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यूजीसी नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक

January 29, 2026

यूजीसी नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक

नई दिल्ली, 29 जनवरी 2026, विवादित यूजीसी नियमों पर सर्वोच्च न्यायालय ने रोक लगा दी है। इस मामले पर अगली सुनवाई 12 मार्च को होगी।

नियमों के खिलाफ दायर रिट याचिका की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जयमालया बागची ने की। अग्रिम निर्णय तक यूजीसी के 2012 में अधिसूचित नियम ही लागू रहेंगे। सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार और यूजीसी को नोटिस जारी किया है।

ज्ञातव्य है कि 13 जनवरी को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने विनियम 2026 जारी किए थे। इनकी धारा 3 सी पर विवाद था। इस मामले को लेकर अधिवक्ता विनीत जिंदल ने याचिका दायर की थी।

UGC Rules stayed by Supreme court

January 28, 2026

उत्तर प्रदेश एसोसिएशन ऑफ जर्नलिस्ट्स (उपज),लोकतंत्र के प्रहरी, पत्रकारों की सशक्त आवाज

AJAY CHAUDHRY, JOURNALIST MEERUT

अजय चौधरी,  उपज प्रदेश उपाध्यक्ष, अध्यक्ष जिला मेरठ

Posted on : 28.01.2026, Wednesday Time: 09:53 PM,  Source:  Ajay Chaudhry
#UPAJ #ASSOCIATION #MEDIA #UP ASSOCIATION OF JOURNALISTS
अजय चौधरी
लोकतंत्र की आत्मा स्वतंत्र और निर्भीक पत्रकारिता में बसती है। जब तक प्रेस स्वतंत्र है, तब तक सत्ता जवाबदेह है और समाज सच से जुड़ा रहता है। पत्रकार केवल समाचारों के संवाहक नहीं होते, वे सत्ता और जनता के बीच वह सेतु हैं, जो सच को सामने लाता है और अन्याय के विरुद्ध आवाज़ उठाता है। ऐसे में पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा करना केवल किसी संगठन की नहीं, बल्कि पूरे लोकतंत्र की जिम्मेदारी है। इसी दायित्वबोध के साथ उत्तर प्रदेश एसोसिएशन ऑफ जर्नलिस्ट्स (उपज) राज्य में पत्रकारों के हितों के लिए एक सशक्त और प्रतिबद्ध मंच के रूप में कार्य कर रहा है।
उत्तर प्रदेश जैसे विशाल, संवेदनशील और सामाजिक-राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य में पत्रकारिता करना आसान नहीं है। कम मानदेय, असुरक्षित कार्य परिस्थितियाँ, प्रशासनिक दबाव, उत्पीड़न और कई बार जानलेवा हमले—ये आज पत्रकारों की दैनिक चुनौतियाँ बन चुकी हैं। ऐसे समय में उपज ने पत्रकारों के लिए एक मजबूत ढाल की भूमिका निभाई है। यह संगठन न केवल समस्याओं को उजागर करता है, बल्कि उनके समाधान के लिए संगठित और निरंतर संघर्ष भी करता है।
पत्रकारों की सुरक्षा उपज के एजेंडे का केंद्र बिंदु है। संगठन राज्य में पत्रकार सुरक्षा बिल को लागू कराने के लिए सरकार पर लगातार दबाव बना रहा है। उपज का स्पष्ट और दो-टूक मत है कि बिना कानूनी संरक्षण के निर्भीक पत्रकारिता संभव नहीं है। यदि पत्रकार भय के माहौल में काम करेंगे, तो सच दबेगा और लोकतंत्र कमजोर होगा। इसलिए पत्रकारों को सुरक्षा देना किसी वर्ग विशेष का नहीं, बल्कि समाज और लोकतंत्र के हित का प्रश्न है।
उपज की सबसे बड़ी शक्ति उसकी एकता और एकजुटता है। संगठन ने प्रदेश भर के पत्रकारों को एक साझा मंच पर जोड़ने का कार्य किया है, जहाँ उनकी आवाज़ सुनी जाती है और उनके अधिकारों के लिए सामूहिक संघर्ष किया जाता है। यही कारण है कि आज उपज प्रदेश के सबसे प्रभावशाली और भरोसेमंद पत्रकार संगठनों में गिना जाता है।
व्यावसायिक स्वतंत्रता पत्रकारिता की रीढ़ है। उपज पत्रकारों को बिना किसी भय, दबाव या लालच के अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित करता है। संगठन उन्हें नैतिक, वैचारिक और संगठनात्मक समर्थन प्रदान करता है और यह संदेश देता है कि सत्ता से सवाल पूछना अपराध नहीं, बल्कि पत्रकार का संवैधानिक कर्तव्य है।
आज, जब पत्रकारिता कई स्तरों पर संकट से गुजर रही है—चाहे वह आर्थिक दबाव हो, राजनीतिक हस्तक्षेप हो या बढ़ती असहिष्णुता—ऐसे दौर में उपज जैसी संस्थाओं की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। यह संगठन न केवल पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा कर रहा है, बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की लड़ाई भी मजबूती से लड़ रहा है।
एक सुरक्षित, सम्मानित और स्वतंत्र पत्रकार ही सशक्त लोकतंत्र की आधारशिला होता है। उत्तर प्रदेश एसोसिएशन ऑफ जर्नलिस्ट्स (उपज) उसी आधारशिला को मजबूत करने के संकल्प के साथ निरंतर आगे बढ़ रहा है—पत्रकारों के साथ, पत्रकारों के लिए और लोकतंत्र के हित में है।

उप्र उपद्रव प्रदेश से उत्सव प्रदेश बनाः योगी आदित्यनाथ

Posted on : 28.01.2026, Wednesday Time: 08:54 PM,  Source: UPID

  • मुख्यमंत्री ने जनपद सिद्धार्थनगर में 1052 करोड़ रु0 की 229 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास तथा ‘सिद्धार्थनगर महोत्सव’ का शुभारम्भ किया
  • भगवान बुद्ध की पावन धरा पर आयोजित ‘सिद्धार्थनगर महोत्सव’ यहां के कलाकारों, किसानों, युवाओं तथा संस्थाओं सहित प्रत्येक वर्ग के उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को प्लेटफॉर्म प्रदान करेगा
  • लगभग 125 वर्ष पूर्व भगवान बुद्ध के अवशेष पिपरहवा से इंग्लैण्ड पहुंचा दिये गये, प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत सरकार के प्रयासों से भगवान बुद्ध से जुड़े अवशेष भारत लौटे
  • राज्य सरकार प्रदेश की 25 करोड़ आबादी को अपना परिवार मानकर जनकल्याणकारी परियोजनाओं के लिए बिना भेदभाव के धनराशि उपलब्ध करा रही

सिद्धार्थनगर 28 जनवरी . मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि विश्व को मानवता, करुणा और मैत्री का संदेश देने वाले भगवान बुद्ध की पावन धरा पर सिद्धार्थनगर महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव शब्द स्वयं में एक विराट अवधारणा को समाहित किये हुये है। सिद्धार्थनगर महोत्सव यहां के कलाकारों, किसानों, युवाओं तथा संस्थाओं सहित प्रत्येक वर्ग के उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को प्लेटफॉर्म प्रदान करेगा। उत्तर प्रदेश उपद्रव प्रदेश से उत्सव प्रदेश बन चुका है। विकास की इस यात्रा में निरन्तरता बनाये रखने के लिए प्रदेश सरकार दृढ़संकल्पित है।
मुख्यमंत्री जी आज ‘सिद्धार्थनगर महोत्सव’ का शुभारम्भ तथा 1052 करोड़ रुपये की 229 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण तथा शिलान्यास करने के पश्चात आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। मुख्यमंत्री जी ने प्लेन क्रैश की दुर्घटना में महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री श्री अजित पवार सहित अन्य लोगों के दुःखद निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उनके परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि किसी बड़े महोत्सव के आयोजन से पूर्व स्थानीय स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किये जाने चाहिए। गायन-वादन के साथ-साथ विविध कलाओं से सम्बन्धित प्रतिस्पर्धा ग्राम पंचायत, वार्ड, नगर पंचायत, नगर पालिका, क्षेत्र पंचायत, तहसील तथा विधानसभा स्तर पर की जानी चाहिए। इस प्रतिस्पर्धा में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले कलाकारों को मुख्य महोत्सव में सम्मानित करने के साथ उनके परफार्मेन्स को जनता-जनार्दन के सामने प्रस्तुत किया जाना चाहिए। यह कलाकार प्रगतिशील किसान, श्रमिक, खिलाड़ी, उद्यमी सहित जीवन के किसी भी क्षेत्र में कार्य करने वाले व्यक्ति हो सकते हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सिद्धार्थनगर जनपद राजकुमार सिद्धार्थ के नाम पर बना है। आज से ढाई हजार वर्ष पूर्व यहाँ उन्हीं का राज था। कपिलवस्तु उनकी राजधानी थी। वह सब कुछ त्याग कर ज्ञान की खोज तथा जीवन की सच्चाई जानने के लिये निकले। विश्व प्रसिद्ध तीर्थ गया में जाकर लम्बी साधना की। ज्ञान प्राप्त होने के पश्चात उन्होंने पहला उपदेश सारनाथ में दिया। उन्होंने अपने जीवन के सर्वाधिक चतुर्मास श्रावस्ती जनपद में व्यतीत किये।
मुख्ममंत्री जी ने कहा कि ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ कृति होने के कारण मनुष्य के मन में मानवीय गरिमा, उसकी सुरक्षा और सम्प्रभुता का भाव सदैव बना रहता है। सर्वश्रेष्ठ कृति होने के नाते मनुष्य द्वारा अच्छा सोचने, बोलने तथा सकारात्मक दिशा में पहल करने के अच्छे परिणाम प्राप्त हांगे। ‘बुद्धम् शरणम् गच्छामि’, ‘धम्मम् शरणम् गच्छामि’ तथा ‘संघम् शरणम् गच्छामि‘। धर्म की शरण में जाने के लिये बुद्धि और विवेक की आवश्यकता होती है। यदि बुद्धि व विवेक के साथ-साथ संगठन होगा, तो सकारात्मक ऊर्जा लोगों के जीवन में व्यापक परिवर्तन का कारण बनेगी। यही कार्य डबल इंजन सरकार कर रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमारा दायित्व है कि जनता-जनार्दन द्वारा दी गयी शक्ति का उपयोग जनता-जनार्दन के हित में बिना भेदभाव करके दिखाएं। आज सिद्धार्थनगर महोत्सव के शुभारम्भ पर 1052 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की सौगात इस जनपद को प्रदान की जा रही है। यह परियोजनाएं यहां के जनप्रतिनिधियों द्वारा भेजे गये प्रस्तावों एवं प्रयासों से जनपद में लागू हो रही हैं। राज्य सरकार प्रदेश की 25 करोड़ आबादी को अपना परिवार मानकर जनकल्याणकारी परियोजनाओं के लिए बिना भेदभाव के धनराशि उपलब्ध कराती है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि गत वर्ष मई महीने में मध्य उत्तर प्रदेश के भ्रमण के दौरान पाया कि वहां के किसान दो फसल के बाद तीसरी मक्का की फसल उपजा रहे थे। एटा, कन्नौज, औरैया, कानपुर देहात, हरदोई आदि जनपदों के अन्नदाता किसानों ने अवगत कराया कि उन्हें तीसरी फसल से 01 लाख रुपये प्रति एकड़ अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है। यहां के किसानों को भी इस दिशा में प्रयास करना होगा। फूड प्रोसेसिंग के प्रस्ताव लाएं, प्रदेश सरकार धनराशि तथा सब्सिडी उपलब्ध करा रही है। अच्छी नीयत होने पर नियन्ता भी सहयोग करता है। यहां का अन्नदाता किसान जैसी बरसात चाहता था, रात्रि से वैसी बरसात इन्द्रदेव द्वारा की जा रही है। यह एक प्रकार से धरती माता से सोना उगाने के लिए अन्नदाता किसान के लिए व्यवस्थित ईश्वरीय कृपा है।
मुख्यमंत्री जी ने सिद्धार्थनगर महोत्सव में नेता प्रतिपक्ष श्री माता प्रसाद पाण्डेय को सम्मिलित होने के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि यह जीवन हताशा व निराशा के लिए नहीं है। मनुष्य का जीवन उत्साह और उमंग के लिए प्राप्त हुआ है। एक-दूसरे के साथ मिलकर सकारात्मक ऊर्जा के साथ विकास के अभियान को आगे बढ़ाना आवश्यक है। प्रत्येक जगह काट-छांट नहीं होनी चाहिए। अच्छी सोच के साथ किये गये प्रयासों का परिणाम है कि सिद्धार्थनगर में श्री माधव बाबू के नाम पर श्री माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज का निर्माण हुआ है। यह मेडिकल कॉलेज शानदार तरीके चल रहा है। यहां नर्सिंग कॉलेज भी प्रारम्भ हो चुका है। आज महिला छात्रावास का शिलान्यास तथा 1,000 सीट की क्षमता के ऑडिटोरियम को आगे बढ़ाने का कार्य किया गया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सिद्धार्थनगर जनपद आकांक्षी जनपद इसलिए था, क्योंकि यहां विकास के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर का अभाव था। लोग पलायन के लिए मजबूर थे। बीमार मानसिकता के लोगों ने जनपद सिद्धार्थनगर सहित पूर्वी उत्तर प्रदेश को बीमार बना दिया था। मच्छर और माफियाओं के आगोश में ला दिया था। परिणामस्वरूप, इन्सेफेलाइटिस से कमजोर वर्ग के हजारों बच्चों की मौत होती थी। हमारे लिए वह दलित, अति पिछड़ा, अल्पसंख्यक तथा वोट बैंक नहीं थे, बल्कि वह बच्चे उत्तर प्रदेश की अमानत व हमारे परिवार का हिस्सा थे। डबल इंजन सरकार ने प्राण-पण से काम किया और दशकों की बीमारी कुछ ही वर्षों में समाप्त कर दी गयी। अब सिद्धार्थनगर सहित पूर्वी उत्तर प्रदेश का कोई भी बच्चा इस बीमारी से दम नहीं तोड़ता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि लगभग 125 वर्ष पूर्व भगवान बुद्ध के अवशेष पिपरहवा से इंग्लैण्ड पहुंचा दिये गये थे। इन अवशेषों की वहां तथा ताइवान में नीलामी हो रही थी। यहां के सांसद ने प्रयास किया तथा हमने एक पत्र लिखा। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत सरकार द्वारा किये गये प्रयासों से भगवान बुद्ध से जुड़े यह पवित्र अवशेष भारत लौट आए हैं। अब कपिलवस्तु में विपश्यना केन्द्र बनाया जा रहा है। वहां विकास के कार्य आगे बढ़ाये जा रहे हैं। पहले मित्र राष्ट्र नेपाल से कनेक्टिविटी अच्छी नहीं थी। प्रदेश सरकार ने फोर-लेन की बेहतर इण्टर स्टेट तथा इण्टरनेशनल कनेक्टिविटी प्रदान करने का प्रयास किया है। आज सिद्धार्थनगर को फोर-लेन की कनेक्टिविटी से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि खलीलाबाद से बहराइच होकर जाने वाली रेलवे लाईन 80 किलोमीटर सिद्धार्थनगर जनपद से गुजरती है। यह कार्य निवेश को आकर्षित करेगा। गोरखपुर-शामली इकोनॉमिक कॉरीडोर सिद्धार्थनगर जनपद के बांसी, डुमरियागंज तथा इटवा विधानसभा क्षेत्रों को टच करते हुए विकास का नया कॉरीडोर बनने जा रहा है। यह चीजें दिखाती हैं कि सरकार बांटकर विकास नहीं कर सकती, बल्कि समग्रता के भाव से देखती है।
भेदभाव मुक्त तथा सतत विकास की दृष्टि से किये जाने वाले प्रयास ही रामराज्य की अवधारणा के साकार रूप हैं। राशन, आवास, आयुष्मान भारत सहित समस्त सरकारी योजनाओं का लाभ गरीबों, महिलाओं तथा युवाओं आदि को बिना भेदभाव प्राप्त होना आवश्यक है। प्रधानमंत्री जी ने इसी अवधारणा पर फोकस कर योजनाओं का निर्माण किया है। डबल इंजन सरकार सबका साथ-सबका विकास के लक्ष्य के साथ कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि गरीब कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से प्रतिस्पर्धा को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। मनरेगा में पहले कच्चा काम ही किया जा सकता था। पक्के काम की गुंजाइश नहीं थी। केवल 100 दिन के रोजगार की गारण्टी थी। अब विकसित भारत जी-राम-जी की नयी योजना के अन्तर्गत 125 दिन के रोजगार की गारण्टी सुनिश्चित करायी जा रही है। यदि मांगने पर ग्राम पंचायत रोजगार नहीं देगी, तो उसे मुआवजा देना होगा। अब पक्का कार्य भी किया जा सकता है। गांव, गरीब, किसान, युवा, महिलाएं तथा समाज का प्रत्येक तबका विकास का आधार होना चाहिए। इसी भाव के साथ डबल इंजन सरकार ने इस कार्य को आगे बढ़ाया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सिद्धार्थनगर की एक महिला उद्यमी ने भगवान बुद्ध के प्रसाद के रूप में काला नमक चावल की ब्राण्डिंग व उसके एक्सपोर्ट के माध्यम से आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त करने का उदाहरण प्रस्तुत किया है। यहां की एक महिला स्वयंसेवी संस्था ‘मुख्यमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना’ तथा ‘प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना’ का लाभ लेकर 15 लाख रुपये प्रतिवर्ष की आमदनी प्राप्त कर रही है। ‘एक जनपद एक उत्पाद योजना’ तथा ‘मत्स्य सम्पदा योजना’ के माध्यम से सिद्धार्थनगर ने महिला उद्यमिता के क्षेत्र में अच्छी प्रगति की है। पिछली बार ‘एक जनपद एक उत्पाद योजना’ के लिए कॉमन सर्विस सेण्टर दिया गया था। जहां काला नमक चावल का उत्पादन होता है तथा जहां से इसे निर्यात किया जा सकता है, वहां जगह चिन्हित कर कॉमन सर्विस सेण्टर की सुविधा को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।
इस अवसर पर जनपद सिद्धार्थनगर के विकास से सम्बन्धित लघु फिल्म प्रदर्शित की गयी।
इसके पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने बच्चों का अन्नप्राशन व महिलाओं की गोदभराई की तथा आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
कार्यक्रम को सांसद श्री जगदम्बिका पाल तथा नेता प्रतिपक्ष श्री माता प्रसाद पाण्डेय ने भी सम्बोधित किया।
इस अवसर पर श्रम एवं सेवायोजन मंत्री श्री अनिल राजभर, विधायक श्री श्यामधनी राही, श्रीमती सैय्यदा खातून, विधान परिषद सदस्य श्री ध्रुव कुमार त्रिपाठी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

विकास योजनाओं का क्रियान्वयन समय सीमा में पूर्ण होः आयुक्त

Mathura Vrandavan Vikas Pradhikaran Meeting

मथुरा वृन्दावन विकास प्राधिकरण की बैठक में अधिकारियों को निर्देश देते हुए आयुक्त आगरा

मथुरा वृन्दावन विकास प्राधिकरण की 108वीं बोर्ड बैठक हुई संपन्न

Posted on : 28.01.2026, Wednesday Time: 08:46 PM,  Source: Atul Kumar

मथुरा, 28 जनवरी 2026 (उप्र समाचार सेवा) । आयुक्त, आगरा मंडल, आगरा/अध्यक्ष, मथुरा-वृन्दावन विकास प्राधिकरण  शैलेन्द्र कुमार सिंह  की अध्यक्षता में मथुरा वृन्दावन विकास प्राधिकरण की 108वीं बोर्ड बैठक हुई संपन्न।

बैठक में सर्वप्रथम मथुरा वृन्दावन विकास प्राधिकरण के वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रस्तावित आय-व्ययक (बजट) को अनुमोदन प्रदान किया गया, जिसमें कुल रुपए 2082.84 करोड़ के आय-व्यय का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही रुपए 2053.57 करोड़ के प्रस्तावित व्यय को भी स्वीकृति दी गई।

बैठक में टीबी बोर्ड एवं सीबीआई से संबंधित उच्चतम न्यायालय से संलग्न विभिन्न प्रकरणों की पैरवी हेतु अधिवक्ता नियुक्त किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही टीबी बोर्ड एवं सीबीआई कोर्ट हेतु विशिष्टताओं के आधार पर विभिन्न पदों पर नियुक्ति किए जाने के प्रस्तावों को अनुमोदन दिया गया, जिनमें 05 अन्य अभियंता, 01 शहरी एक्सपर्ट, 01 जीआईएस एक्सपर्ट, 01 प्रोक्योरमेंट सलाहकार की आउटसोर्स माध्यम से नियुक्ति शामिल है।

बैठक में तहसील सदर के ग्राम जैंत में प्राधिकरण द्वारा विकसित की जा रही आवासीय योजना में मानचित्रों में आंशिक संशोधन को स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त गोवर्धन विकास आवासीय योजना के अंतर्गत प्राधिकरण की महायोजना-2031 के प्रस्तावित विकास क्रियान्वयन हेतु जोनल प्लान तैयार किए जाने तथा कॉरिडोर मॉडल के माध्यम से विभिन्न प्रतिष्ठानों के अंतर्गत क्लास-शॉप आवासीय योजना की दुकानों की सेल किए जाने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

समीक्षा के दौरान प्राधिकरण द्वारा संचालित विभिन्न विकास योजनाओं, परियोजनाओं की प्रगति तथा बोर्ड बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुपालन की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि बोर्ड बैठक में अनुमोदित प्रस्तावों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विकास कार्यों में पारदर्शिता, वित्तीय अनुशासन तथा कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण एवं जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने पर बल दिया गया।

मंडलायुक्त ने कहा कि मथुरा-वृन्दावन क्षेत्र के समग्र विकास के लिए प्राधिकरण की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए सभी योजनाओं का क्रियान्वयन निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए। समीक्षा बैठक में अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने एवं नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, उपाध्यक्ष मथुरा वृन्दावन विकास प्राधिकरण लक्ष्मी एन, नगर आयुक्त नगर निगम मथुरा वृन्दावन जग प्रवेश, सचिव मथुरा वृन्दावन विकास प्राधिकरण आशीष सिंह, मुख्य नगर नियोजक, प्राधिकरण बोर्ड के सदस्य तथा गैर-सरकारी सदस्य उपस्थित रहे।

 

यूजीसी कानून के विरोध में सर्वण समाज का प्रदर्शन, खून से लिखा ज्ञापन सौंपा

Posted on : 28.01.2026, Wednesday Time: 08:14 PM,  Source:  Neeraj Chakrapani

हाथरस। यूजीसी कानून के विरोध में सर्वण समाज का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को भारतीय किसान यूनियन (भानु) के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने सर्वण समाज के लोगों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचकर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व भारतीय किसान यूनियन के मंडल अध्यक्ष राम जादौन ने किया।
प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसे राम जादौन ने अपने खून से लिखा। ज्ञापन में यूजीसी कानून को तत्काल समाप्त करने की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे छात्रों के हित में खड़े हैं और किसी भी प्रकार के जातिगत भेदभाव के विरोधी हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से इस कानून में शीघ्र संशोधन की मांग की।
धरना-प्रदर्शन के दौरान शिवा ठाकुर, रजत ठाकुर, दिनेश ठाकुर, अमरसिंह, केके शर्मा, सत्येंद्र सिंह, आशीष कुमार सिंह, अभय गौतम, अमन गौतम, मोहित चौधरी, विशाल उपाध्याय, वंश सोनी, हेमंत शर्मा, रंश प्रभाकर सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।

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