने दामों पर बेंच देते हैं। बाद में यही बिचौलिये सरकारी खरीद प्रारंभ होने पर उसी उपज को समर्थन मूल्य पर बेंच कर अनुचित लाभ अर्जित करते हैं, जिससे मूल किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
जिलाधिकारी ने शासन से आग्रह किया कि जनपद की परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए जनपद में मध्य मार्च से पूर्व ही दलहन क्रय केन्द्रों के संचालन की अनुमति प्रदान की जाए, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सीधे किसानों को प्राप्त हो सके और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो।
जिलाधिकारी की इस पहल को शासन स्तर पर सकारात्मक रूप से लिया गया है, सब ठीक रहा तो मार्च में ही क्रय केन्द्र खोले जाने की अनुमति मिल सकती है। जिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने कहा है कि जिला प्रशासन जनपद के किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रत्येक पात्र किसानों को उसकी उपज का समर्थन मूल्य समय पर प्राप्त हो तथा किसी भी प्रकार की शोषणकारी गतिविधि पर प्रभावी नियंत्रण रखा जाए।’ जनपद के किसान भाईयों से अपील की जाती है कि वे अपनी दलहन उपज को अधिकृत क्रय केन्द्रों पर ही विक्रय करें और किसी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल जिला प्रशासन को अवगत करायें। जिला प्रशासन हर संभव किसानों की मदद के लिए तत्पर है।
जिलाधिकारी ने इससे पूर्व भी किसान हितों में संवेदनशीलता दिखाते हुए विगत वर्षों की फसल बीमा योजना के तहत किसानों को 60 करोड़ से अधिक का भुगतान भी कराया है और आगे भी किसानों के शेष भुगतान के लिए लगातार प्रयासरत हैं।