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मथुरा में फांसी के फंदे पर लटका मिला होमगार्ड का शव, पुलिस प्रशासन में मचा हड़कंप

February 20, 2026

मथुरा में फांसी के फंदे पर लटका मिला होमगार्ड का शव, पुलिस प्रशासन में मचा हड़कंप

ई – चालान कार्यालय परिसर की है घटना
मथुरा। सदर बाजार थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह ई-चालान ऑफिस परिसर में एक होमगार्ड का शव फांसी पर लटका मिला। इस घटना से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस ने घटना स्थल का  निरीक्षण कर शव को पोस्ट मार्टम के लिए भेज दिया और घटना की जांच शुरू कर दी है।
बुधवार की सुबह जब कार्यालय के कर्मचारी पहुंचे, तो उन्होंने होमगार्ड का शव पंखे के कुंडे से लटका देखा। कर्मचारियों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सदर बाजार थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को नीचे उतारा और घटनास्थल का निरीक्षण किया तथा फॉरेंसिक टीम ने भी मौके से आवश्यक साक्ष्य जुटाए।
पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान बलदेव थाना क्षेत्र के ग्राम बिरौना निवासी लखन पुत्र मलखान सिंह के रूप में हुई है। लखन की ड्यूटी ई-चालान ऑफिस में थी और वह मंगलवार रात ड्यूटी पर आया था।
बुधवार को  सुबह उसका शव फंदे से लटका मिला। पुलिस प्रथम दृष्टया इसे आत्महत्या का मामला मान रही है, लेकिन सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो पाएगा।

बांके बिहारी मंदिर में हाई पावर्ड कमेटी और सेवायतों के बीच ठनी,

 कमेटी पर गर्भगृह में ताला लगाने और परंपराओं को तोड़ने का लगाया आरोप।
मथुरा।वृंदावन विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में मंगलवार को हाई पावर्ड कमेटी की 12वीं बैठक के बाद उपजा विवाद बुधवार को उस समय गहरा गया, जब मंदिर के गर्भगृह पर ताला लगा दिया गया। कमेटी द्वारा परंपराओं के विपरीत ठाकुर जी को जगमोहन (बाहरी चबूतरा) में विराजमान कराने और फिर गर्भगृह को बंद करने के निर्णय का सेवायत गोस्वामियों और देश-दुनिया से आए श्रद्धालुओं ने कड़ा विरोध किया।
विवाद की शुरुआत तब हुई जब कमेटी और सेवायत कमेटी सदस्य के निर्देशन पर बुधवार को राजभोग सेवा के दौरान ठाकुर जी को जगमोहन में विराजमान कर भक्तों को दर्शन कराए गए। दोपहर को दर्शन बंद होने के बाद जब शयनभोग सेवायत मंदिर खोलने पहुंचे, तो उन्हें गर्भगृह पर ताला लटका मिला। सेवायत वेणु गोस्वामी ने प्रशासन पर परंपराओं को तोड़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि ठाकुर जी केवल प्रमुख तीज-त्योहारों पर ही जगमोहन में दर्शन देते हैं, लेकिन कमेटी उन्हें रोजाना वहां बैठाना चाहती है। मैं समय पर पूजा के लिए उपस्थित था, लेकिन प्रशासन ने ताला लगाकर व्यवधान उत्पन्न किया।
गर्भगृह के गेट पर ताला देखकर मंदिर में मौजूद भक्त आक्रोशित हो गए। श्रद्धालुओं ने प्रशासन की तुलना कंस के शासन से करते हुए कहा कि जिस तरह भगवान को वर्षों पहले कारागार में रखा गया था, आज प्रशासन उन्हें जंजीरों और तालों में बांधने की कोशिश कर रहा है। भक्तों के बढ़ते दबाव और नारेबाजी के आगे अंततः कमेटी को झुकना पड़ा और कुछ देर बाद ताला खोलकर दर्शन सुचारु किए गए।
सेवाधिकारी हिमांशु गोस्वामी ने बताया कि भक्तों और सेवायतों के सामूहिक विरोध के कारण हाई पावर्ड कमेटी को अपनी हठ छोड़नी पड़ी। उन्होंने कहा कि ठाकुर जी की मर्यादाओं और परंपराओं की रक्षा के लिए भक्त हमारे साथ खड़े रहे, इसके लिए हम उनका धन्यवाद करते हैं। फिलहाल मंदिर में स्थिति सामान्य है, लेकिन प्रशासन के इस कदम ने मंदिर की प्राचीन व्यवस्थाओं और नई व्यवस्था लागू करने की कोशिशों के बीच एक बड़ी बहस छेड़ दी है।

मथुरा की अग्रवाल धर्मशाला में युवक ने की आत्महत्या, कमरे में फांसी के फंदे से लटका मिला शव

मथुरा । थाना कोतवाली क्षेत्र स्थित होली गेट की प्रसिद्ध अग्रवाल धर्मशाला में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक का शव कमरे में फांसी के फंदे से लटका मिला। घटना धर्मशाला के कमरा नंबर 25 की है।मृतक की पहचान उमेश पुत्र अमरजीत सिंह, निवासी ग्राम मढनई, थाना सादाबाद, जिला हाथरस के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि युवक धर्मशाला के कमरे में ठहरा हुआ था, जहां उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
घटना की सूचना मिलते ही होली गेट चौकी पुलिस और फील्ड यूनिट की टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। मौके से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और आत्महत्या के कारणों की जांच की जा रही है।
शहर की प्रमुख और बहुचर्चित अग्रवाल धर्मशाला में हुई इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और जांच के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

रामाश्रम सत्संग मथुरा का तीन दिवसीय भव्य आध्यात्मिक समारोह संपन्न

मथुरा। भगवान श्रीकृष्ण की पावन नगरी मथुरा में शिवरात्रि के पावन अवसर पर रामाश्रम सत्संग मथुरा द्वारा आयोजित तीन दिवसीय भव्य आध्यात्मिक समारोह  सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। श्रद्धा, भक्ति और ज्ञान से ओतप्रोत इस समारोह में देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु साधकों ने आत्मिक लाभ प्राप्त किया। समारोह के दौरान आध्यात्म के विविध आयामों—भक्ति, ध्यान, योग, आत्मचिंतन और जीवन मूल्यों—पर देश के अलग-अलग भागों से पधारे आचार्यों ने सारगर्भित व्याख्यान दिए। विद्वानों के प्रेरणादायक प्रवचनों से उपस्थित श्रद्धालुओं का ज्ञानवर्धन हुआ तथा उनकी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। तीनों दिन वातावरण भक्ति-संगीत, सत्संग और ध्यान साधना से गुंजायमान रहा। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी श्रद्धालु पहुंचे। विशाल संख्या में उपस्थित भक्तों ने शिवरात्रि के इस पावन पर्व पर आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया। आयोजन की सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं और अनुशासित संचालन की सभी ने सराहना की। रामाश्रम सत्संग मथुरा के वर्तमान गुरु एवं संचालक परम संत आलोक कुमार जी के मार्गदर्शन में यह समारोह अत्यंत सफल रहा।
उन्होंने अपने उद्बोधन में जीवन में सकारात्मक चिंतन, संयम, सेवा और समर्पण के महत्व पर प्रकाश डाला। उनके अनुसार, “आध्यात्म केवल ग्रंथों तक सीमित नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक कला है, जो मनुष्य को भीतर से प्रकाशित करती है।

राप्तीनगर विस्तार में खुले केबिल ट्रेंच में गिरने से बच्चे की दर्दनाक मौत

संतोष कुमार सिंह
गोरखपुर

*मण्डलायुक्त ने दिए जांच के आदेश, टेक्निकल सुपरवाइजर सेवा समाप्त, अवर अभियंता के निलंबन की संस्तुति*

गोरखपुर। राप्तीनगर विस्तार आवासीय योजना क्षेत्र में बुधवार को एक दर्दनाक हादसे में खुले केबिल ट्रेंच में गिरने से एक बच्चे की मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। मण्डलायुक्त अनिल ढींगरा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए हैं और प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
मण्डलायुक्त ने बताया कि गोरखपुर विकास प्राधिकरण द्वारा राप्तीनगर विस्तार आवासीय योजना की 24 मीटर चौड़ी सड़क के दोनों ओर भूमिगत केबिल ट्रेंच का निर्माण कार्य कराया गया था। यह कार्य 3 अप्रैल 2023 से प्रारंभ होकर 25 जून 2025 को पूर्ण किया गया था। निर्माण के बाद ट्रेंच को पूरी तरह तैयार कर उसके ऊपर आरसीसी स्लैब से ढक दिया गया था, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।
घटना से क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।
मण्डलायुक्त अनिल ढींगरा ने बताया कि प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर गोरखपुर विकास प्राधिकरण के टेक्निकल सुपरवाइजर आदित्य श्रीवास्तव की सेवा समाप्त कर दी गई है। साथ ही संबंधित अवर अभियंता संजय गुप्ता के निलंबन की संस्तुति की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
घटना की गहन जांच के लिए अपर जिलाधिकारी (नगर) और मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग के नेतृत्व में एक जांच समिति गठित की गई है। यह समिति पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर जिम्मेदारी तय करेगी और अपनी रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करेगी।
प्रशासन की ओर से मृतक बच्चे के परिजनों को हर संभव शासकीय सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना विकास कार्यों की निगरानी और सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। भूमिगत ट्रेंच जैसे संवेदनशील निर्माण कार्यों में सुरक्षा की अनदेखी जानलेवा साबित हो सकती है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में ऐसे सभी निर्माण स्थलों की पुनः जांच कराई जाएगी, ताकि इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

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