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निगम के कर निरीक्षक से पार्षद की बदसलूकी, पुलिस से शिकायत

February 20, 2026

निगम के कर निरीक्षक से पार्षद की बदसलूकी, पुलिस से शिकायत

नगर निगम में वार्ड-65 का मामला, एसएसपी(SSP) को शिकायती पत्र

Post on 20.2.26
Friday, Time 1.40 pm
Moradabad, Rajesh Bhatia

मुरादाबाद,20 फरवरी(उप्र समाचार सेवा)।
मुरादाबाद नगर निगम(Nagar Nigam) में पार्षद पर कर निरीक्षक से अभद्रता का आरोप है। निगम में राजस्व विभाग में कार्यरत कर निरीक्षक सतीश कुमार ने टैक्स वसूली के दौरान पार्षद की अभद्रता की शिकायत पुलिस अधिकारियों से की है। कर निरीक्षक से बदसलूकी की घटना से नगर निगम कर्मचारी संघ ने विरोध जताया है। शुक्रवार को कचहरी में पुलिस अधिकारियों को तहरीर भी दी गई।

मामला महानगर के वार्ड 65 का है। नगर निगम में आर आईं सतीश कुमार के अनुसार गुरुवार को टैक्स वसूली के लिए वार्ड 65 के क्षेत्र में गए थे। इस दौरान कर वसूली शुरू की। क्षेत्र में बकाया वसूलने के वह और निगम कर्मी भी थे।इस दौरान कर वसूली का पार्षद ने विरोध जताया। निरीक्षक का कहना है कि पार्षद ने उनसे अभद्रता की। पार्षद पर मारपीट का आरोप है। घटना के बाद निगम कर्मियों में भारी आक्रोश है। शुक्रवार को इस मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर नगर निगम कर्मचारी संघ के अध्यक्ष मो सुब्हान, श्मशाद समेत अन्य कर्मचारी कचहरी में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मिलें और पार्षद के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। कर निरीक्षक से मारपीट व अभद्रता का मामला वायरल हुआ तो निगम कर्मियों में आक्रोश फैला गया।

बेटी की ससुराल आए पिता पर हमला

एटा में बेटी के घर आए पिता-भाई को ससुराल वालों ने दहेज के लिए लाठी-डंडों और फावड़े से पीटा, पिता को छत से फेंका

एटा 20 फरवरी उप्रससे। जिले के अलीगंज थाना क्षेत्र के मिहुता गांव में दहेज उत्पीड़न के एक मामले में बेटी के घर आए पिता और भाई पर ससुरालियों ने हमला कर दिया। लाठी-डंडों, ईंट-पत्थरों और फावड़े से किए गए इस हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद खून से लथपथ पिता-पुत्र अलीगंज कोतवाली पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने घायल पिता सुरेंद्र पुत्र वेदराम और उपेंद्र पुत्र सुरेंद्र का मेडिकल परीक्षण कराया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को हायर सेंटर रेफर कर दिया है। बताया जा रहा है कि पिता सुरेंद्र की हालत चिंताजनक बनी हुई है। दोनों फर्रुखाबाद जिले के कायमगंज थाना क्षेत्र के जयसिंहपुर गांव के निवासी हैं।

सुरेंद्र अपने पुत्र उपेंद्र को लेकर बेटी के ससुराल मिहुता गांव आए थे। आरोप है कि ससुराल वाले बेटी को अतिरिक्त दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित कर रहे थे। बेटी की सूचना पर वे उसे समझाने आए थे, तभी यह हमला हुआ।

बेटी अनीता ने बताया कि ससुराल वाले उनसे एक लाख रुपये की मांग कर रहे थे। उन्होंने अपने पिता को फोन किया था, जिसके बाद वे पैसों का इंतजाम करके आए थे। अनीता के अनुसार, उनके पति देवेश, ससुर मनीराम और जेठ नेम सिंह ने मिलकर उन्हें पीटा और छत से नीचे फेंक दिया, जिससे उनके पिता और भाई घायल हो गए। अनीता ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें आए दिन अतिरिक्त दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता है।

घायल उपेंद्र ने बताया कि वे अपनी बहन को वापस बुलाने आए थे। तभी देवेश, नेम सिंह और मनीराम ने लाठी-डंडों, ईंट-पत्थरों से उन पर हमला किया और फावड़ा मार दिया। उपेंद्र ने कहा कि ससुराल वालों को उनकी बहन पसंद नहीं है, जबकि उन्होंने कभी दहेज देने से मना नहीं किया।

क्षेत्राधिकारी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि शिकायत पत्र मिलते ही तत्काल एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया जा चुका है।

गोरखपुर : ट्रैफिक व्यवस्था को मिलेगी नई दिशा, शहर में खुलेंगे चार नए ट्रैफिक थाने

संतोष कुमार सिंह
*अवैध पार्किंग और ई-रिक्शा की मनमानी पर लगेगी लगाम, निर्धारित रूट पर ही चलेंगे ई-रिक्शा*

गोरखपुर। शहर की लगातार बिगड़ती ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए प्रशासन ने बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। गोरखपुर में जल्द ही चार नए ट्रैफिक थाने स्थापित किए जाएंगे। ये थाने धर्मशाला, मोहद्दीपुर, बेतियाहाता और नौसढ़ क्षेत्र में खोले जाएंगे। प्रत्येक थाने का क्षेत्राधिकार भी तय कर दिया गया है, जिससे यातायात प्रबंधन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जा सके।
प्रशासनिक जानकारी के अनुसार धर्मशाला ट्रैफिक थाना गोरखनाथ क्षेत्र की निगरानी करेगा। मोहद्दीपुर ट्रैफिक थाना पिपराइच रोड और मेडिकल रोड की जिम्मेदारी संभालेगा। बेतियाहाता ट्रैफिक थाना घंटाघर और रुस्तमपुर इलाके की व्यवस्था देखेगा, जबकि नौसढ़ ट्रैफिक थाना ट्रांसपोर्ट नगर और फल मंडी क्षेत्र को नियंत्रित करेगा।
शहर में बढ़ती अवैध पार्किंग, सड़क किनारे खड़े वाहन और मनमाने ढंग से चल रहे ई-रिक्शा के कारण जाम की समस्या गंभीर होती जा रही है। विशेष रूप से गोलघर, घंटाघर, मेडिकल रोड और ट्रांसपोर्ट नगर जैसे व्यस्त क्षेत्रों में हालात बदतर रहते हैं। प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि अब सड़क की बाईं ओर अवैध तरीके से वाहन खड़ा करने वालों की खैर नहीं होगी।
गोलघर की सड़कों पर वाहन खड़ा करना अब सीधे जेब पर भारी पड़ेगा। वाहन चालकों को अपने वाहन केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़े करने होंगे। नियमों का उल्लंघन करने पर चालान के साथ-साथ वाहन को क्रेन के माध्यम से उठाकर यार्ड में भेज दिया जाएगा। इस संयुक्त अभियान में नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस और जीडीए की टीमें सक्रिय भूमिका निभाएंगी।
इसके साथ ही ई-रिक्शा चालकों की मनमानी पर भी सख्त रोक लगाने की तैयारी है। अब ई-रिक्शा केवल निर्धारित रूट पर ही संचालित होंगे। बिना अनुमति रूट बदलना, चौराहों पर सवारी बैठाना-उतारना या बीच सड़क पर वाहन रोकना सीधे कार्रवाई को आमंत्रण देगा। बार-बार नियम तोड़ने वाले चालकों के परमिट तक निरस्त किए जा सकते हैं।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि वर्षों से यार्ड में अव्यवस्थित ढंग से खड़ी जब्त गाड़ियों को व्यवस्थित स्थानों पर शिफ्ट कराया जाएगा। लंबे समय से कब्जा किए हुए स्थानों को खाली कर सुव्यवस्थित किया जाएगा, ताकि नए अभियान में पकड़े जाने वाले अवैध रूप से खड़े वाहनों को नियमानुसार रखा जा सके। इससे यार्ड प्रबंधन भी पारदर्शी होगा और कार्रवाई की प्रक्रिया तेज होगी।
ट्रांसपोर्ट नगर और फल मंडी क्षेत्र में भारी वाहनों की अनियमित पार्किंग और लोडिंग-अनलोडिंग भी जाम का बड़ा कारण रही है। अब इन क्षेत्रों में समयबद्ध और निर्धारित स्थानों पर ही गतिविधियां संचालित होंगी। उल्लंघन करने वालों पर आर्थिक दंड के साथ अन्य वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।
अधिकारियों का मानना है कि चार नए ट्रैफिक थानों के संचालन से क्षेत्रवार निगरानी मजबूत होगी और जवाबदेही तय रहेगी। प्रत्येक थाना प्रभारी अपने-अपने क्षेत्र की यातायात व्यवस्था के लिए सीधे जिम्मेदार होगा।
शहरवासियों को उम्मीद है कि यह अभियान केवल कागजों तक सीमित न रहकर धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू होगा। यदि अवैध पार्किंग, ई-रिक्शा की मनमानी और अव्यवस्थित यार्ड प्रबंधन पर वास्तव में नियंत्रण हुआ, तो गोरखपुर की सड़कों पर यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
अब प्रशासन की सख्ती और निरंतरता ही तय करेगी कि गोरखपुर जाम से राहत की ओर बढ़ेगा या फिर पुराने हालात दोबारा लौटेंगे। फिलहाल संकेत साफ हैं—नियम तोड़ने वालों के लिए सड़कों पर अब कोई ढील नहीं होगी।

जय पाल सिंह व्यस्त ने बजट सत्र में रखी मुरादाबाद में मेडिकल कॉलेज और बरेली में केंद्रीय विवि की मांग

Posted on 20.02.2026 Friday , Time 10.24 AM, Dr Jay Pal Singh Vyast, MLC, Vidhan Parishad, Lucknow 

लखनऊ, 20 फरवरी। बरेली मुरादाब खंड स्नातक क्षेत्र से विधान परिषद सदस्य डॉक्टर जय पाल सिंह व्यस्त ने सदन में बजट भाषण के दौरान मुरादाबाद में मेडिकल कालेज और बरेली में केंद्रीय विश्वविद्यालय की मांग रखी।

उन्होंने कहा मुरादाबाद में राजकीय मेडिकल कॉलेज, लाइनपार क्षेत्र में राजकीय कन्या इंटर कॉलेज खोला जाए। साथ ही लोकोशेड से प्रभात मार्केट तक एलिवेटेड रोड का निर्माण किया जाय।

डा व्यस्त ने कहा बरेली में केंद्रीय विश्वविद्यालय स्थापित किए जाने की मांग का समर्थन करता हूं। उन्होंने अपने भाषण में 9.12 लाख करोड़ के बजट की प्रशंसा की।

रविवार को पंचायत भवन में मेगा विधिक साक्षरता शिविर

Post on 20.2.26
Friday, Time 8.30 Am
Moradabad, Rajesh Bhatia

मुरादाबाद, 20 फरवरी(उप्र समाचार सेवा)।
मुरादाबाद में रविवार को मेगा विधिक साक्षरता शिविर लगेगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष जिला जज सैय्यद माऊज बिन आसिम के निर्देशन में साक्षरता शिविर पंचायत भवन में लगेगा। गुरुवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव तपस्या त्रिपाठी ने कार्यक्रम के आयोजन के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी की।
प्राधिकरण सचिव तपस्या त्रिपाठी ने बताया कि शिविर में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, आयुष्मान भारत योजना, माटीकला ऋण, वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित महिला पेंशन, कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री आवास आदि योजनाओं में पात्र व्यक्तियों को लाभान्वित किया जाएगा।
जिला सचिव ने विभागीय अधिकारियों को लाभार्थियों के पंजीकरण कराने के लिए दिशा-निर्देश भी दिए। साथ ही कहा कि यदि किसी लाभार्थी के पंजीकरण में समस्या आती हैं तो उसका तत्काल निराकरण भी किया जाएं।

14 मार्च को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत
मुरादाबाद।
राष्ट्रीय लोक अदालत का 14 मार्च को लगेगी। यह इस साल की यह पहली राष्ट्रीय लोक अदालत है।
पिछले दिनों जिला जज सैय्यद माउज बिन आसिम के निर्देश पर एक बैठक भी बुलाई गई। जिसमें ‘‘राष्ट्र के लिए मध्यस्थता 2.0 अभियान’’ में मेगा विधिक सहायता शिविर के साथ राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन की तैयारियों पर भी चर्चा हुई।

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