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टीबीमुक्त पंचायत को लेकर बैठक संपन्न

February 19, 2026

टीबीमुक्त पंचायत को लेकर बैठक संपन्न

=10 क्षय रोगियों को पोषण पोटली का वितरण

फोटो:

शाहजहांपुर।
प्रधानमंत्री के टीबीमुक्त भारत के लक्ष्य एवं प्रदेश सरकार के दिशा निर्देश पर जनपद में टीबी क्लीनिक द्वारा निरंतर क्षय रोग नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को सीएमओ आफिस सभागार में टीबी मुक्त पंचायत को लेकर एडीओ पंचायत व एमआईसी
के साथ एक बैठक आयोजित की गई। सीएमओ डा.विवेक कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में बैठक में टीबी मुक्त पंचायत के विजन पर कार्य करने के लिए मंथन किया गया। सीएमओ ने कहा कि टीबी जैसी बीमारी से निपटने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। टीबी मरीजों के लिए जांच, इलाज और अन्य सुविधाओं का दायरा बढ़ाया गया है। टीबी-मुक्त ग्राम पंचायत” मुख्य रूप से जन भागीदारी को बढ़ाने की दिशा में पहल है। इस कार्यक्रम से ग्रामीण समुदाय को टीबी की पहचान, उपचार और रोकथाम के लिए जागरूक किया जा रहा है। जिससे बीमारी को खत्म करने की दिशा में सामूहिक प्रयास हो रहे हैं। इस दौरान डीटीओ ओमेन्द्र राठौर, सिध्दार्थ, आरती सिंह आदि मौजूद रहे। वही टीबी मुक्त कार्यक्रम के अंतर्गत विहास डेवलपमेंट सोसायटी की ओर से 10 क्षय रोगियों को पोषण पोटली का वितरण सीएमओ द्वारा किया गया।

मुमुक्षु महोत्सव की तैयारियों को लेकर हुई बैठक*

स्वामी शुकदेवानंद कॉलेज में आगामी 24 फरवरी से आयोजित होने वाले मुमुक्षु महोत्सव की तैयारियों को लेकर एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक मुमुक्षु शिक्षा संकुल के मुख्य अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती की अध्यक्षता में आयोजित हुई। ज्ञात हो कि वर्ष 2026 का मुमुक्षु महोत्सव 24 फरवरी से आरम्भ होकर 2 मार्च तक चलेगा। श्रीराम ध्वज यात्रा के साथ आरंभ होने वाले इस महोत्सव में प्रतिदिन अपरान्ह 2 बजे से 5 बजे तक भक्तों को श्रीराम कथा के श्रवण का सौभाग्य प्राप्त होगा। कथाव्यास के रूप में पूज्य संत श्री विजय कौशल जी महाराज उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम का समापन 2 मार्च को आयोजित होने वाली भजन संध्या के साथ होगा। चूंकि महाविद्यालय के विश्वविद्यालय में उच्चीकरण के उपरांत यह प्रथम भव्य आयोजन है, लिहाजा पूरे शिक्षा संकुल में एक अदभुत उत्साह एवं प्रसन्नता व्याप्त है। कॉलेज के उपप्राचार्य प्रो अनुराग अग्रवाल के संयोजन में आयोजित इस बैठक में महोत्सव से संबंधित विभिन्न समितियों जैसे- आमंत्रण समिति, प्रचार प्रसार समिति, आंतरिक साजसज्जा समिति, मीडिया समिति, यातायात समिति आदि के दायित्वों के साथ साथ प्रत्येक समिति में सदस्यों के मध्य कार्य वितरण पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर पूज्य स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती ने आशीर्वचन देते हुए कहा कि गत वर्षों की भांति इस बार भी आस्था एवं श्रद्धा के प्रतीक मुमुक्षु महोत्सव का आयोजन पूर्ण समर्पण के साथ किया जाएगा। संकुल के प्रत्येक सदस्य की प्रतिबद्धता ही इस भव्य आयोजन की सफलता को सुनिश्चित करती है।
बैठक में कॉलेज प्रबंध समिति के सचिव प्रो अवनीश मिश्र, प्राचार्य प्रो आर के आजाद, डॉ जयशंकर ओझा, प्रो आलोक मिश्र, प्रो मीना शर्मा, प्रो प्रभात शुक्ला, प्रो आदित्य कुमार सिंह, प्रो अजीत सिंह चारग, प्रो देवेंद्र सिंह, प्रो कमलेश गौतम, डॉ आलोक कुमार सिंह, डॉ शिशिर शुक्ला, डॉ संदीप अवस्थी, सुयश सिन्हा, डॉ पवन गुप्ता, शिवओम शर्मा आदि मौजूद रहे।

बाबूजी की कुटिया अभ्यासियों के लिए बनी आकर्षण का केंद्र


श्री रामचंद्र मिशन आश्रम में तैयार की गई है बाबूजी महाराज की कुटिया
– चित्र प्रदर्शनी देखकर अभिभूत हो रहे हैं बाबूजी के अनुयाई
– ( संजीव गुप्त द्वारा )
#शाहजहांपुर का श्री रामचंद्र मिशन आश्रम इन दिनों स्वर्ण जयंती समारोह मना रहा है। बसंत उत्सव नाम से आयोजित भव्य और दिव्य उत्सव गुरु के चरणों में समर्पित है। देश-विदेश से जुटने वाले हजारों अभ्यासियों पर अध्यात्म का रंग पूरी तरह से चढ़ चुका है। हर ओर उल्लास ही उल्लास दिखाई दे रहा है।
#अध्यात्म के रंग में सराबोर अभ्यासी आश्रम परिसर में इधर-उधर आपस में एक दूसरे का परिचय प्राप्त करते और फोटो खिंचवाते देखे जा सकते हैं। वही सुबह शाम की ध्यान साधना से इतर पूरे दिन लोग कभी गुरु महाराज की समाधि के समक्ष या फूलों से खिलखिलाते पार्कों में ध्यान में लीन दिखाई दे रहे हैं। यूं तो आश्रम परिसर को तमाम प्रकार से सुसज्जित किया गया है। नए-नए भवन भी तैयार किए गए हैं, जिससे दूर दराज से आने वाले साधकों को कोई असुविधा न हो और वह आराम से अपना समय व्यतीत कर सकें, खान-पान के साथ ही स्वरुचि जलपान या भोजन के लिए बृहद रूप से कैंटीन भी सेवा में खोली गई है, जहां तमाम प्रकार के फास्ट फूड से लेकर अन्य लजीज व्यंजन और पकवान सहज उपलब्ध हो रहे हैं।
#चूंकि बाबूजी महाराज का आवास केरूगंज स्थित मोहल्ला दीवान जोगराज में एक पतली गली में स्थित है, जहां सभी अनुयाई नहीं पहुंच सकते हैं, इसलिए मिशन आश्रम में ही बाबूजी की कुटिया तैयार कराई गई है। इस कुटिया की विशेषता यह है कि जिस तरीके से बाबूजी अपने घर पर कक्ष में रहते थे, हूबहू उसी प्रकार की कुटिया आश्रम में निर्मित की गई है। कुटिया में बाबूजी की दिव्य कांस्य प्रतिमा भी रखी गई है। कुटिया के बाहर वैसा ही फर्श तैयार कराया गया है, जैसा कि उनके आवास पर था। इस कुटिया में कभी उनके द्वारा इस्तेमाल की गई वस्तुएं भी अभ्यासियों के दर्शनार्थ रखी गई हैं, जिसमें कुर्सी, चौकी, लालटेन, बाबू जी की छड़ी, छतरी, चप्पल, चारपाई यहां तक कि वह रिक्शा भी कुटिया के बाहर खड़ा किया गया है, जिस पर बैठकर बाबूजी आश्रम से अपने आवास और अपने आवास से आश्रम तक का सफर तय किया करते थे।
#उसके पड़ोस में ही एक चित्र प्रदर्शनी भी लगाई गई है जो एक बड़े से कक्ष में स्थापित है। बाबूजी के चित्रों को देखने के लिए सैकड़ो अनुयाई कतारबद्ध होकर अपनी बारी का इंतजार करते हैं। कमरे के एक दरवाजे से प्रवेश करते हुए और चित्रों को निहारत हुए अभ्यासी अभिभूत हो रहे हैं। साथ ही फोटोग्राफी और सेल्फी का भी दौर खूब चल रहा है। वहीं स्थाई ध्यान साधना के आकर्षक भवन के इर्द-गिर्द भी बाबूजी महाराज के बड़े-बड़े चित्र लगाए गए हैं। फूलों से सुगंधित आश्रम में दुर्लभ फूलों की प्रजातियां और पेड़ पौधे देखने के लिए भी खास खर्च किया गया है। व्यवस्थाएं अभ्यासी ही अपने आप संभाले हुए हैं।
#सबसे खास बात यह भी है कि 20 दिन तक यानि दो मार्च तक चलने वाले इस भव्य महाकुंभ में प्रतिदिन 5000 से 6000 श्रद्धालु या जिन्हें अनुयाई कह सकते है आते रहते हैं, लेकिन उनको व्यवस्थित करने के लिए किसी भी प्रकार का ध्वनि विस्तारक यंत्र लाउडस्पीकर आदि की व्यवस्था नहीं की गई है। शांतिपूर्ण माहौल में सभी ध्यान साधना में डूबे हुए हैं। गुरु महाराज की समाधि के इर्द-गिर्द लोग पहुंचकर अपने आप को धन्य समझ रहे हैं। रंग-बिरंगे फूलों से समाधि को सुसज्जित किया गया है। आश्रम इस समय एक पर्यटन स्थल के रूप में दिखाई दे रहा है। हजारों की संख्या में लोग आपस में बतियाते तो देखे जा सकते हैं, लेकिन किसी प्रकार का शोर सुनाई नहीं दे रहा है। वातावरण पूरा शांत पूर्ण ढंग से दिखाई दे रहा है।

#किसी को कुछ बताया नहीं जा रहा है। सभी लोग अपने-अपने समय पर भोजन के लिए पहुंच जाते हैं, जलपान के लिए पहुंच जाते हैं और ध्यान साधना से ठीक एक घंटे पहले से लोग अपने आप धीरे-धीरे करके अस्थाई रूप से तैयार किए गए ध्यान साधना पंडाल में अपना स्थान ग्रहण कर लेते हैं। विशाल पंडाल में लगभग 5000 के आसपास अभ्यासी बैठ जाते हैं। सुविधा के लिए लगभग 4000 कुर्सियां और 1000 लोगों के जमीन पर बैठने की व्यवस्था की गई है। सबसे पहले श्री रामचंद्र मिशन आश्रम के अध्यक्ष गुरुदेव कमलेश डी पटेल जिन्हें दाजी के नाम से जाना जाता है वह अभ्यासियों का मार्गदर्शन करते हैं। उसके बाद में सभी गुरुदेव के साथ ही ध्यान साधना में डूब जाते हैं।

अनुज चौधरी हत्याकांड– कोर्ट में बहन और विवेचक के बयान, जिरह पूरी

जिला जज अदालत में चल रहीं सुनवाई, 25 को अगली सुनवाई

मुरादाबाद,18 फरवरी(उप्र समाचार सेवा)।
भाजपा नेता अनुज चौधरी हत्याकांड में बुधवार को सुनवाई हुई। अदालत में अनुज की बहन ने बयान दर्ज कराए। इसके साथ ही शूटरों की गिरफ्तारी के मामले में विवेचक निरीक्षक कोर्ट में पेश हुए और बयान दर्ज कराए। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने बहन और विवेचक से जिरह की। जिरह पूरी हो गई।
मुरादाबाद में चर्चित अनुज चौधरी हत्याकांड की सुनवाई चल रहीं हैं। मझोला के नया मुरादाबाद स्थित पार्श्वनाथ प्रतिभा सोसायटी में भाजपा नेता अनुज चौधरी को 10 अगस्त 2023 को गोली मारकर हत्या की गई। पुलिस ने इस मामले में असमोली की ब्लॉक प्रमुख संतोष देवी के पति प्रभाकर सिंह, बेटा अनिकेत, अमित कुमार, मोहित चौधरी, पुष्पेंद्र सिंह भूरा, नीरज पाल, पूर्व ब्लॉक प्रमुख ललित कौशिक, कमल वीर सिंह , सत्येंद्र सिंह ने साजिश रची।
पुलिस का दावा है कि शूटर
सूर्यकांत शर्मा उर्फ शानू, आकाश उर्फ गटुवा, सुशील शर्मा उर्फ गोलू को सुपारी देकर हत्या कराई। पुलिस ने तीनों शूटरों को गिरफ्तार किया था। मामले की विवेचना उमेश चंद्र गुप्ता ने की।
जिला जज कोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई। निरीक्षक उमेश चंद्र गुप्ता ने कोर्ट में अपने बयान दर्ज कराए। आरोपियों के अधिवक्ता अभिषेक शर्मा ने जिरह की।
इस दौरान कोर्ट में अनुज चौधरी की बहन भी हाजिर हुई और बयान दर्ज कराए।अधिवक्ता का कहना है कि केस में गवाहों से जिरह पूरी हो गई।

होली पर यात्रियों की सुविधा को चलेंगी चार और जोड़ी ट्रेनें

Post on 18.2.26
Wednesday, Time 6.35 pm, Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद,18 फरवरी(उप्र समाचार सेवा)।
होली का त्योहार करीब है। त्योहार पर होने वाली भीड़ को देखते रेलवे ने चार और जोड़ी स्पेशल ट्रेनें चलाने की तैयारी की है। लंबी दूरी की चलने वाली ट्रेनें राजस्थान से बिहार तक सफर तय करेंगी।ट्रेनों के तीन से पांच फेरे होंगे।
होली चार मार्च को है। पर इससे पहले ट्रेनों में भीड़भाड़ बढ़ने के आसार है। एक मार्च को रविवार और दो मार्च को होलिका दहन।
लिहाजा शनिवार 28 फरवरी से ट्रेनें पैक होने लगेगी। ट्रेनों में भीड़ बढ़ने की संभावनाओं को देखते हुए होली स्पेशल ट्रेनें चला रहा है।
जोधपुर से गोरखपुर के बीच स्पेशल ट्रेन 5 से 26 मार्च तक चलेगी। वीकली चलने वाली ट्रेन के चार फेरे होंगे। श्रीगंगानगर से समस्तीपुर जंक्शन तक स्पेशल ट्रेन एक से 31 मार्च तक चलेगी। ट्रेन के पांच फेरे होंगे। तीसरी ट्रेन श्रीगंगानगर से गोरखपुर के बीच संचालित होगी। 26 फरवरी से 27 मार्च तक ट्रेन के पांच फेरे पूरे करेगी।
इसके अलावा उदयपुर से योगनगरी ऋषिकेश के बीच विशेष ट्रेन 3 मार्च से एक अप्रैल तक चलाईं जाएंगी। ट्रेन का मंडल में हरिद्वार व रुड़की स्टेशनों पर ठहराव रहेगा।
सीनियर डीसीएम का कहना है कि होली पर यात्री सुविधा के लिए विशेष ट्रेनें चलाईं जा रही है।


अवध आसाम, उज्जयिनी के दो अन्य स्टेशनों पर ठहराव बढ़े
मुरादाबाद।
डिब्रूगढ़ से लालगढ़ अवध आसाम एक्सप्रेस का डिगारु और योगनगरी ऋषिकेश से लक्ष्मीबाई नगर उज्जयिनी एक्सप्रेस का सारंगपुर स्टेशन पर रुकेगी। इन ट्रेनों के स्टाँपेज से यात्रियों को ट्रेन में सुविधा मिलेगी।

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