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हरथला में मकान में घुसा तेंदुआ, चार घंटे की मशक्कत के बाद पकड़ा

February 27, 2026

हरथला में मकान में घुसा तेंदुआ, चार घंटे की मशक्कत के बाद पकड़ा

आबादी में बनी रहीं दहशत
कालोनी में घर के बाथरूम में घुसा तेंदुआ

मुरादाबाद,27 फरवरी(उप्र समाचार सेवा)।
शहर के हरथला कालोनी में एक मकान में तेंदुआ घुसने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। मौके पर शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग भी पहुंच गए। हालांकि वन विभाग ने चार घंटे की मशक्कत के बाद घर में घुसे तेंदुआ को रेस्क्यू आपरेशन के बाद पकड़ लिया। हालांकि बचाव के लिए लोग लाठी-डंडे लेकर मौके पर डटे रहे।
हरथला कालोनी गंगा मंदिर के पास शुक्रवार सुबह सनसनी फैल गई। एक रिहायशी मकान के बाथरूम में तेंदुआ आ आया। घटना से पूरे इलाके में अफरा -तफरी मच गई। तेंदुआ क्षेत्र में रहने वाले मेघराम के घर घुसा। मेघराम का कहना है कि सुबह साढ़े सात बजे तेंदुआ- गुलदार घर की छत से नीचे पहुंचा। और बाथरुम में बैठ गया। सवेरे जब बाथरूम का दरवाजा खुला तो वहां तेंदुआ दिखा। इससे पूरे घर में हड़कंप मच गया। परिवार के लोगों ने खुद को सुरक्षित कमरों में बंद किया। घटना की पुलिस व वन विभाग को जानकारी दी गई। बताया गया कि घर के एक सदस्य के बाथरूम का दरवाजा खुलते ही अंदर बैठा तेंदुआ दिखा। यह देखकर शोर शराबा मच गया। मौके पर सदस्य ने बाथरुम का दरवाजा बंद कर लिया। सूचना मिलने के बाद पुलिस और वन विभाग की‌ टीम
मौके पर पहुंच गई। पूरे इलाके की घेराबंदी कर लीं। टीमों ने एहतियात बरतते हुए आसपास के घरों को खाली करा लिया गया। क्षेत्र में लोगों के आने-जाने पर रोक लग दी गई है।
घटना की खबर आग की तरह फैली। तेंदुए को देखने सैकड़ों लोग वहां जमा गए। मौके पर लोगों ने बाथरुम के अंदर मोबाइल से वीडियो बनानी शुरू कर दी। पुलिस ने एहतियातन लोगों से मौके पर न जाने को कहा।
वन विभाग ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया हुआ है। टीम ने तेंदुए को सुरक्षित पकड़ने के लिए पिंजरा भी मंगवाया है। साथ ही ट्रैंक्विलाइज़र गन व अन्य उपकरण संग विशेषज्ञ टीम मौके पर डटी हुई है।
तेंदुए से कॉलोनी में दहशत में का माहौल हैं। कई परिवारों ने एहतियातन अपने बच्चों को घरों के अंदर ही रोक लिया है। लोग छतों और खिड़कियों से स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन ने लगातार माइक से घोषणा कर लोगों को सुरक्षित रहने की हिदायत दी है। तेंदुआ आबादी में कैसे पहुंच गया। वन विभाग की टीम क्षेत्र में पता लगा रही है।

कांग्रेस के होली मिलन समारोह में शामिल होंगे कई वरिष्ठ नेता

होली मिलन समारोह से कांग्रेस देगी सद्भावना का संदेश-मनोज सैनी
हरिद्वार, 26 फरवरी। प्रैस क्लब में आयोजित प्रैस वार्ता में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा 1 मार्च को आयोजित किए जा रहे होली मिलन समारोह की जानकारी देते हुए कार्यक्रम संयोजक सोम त्यागी एवं मनोज सैनी ने बताया कि मध्य हरिद्वार स्थित बैंकट हॉल में आयोजित किए जा रहे होली मिलन समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह, सोनीपत सांसद सतपाल ब्रह्मचारी, कांग्रेस प्रवक्ता आलोक शर्मा सहित अनेक वरिष्ठ कांग्रेस नेता व गणमान्य लोग शामिल होंगे। इस दौरान रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा और सभी एक दूसरे से फूलों से होली खेलकर भाईचारे, सौहार्द एवं सद्भावना का संदेश देंगे। उन्होंने कहा कि बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक और खुशियों का पर्व होली समाज को एकजुटता और प्रेम का संदेश देता है। लेकिन भाजपा पर्वों के माध्यम से भी राजनीति कर धर्म के नाम पर लोगों को गुमराह कर रही है, जोकि दुर्भाग्यपूर्ण है। मनोज सैनी ने सभी से कार्यक्रम में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि कांग्रेस परिवार होली मिलन समारोह के माध्यम से समाज को एकजुटता का संदेश देगा। वरिष्ठ कांग्रेस नेता संजय सैनी एवं विकास चंद्रा ने कहा कि सामाजिक एकता का संदेश देते हुए एक दूसरे के साथ होली की खुशीयां बांटे और समाज में नफरत फैलाने वालों से सावधान रहें। प्रैसवार्ता में विकास चंद्रा, विशाल प्रधान, आशु भारद्वाज, निखिल सोदाई, अखिल त्यागी, सागर बेनीवाल सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

अब आतंकवाद पर होगा निर्णायक “प्रहार“

Mratunjay Dixit, Journalist lucknow
मृत्युंजय दीक्षित
विभाजन की विभीषिका के साथ स्वतंत्र हुआ भारत, स्वतंत्रता के बाद से ही आतंकवाद से पीड़ित रहा किन्तु अभी तक उसके पास आतंकवाद से लड़ने की कोई स्पष्ट नीति या रणनीति ही नहीं थी। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद आतंकवाद के खिलाफ शून्य सहनशीलता (जीरो टॉलरेंस) की नीति स्पष्ट हुयी। पहली बार माओवाद जैसे आतंकवाद को समाप्त करने के लिए एक तारीख तय की गई और उस दिशा में काम हुआ जिसका प्रभाव दिखाई देने लगा है। आतंकवादी हमले होने पर सीमा पार जाकर आतंकवादियों का दमन किया जाता है। अब भारत शत्रु के घर में घुसकर बदला लेता है, ऑपरेशन सिंदूर में भारत का क्रोध सम्पूर्ण विश्व ने देखा है।
आतंकवाद के बढ़ते खतरों व देश विरोधी षड्यंत्रों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने देश में पहली आतंकवाद रोधी नीति “प्रहार” जारी की है। प्रहार आतंकवाद के खिलाफ एक बहुस्तरीय रणनीति है जो खुफिया जानकारी के आधार पर चरमपंथी हिंसा की रोकथाम और उसे निष्क्रिय करने पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य आतंकवादियों, उनके वित्तपोषकों और समर्थको को धन, हथियार और सुरक्षित ठिकानों तक पहुंच से वंचित करना है। इसमें साइबर क्राइम, ड्रोन हमलों. सीमा पार आतंकवाद और जटिल सुरक्षा खतरों से निपटने के सुगठित राष्ट्रीय ढांचे का भी उल्लेख किया गया है।
आजकल बहुत से आतंकवादी संगठन युवाओं की भर्ती के लिए इंटरनेट मीडिया का सहारा ले रहे हैं, इंटरनेट के माध्यम से ही साइबर ठगी आदि करके लिए धन संग्रह कर रहे हैं व लोगों की मानसिकता को अपने पक्ष में करने के लिए छद्म तरीके से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर काम कर रहे हैं, प्रहार रणनीति आतंकवाद के इन नए तरीकों से निपटने का मार्ग दिखाती है।
केंद्रीय गृहमंत्रालय द्वारा जारी की गई प्रहार रणनीति, भारत के अन्दर या विदेश से उत्पन्न होने वाले आतंकी खतरों का सामना करने के लिए सात प्रमुख स्तंभों पर आधारित है। इसमें पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा गया है कि, भारत के पड़ोस में अस्थिरता का इतिहास रहा है जिसके कारण अराजक क्षेत्र उत्पन्न हुए हैं। इसके अलावा इस क्षेत्र के कुछ देशों ने कभी -कभी आतंकवाद को राज्यनीति के एक साधन के रूप मे इस्तेमाल किया है। इसके बावजूद भारत आतंकवाद को किसी विशेष धर्म, जातीयता, राष्टीयता या सभ्यता से नहीं जोड़ता। भारत ने हमेशा आतंकवाद और किसी भी तत्व द्वारा, किसी भी घोषित या अघोषित उद्देश्य की प्राप्ति के लिए इसके उपयोग की स्पष्ट व निर्विवाद रूप से निंदा की है।
नीति दस्तावेज में कहा गया है कि भारत लगातार आतंकवाद के पीड़ितों के साथ खड़ा रहा है और इस पर अडिग है कि दुनिया में हिंसा का कोई औचित्य नहीं हो सकता। यही सैद्धांतिक दृष्टिकोण आतंकवाद के विरुद्ध नई दिल्ली की शून्य सहिष्णुता की नीति का आधार है। दस्तावेज में कहा गया है, भारत लंबे समय से सीमा पार से प्रायोजित आतंकवाद से प्रभावित रहा है, जिसमें जेहादी आतंकवादी संगठन और उनके सहयोगी संगठन भारत में आतंकी हमलों की योजना बनाने, समन्वय करने, सुविधा प्रदान करने एवं उन्हें अंजाम देने में संलिप्त हैं। भारत अलकायदा और इस्लामिक स्टेट आफ इराक एंड सीरिया जैसे वैश्विक आंतकी समूहों के निशाने पर रहा है। जो स्लीपर सेल्स के माध्यम से देश में हिंसा भड़काने का प्रयास कर रहे हैं।
नई प्रहार नीति मे बताया गया है कि, विदेशीर धरती से संचालित आतंकवादियों ने भारत में हिंसा को बढ़ावा देने के लिए साजिशें रची हैं और उनके लिए काम करने वाले पंजाब व जम्मू कश्मीर में आतंकी गतिविधियों और हमलो को अंजाम देने के लिए ड्रोन सहित नवीनतम तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। साजो सा’मान प्राप्त करने के लिए संगठित आपराधिक नेटवर्क से संपर्क स्थापित कर रहे हैं। अब आतकी इंटरनेट के नये तरीकों का भरपूर उपयोग करने लगे हैं।
प्रहार (PRAHAAR) की परिभाषा अंग्रेजी के सात शब्दों मे संयोजित है, जिसमें पहला है पी से प्रिवेंशन यानी नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए आतंकी हमलो की रोकथाम। दूसरा है आर से रिस्पॉन्स अर्थात त्वरित, आनुपातिक और सुनियोजित सैन्य व नागरिक प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना। तीसरा है ए से एग्रीगेटिंग इंटरनल कैपासिटीज अर्थात आतंरिक क्षमताओं को एकीकृत करना जिसमें केंद्र और राज्य की एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाना और सुरक्षा बलों का आधुनिक तकनीक (AI, ड्रोन) से लैस करना शामिल है। चौथा है एच से ह्यूमन राइट्स एंड रूल आफ ला -खतरों को कम करने के लिए मानवाधिकार और कानून व्यवस्था पर आधारित प्रतिक्रिया। पांचवां ए से अटेन्यूएटिंग रेडिकलाजेशन यानी कट्टरता सहित आतंकवाद में सहायता करने वाली परिस्थितियों को कम करना। छठा भी ए से है – एलाइनिंग इंटरनेशनल एफर्ट्स जिसमें आतंकवाद से मुकाबले के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में समन्वय करना शामिल है तथा अंतिम और सातवां है आर से रिकवरी एंड रेसिलिएंस यानी समग्र समाज को मानसिक और भौतिक रूप से सशक्त बनाना।
प्रहार नीति का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य यह भी है कि जेसे ही आतंकी समूहों की साजिश का पता चले उसे उसी समय समाप्त कर देना भी है। गृह मंत्रालय की यह नीति उसी समय आई है जब हाल ही में तमिलनाडु से 6 संदिग्धों को पकड़ा गया है और उनसे काफी सनसनीखेज जानकारियां सामने आ रही है।
भारत सरकार की आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को प्रधानमंत्री मोदी हर वैश्विक मंच पर दोहराते रहे हैं किंतु अब सरकार ने प्रहार नीति जारी करके अपना संकल्प स्पष्ट कर दिया है कि भारत के खिलाफ साजिश रचने वाले चाहे जहां पर भी बसे हों बच नहीं सकेंगे।
प्रेषक – मृत्युंजय दीक्षित
फोन नं . 9198571540

रेलवे ने चलाईं दो और होली स्पेशल

Indian Rail

–बिहार और पूर्वांचल से होगी कनेक्टिविटी
Post on 27.2.26
Friday, Time 7.45 Am
Moradabad, Rajesh Bhatia

मुरादाबाद,27 फरवरी(उप्र समाचार सेवा)।
होली का त्योहार मनाने घर जाने वाले यात्रियों के राहत मिलेगी। रेलवे ने सफर में सुविधा के लिए दो और स्पेशल ट्रेनें दौड़ाने का शेड्यूल जारी किया है।
मुरादाबाद रेल प्रशासन के अनुसार पटना से अमृतसर के बीच स्पेशल 04663-64 ट्रेन आज से रवाना होगी। अमृतसर से 27 फरवरी और दो व पांच मार्च और पटना से 28 फरवरी और 3 व 5 मार्च को संचालित होगी।यह स्पेशल ट्रेन मंडल में रुड़की, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली व हरदोई स्टेशनों पर रुकेंगी।
जबकि दूसरी स्पेशल ट्रेन आनंद विहार से गोरखपुर के बीच (04026-25) चलेगी। आनंद विहार से 27 फरवरी से दो मार्च और गोरखपुर से 28 फरवरी से 3 मार्च तक चलेगी। मंडल में हापुड़, मुरादाबाद,रामपुर,बरेली और शाहजहांपुर में ठहराव रहेगा।

February 26, 2026

पांच महीने देरी से चलेगी नंदा देवी समेत तीन ट्रेनें

–रायवाला-देहरादून के बीच चार घंटे का ब्लाँक

Post on 26.2.26
Thursday Time 9.30 pm
Moradabad, Rajesh Bhatia

मुरादाबाद,26 फरवरी(उप्र समाचार सेवा)।
रायवाला-देहरादून के बीच सिंगल लाइन पर काम के लिए पांच महीने के लिए ब्लाँक मंजूर किया गया है। ब्लाँक के चलते नंदा देवी समेत तीन ट्रेनें देरी से संचालित होगी।
रेल प्रशासन ने देहरादून रेल सेक्शन में काम के लिए चार घंटे का पाँवर ब्लाँक लिया गया है। इसके चलते हफ्ते में तीन दिन ट्रेनों के संचालन में फेरबदल किया गया है। काठगोदाम- देहरादून एक्सप्रेस-14119 डेढ़ घंटे की देरी से चलेगी। इसी तरह बनारस-देहरादून जनता एक्सप्रेस (15119) आधा घंटा और कोटा देहरादून नंदा देवी एक्सप्रेस-12401-ट्रेन 15 मिनट की देरी से रवाना होगी।

तीन दिन चलेगी टनकपुर – देहरादून एक्सप्रेस
मुरादाबाद।
टनकपुर से काठगोदाम एक्सप्रेस ट्रेन अब तीन दिन चलेगी। सीनियर डीसीएम आदित्य गुप्ता के अनुसार रेलवे ने टनकपुर एक्सप्रेस 15019- 50 ट्रेन अभी तक एक दिन चलती है। रेलवे ने इसे विस्तार देते हुए हफ्ते में तीन दिन चलाने का निर्णय लिया गया है। ट्रेन का आज से टनकपुर से मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को संचालित होने लगा।

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