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ननिहाल में शादी में आए लापता मासूम का तालाब में मिला शव, ग्रामीणों ने किया हंगामा

February 24, 2026

ननिहाल में शादी में आए लापता मासूम का तालाब में मिला शव, ग्रामीणों ने किया हंगामा

7 दिन से तलाश रही थी पुलिस और परिजन, सीसीटीवी में बाहर जाते दिखा था बालक
​आक्रोशित ग्रामीणों ने की SIT जांच की मांग, गांव में तनाव का माहौल
मथुरा(चौमुहाँ। ​थाना छाता के गांव तरौली जनूबी में सात दिन पहले अपनी ननिहाल से लापता हुए 9 वर्षीय मासूम दुष्यंत का शव मंगलवार को गांव के ही एक तालाब में मिलने से सनसनी फैल गई। मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए। आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मामले की एसआईटी जांच की मांग को लेकर हंगामा किया।
जिला आगरा के थाना जगनेर अंतर्गत गांव चौरे का बरगंवा निवासी हरिओम का पुत्र दुष्यंत (9) अपनी मां संजू के साथ 10 फरवरी को तरौली स्थित अपनी ननिहाल आया था। परिवार को 21 फरवरी को वृंदावन में एक रिश्तेदारी की शादी में शामिल होना था, जिसके चलते दुष्यंत यहीं रुका हुआ था। 18 फरवरी को दोपहर करीब 12 बजे वह अपनी नानी सावित्री से बाहर खेलने की बात कहकर निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा।
परिजनों की सूचना पर छाता पुलिस ने तलाश शुरू की थी। गांव में लगे एक सीसीटीवी कैमरे में दुष्यंत गांव से बाहर की ओर जाने वाले रास्ते पर पैदल जाता हुआ दिखाई दिया था, जिसके बाद उसका कोई सुराग नहीं लग सका। मंगलवार सुबह गांव के तालाब में शव उतराता देख ग्रामीणों के होश उड़ गए। शिनाख्त होने पर पता चला कि यह शव लापता दुष्यंत का ही है।
चौथी कक्षा में पढ़ने वाला दुष्यंत अपने भाई-बहनों में सबसे छोटा था। उसकी मौत से मां संजू और पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों का आरोप है कि मामला संदिग्ध है, इसलिए इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। हंगामे की सूचना पर भारी पुलिस बल मौके पर तैनात कर दिया गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच तेज कर दी है।

ई-रिक्शा पलटने के बाद दो पक्षों में मारपीट, कई घायल

हाथरस। हाथरस जंक्शन कोतवाली क्षेत्र के गांव छौंक में स्कूल जा रहे बच्चों से भरा ई-रिक्शा पलटने के बाद दो पक्षों में जमकर मारपीट हो गई। लाठी-डंडों और पशुओं को बांधने वाली जंजीरों से हुए हमले में दोनों पक्षों के आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
जानकारी के अनुसार गांव ततारपुर निवासी मनोज बच्चों को ई-रिक्शा से गांव फुलई स्थित विद्यालय छोड़ने जा रहे थे। गांव छौंक में एक ट्रैक्टर चालक द्वारा अचानक ई-रिक्शा के आगे ट्रैक्टर लगाने से वाहन असंतुलित होकर पलट गया। गनीमत रही कि बच्चों को गंभीर चोट नहीं आई। घटना के बाद ई-रिक्शा चालक और ट्रैक्टर चालक में कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई।
मारपीट में एक पक्ष से देव प्रकाश, कमल और बच्ची नेहा तथा दूसरे पक्ष से भगवान सिंह, विनीत और कृष्णा घायल हुए हैं। सभी का चिकित्सकीय परीक्षण कराया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि तहरीर मिलने पर संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

कागजों में हरियाली, जमीन पर उजाड़

कुंभकरणीय नींद में विभाग, पेड़ों पर बेरोक चल रही कुल्हाड़ी

हाथरस। जनपद में पर्यावरण संरक्षण के दावे भले ही फाइलों में हरे-भरे दिखाई देते हों, लेकिन जमीनी हकीकत बिल्कुल उलट नजर आ रही है। हरे-भरे पेड़ों पर धड़ल्ले से कुल्हाड़ी चल रही है और जिम्मेदार विभाग कुंभकरणीय नींद में सोया हुआ प्रतीत हो रहा है। कागजों में वृक्षारोपण, निरीक्षण और कार्रवाई की लंबी-चौड़ी रिपोर्ट तैयार हो रही है, मगर धरातल पर हरियाली तेजी से गायब हो रही है।
सूत्रों के अनुसार प्रतिदिन सैकड़ों से लेकर लगभग एक हजार तक पेड़ों का दोहन किया जा रहा है। बागों के ठेके लेकर रातों-रात पेड़ों को काटा जा रहा है और लकड़ी की खेप खुलेआम निकल रही है। हैरानी की बात यह है कि जिन रास्तों से ट्रैक्टर-ट्रॉली और ट्रक गुजरते हैं, वहां से प्रशासनिक निगाहें कैसे चूक जाती हैं? या फिर सबकुछ देखकर भी अनदेखा किया जा रहा है?
जनपद में टीटीजेड के नाम पर उद्योगों पर सख्ती दिखाने वाले अधिकारी अवैध कटान के मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। सवाल ये  उठ रहा है कि क्या कार्रवाई सिर्फ छोटे कारोबारियों तक सीमित है? पर्यावरण संरक्षण के नाम पर बैठकें और निर्देश तो जारी हो रहे हैं, लेकिन धरातल पर अमल नदारद है।
कुछ लोगों का दावा है कि इस खेल में मोटी कमाई का हिस्सा तय है, इसलिए शिकायतें भी फाइलों में दबकर रह जाती हैं। पूर्व में एक पर्यावरणविद के आंदोलन के दौरान कुछ समय के लिए कुल्हाड़ी की रफ्तार थमी थी, मगर अब फिर वही हाल है। यदि जिम्मेदार विभाग इसी तरह कागजी खानापूर्ति में उलझे रहे तो आने वाले समय में हाथरस की हरियाली इतिहास बनकर रह जाएगी।

अब विधायिका को लेकर धारणा सकारात्मक: सतीश महाना

Sathish Mahana

Posted on 24.02.2026 Tuesday, Time 07.48 PM, Vidhan Sabha Adhyaksh Satish Mahana
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि पिछले चार वर्षों में प्रदेश की विधायिका को लेकर समाज में बनी नकारात्मक धारणा में उल्लेखनीय सकारात्मक परिवर्तन आया है। श्री महाना ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी को अपनी सीमाओं में रहकर अपनी भूमिका का निर्वहन करना चाहिए।
उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के सफलतापूर्वक संपन्न होने के उपरांत आयोजित प्रेस वार्ता में अध्यक्ष ने सत्र की उपलब्धियों और सदन के बदलते स्वरूप पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एक समय था जब विधानसभा की कार्यवाही को लेकर आमजन के मन में शंका और निराशा का भाव था, किंतु आज वही सदन गंभीर, सार्थक और परिणाममुखी चर्चाओं का केंद्र बन चुका है।
अध्यक्ष ने कहा कि 18वीं विधानसभा ने लोकतांत्रिक मूल्यों को सहेजते हुए नवाचार, पारदर्शिता और आधुनिक तकनीक को अपनाकर कार्यसंस्कृति में व्यापक सुधार किया है। उत्तर प्रदेश विधानसभा अब केवल एक ऐतिहासिक भवन नहीं, बल्कि उत्तरदायित्व, अनुशासन और जन-आकांक्षाओं की अभिव्यक्ति का सशक्त मंच बन चुकी है। इन सुधारात्मक प्रयासों के कारण प्रदेश की विधानसभा को देश की अग्रणी विधानसभाओं में प्रतिष्ठित स्थान प्राप्त हुआ है।


उन्होंने बताया कि बजट सत्र अनेक दृष्टियों से महत्वपूर्ण, विचारोत्तेजक और परिणाममुखी रहा। वित्तीय वर्ष के बजट पर विस्तृत, गंभीर और सारगर्भित चर्चा की गई। विभिन्न विभागों की अनुदान मांगों पर क्रमबद्ध विचार-विमर्श हुआ तथा जनहित से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विधेयकों को सदन की स्वीकृति प्राप्त हुई। प्रश्नकाल के माध्यम से शासन-प्रशासन की जवाबदेही सुनिश्चित की गई, जबकि शून्यकाल में जनसरोकार के विविध विषय प्रभावी ढंग से उठाए गए। इससे स्पष्ट है कि सदन जनता की आवाज को सरकार तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम है।
उन्हेंने संतोष व्यक्त किया कि पूरे सत्र के दौरान पक्ष और विपक्ष दोनों ने संसदीय मर्यादाओं का सम्मान किया। मतभेद लोकतंत्र का स्वाभाविक अंग हैं, किंतु संवाद, संयम और शालीनता उसकी मूल आत्मा हैं। इस सत्र में स्वस्थ बहस, तार्किक प्रतिपादन और सकारात्मक सहभागिता देखने को मिली, जो प्रदेश की संसदीय परंपराओं के लिए अत्यंत उत्साहवर्धक है। विभिन्न दलों के सदस्यों द्वारा विधानसभा के बदलते स्वरूप की सराहना भी की गई।
पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए अध्यक्ष ने मीडिया प्रतिनिधियों का विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा की सकारात्मक छवि को जन-जन तक पहुँचाने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। अंत में उन्होंने सभी सदस्यों, संसदीय कार्य मंत्री, नेता प्रतिपक्ष तथा विभिन्न दलों के नेताओं का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि सदन की गरिमा, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को सर्वोपरि रखते हुए भविष्य में भी स्वस्थ और सार्थक संवाद की परंपरा को और सुदृढ़ किया जाएगा।

शाहजहांपुर में कलश-यात्रा से पावन हुई मुमुक्षु धरा

Posted on 24.02.2026 Tuesday, Time 07.22 PM, Shahjahanpur, Mumuksh Mahotsav

रामकथा के शुभारंभ का गूंजा जयघोष*

(संजीव गुप्त)

शाहजहांपुर, 24 फरवरी। संत शुकदेवानंद जी महाराज द्वारा रोपित तथा स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती जी द्वारा पुष्पित-पल्लवित पुण्यभूमि मुमुक्षु आश्रम में संत विजय कौशल जी की श्री रामकथा का शुभारंभ भव्य और भावपूर्ण कलश-यात्रा के साथ हुआ।

मुमुक्ष महोत्सव शाहजहांपुर शोभा यात्रा

कथा आयोजन से पूर्व श्रद्धा और सौभाग्य की प्रतीक पीत-वस्त्र धारण किए हुए 51 महिलाओं ने कलश यात्रा प्रभारी डा. कविता भटनागर के नेतृत्व में श्री शंकर मुमुक्षु विद्यापीठ से एस.एस. कॉलेज मैदान में निर्मित कथा-पंडाल तक मंगल कलश-यात्रा निकाली। सिर पर पवित्र जल से भरे कलश, अधरों पर राम-नाम और चरणों में भक्ति की लय—यह यात्रा मानो जनमानस की आस्था का सजीव प्रतीक बन गई।

यात्रा के अग्रभाग में पुरोहितों द्वारा उच्चारित वैदिक मंत्रोच्चार से दिशाएं पवित्र हुईं, तो पीछे पीछे मुख्य कलश लेकर जब डा. कविता भटनागर और श्रद्धालु महिलाओं की कतार चली तो वातावरण को भक्ति-रस से सराबोर कर दिया। रास्ते में मुमुक्षु शिक्षा संकुल के अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती,एमएलसी जयपाल सिंह व्यस्त, सचिव प्रो अवनीश मिश्रा, प्राचार्य प्रो आर के आजाद आदि ने कलश यात्रा का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।शंखध्वनि, मंगल गान और एसएसएमवी के बच्चों की मधुर धुन के जयघोष के साथ कलश-यात्रा जब कथा-पंडाल पहुंची, तो सम्पूर्ण परिसर राममय हो उठा। रास्ते में छात्राओं ने कलश यात्रा पर पुष्प वर्षा की।

कलश-यात्रा के समापन के उपरांत विधिवत पूजन-अर्चन के साथ रामकथा का शुभारंभ हुआ। कलश यात्रा में डा. बरखा सक्सेना, डॉ. दीप्ति गंगवार ,डॉ. विनीता राठौर, डॉ.अन्जू लता अग्निहोत्री ,डॉ.पूजा बाजपेई  डॉ.शिवांगी शुक्ला , सीतू शुक्ला ,रश्मि राठौर ,ममता सिंह ,काजल  विभिन्न विद्यालय की शिक्षिकाओं का सहयोग रहा।

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