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शिक्षक पुत्र होने के नाते समझता हूँ शिक्षकों का दर्द : श्रीकांत शर्मा

January 16, 2026

शिक्षक पुत्र होने के नाते समझता हूँ शिक्षकों का दर्द : श्रीकांत शर्मा

Mathura MLA Shrikant Sharma

विधायक श्रीकांत शर्मा शिक्षकों को सम्मानित करते हुए

नगर क्षेत्र की संगोष्ठी में सम्मानित हुए शिक्षक
– नगर सीमा विस्तार में शामिल नवीन शिक्षकों का किया स्वागत
– मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे पूर्व मंत्री व मथुरा वृंदावन के विधायक श्रीकांत शर्मा
मथुरा, 16 जनवरी 2026, नगर संसाधन केन्द्र के शिक्षकों की शैक्षिक संगोष्ठी का आयोजन स्थानीय होटल में किया गया। इस दौरान सीमा विस्तार से नगर निगम सीमा में शामिल होने वाले 369 शिक्षकों का सम्मान भी किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व ऊर्जा मंत्री व मथुरा वृंदावन के विधायक श्रीकांत शर्मा द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।
विशिष्ट बीटीसी वेलफेयर एसोसिएशन व प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा स्थानीय होटल में आयोजित समारोह में श्रीकांत शर्मा ने कहा कि एक शिक्षक पुत्र होने के नाते वह शिक्षकों की परेशानियों को बखूबी समझते हैं। उनका प्रयास रहता है कि शिक्षकों व परिषदीय विद्यालयों के लिए वह अपना अधिक से अधिक सहयोग दे सकें। विधायक श्रीकांत शर्मा के संबोधन ने मौजूद शिक्षकों में नई ऊर्जा का‌ संचार किया। उनके द्वारा राज्य स्तरीय सम्मान प्राप्त शिक्षक सुनीता गुप्ता व नीरज मथुरिया को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आचार्य पूर्ण प्रकाश कौशिक जी महाराज ने कहा कि शिक्षक भविष्य की नई पीढ़ी की बुनियाद रखते हैं, इसलिए शिक्षकों का दर्जा सर्वोच्च बताया गया है। विशिष्ट अतिथि श्रीजी बाबा सरस्वती विद्या मंदिर के पूर्व प्रधानाध्यापक व राष्ट्रपति पदक से सम्मानित शिक्षाविद डॉ0 अजय शर्मा व संघ के विभाग प्रमुख शिवकुमार शर्मा, भाजपा के जिलाध्यक्ष निर्भय पांडेय, नगर शिक्षाधिकारी राकेश कुमार, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र सारस्वत, प्राथमिक के जिलाध्यक्ष लोकेश गोस्वामी, विशिष्ट बीटीसी ‌वेलफेयर के जिलाध्यक्ष रवीन्द्र चौधरी ने मौजूद शिक्षकों को संबोधित किया। अतिथियों का पटुका पहनाकर व स्मृति चिह्न देकर आभार प्रकट किया गया। शिक्षक संगोष्ठी में एआरपी प्रीति भटनागर, एसआरजी अमित कुमार, दिव्या मिश्रा व  रेनू राना , गिरीश कौशिक द्वारा निपुण भारत मिशन व अन्य कार्ययोजनाओं पर चर्चा की गई।
इस दौरान भाजपा पदाधिकारी  अजय प्रताप, शिक्षक संघ पदाधिकारी सुधीर सोलंकी, गौरव यादव, मनोज शर्मा, अरविन्द सारस्वत, उर्वशी त्रिपाठी, रमाकांत शर्मा, अटेवा संयोजक प्रदीपिका फौजदार, दीपक यादव, राजेन्द्र छौंकर, श्रद्धा गौतम, रिचा वर्मा, बृजेश शर्मा, स्तुति पांडे, एमवीडी पब्लिक स्कूल मथुरा के प्रबंधक/प्रधानाचार्य अनिल, ब्रजबिहारी, अनुराधा सिंह , मिथिलेश, हरीश शर्मा, अंजू गौतम, पदमा, योगेंद्र चाहर, सतीश कुमार, सुनीता गुप्ता, नीरज मथुरिया, मधुरानी शर्मा, मधु अग्रवाल, नकुल सिरोही, सविता चतुर्वेदी समेत सैकड़ों शिक्षक उपस्थित रहे। समारोह का संचालन प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री बलवीर सिंह द्वारा किया गया।

खेल कूद गतिविधियों को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं: योगी आदित्यनाथ

लखनऊ , 16 जनवरी, 2026 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने कहा कि वर्तमान में खेल और उससे जुड़ी गतिविधियां हमारे जीवन का महत्वपूर्ण आयाम बन चुकी हैं। भारत की प्राचीन परम्परा ने खेलकूद की गतिविधियों को सदैव महत्व दिया है। खेलकूद की गतिविधियांं को केवल औपचारिकता न समझें, बल्कि अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। यहां आयोजित पूर्वी क्षेत्र अन्तर विश्वविद्यालय बास्केटबॉल (महिला) प्रतियोगिता देश की बेटियों के उमंग और उत्साह के साथ जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगी।

मुख्यमंत्री जी आज दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय, गोरखपुर में पूर्वी क्षेत्र अन्तर विश्वविद्यालय बास्केटबॉल (महिला) प्रतियोगिता 2025-26 का उद्घाटन करने के पश्चात आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय एवं शहीद नन्द कुमार पटेल विश्वविद्यालय, रायगढ़ के बीच हुए मैच का अवलोकन तथा विश्वविद्यालय की खेल पत्रिका का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में पूर्वी क्षेत्र अन्तर विश्वविद्यालय बास्केटबॉल (महिला) प्रतियोगिता 2025-26 के आयोजन के लिए केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय के प्रति आभार प्रकट किया। ज्ञातव्य है कि पांच दिवसीय इस प्रतियोगिता में 14 राज्यों के 31 विश्वविद्यालयों की टीमें प्रतिभाग कर रही हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने वर्ष 2014 के बाद देश में नई खेल संस्कृति विकसित की है। उन्होंने ‘खेलो इण्डिया‘ तथा ‘फिट इण्डिया मूवमेण्ट‘ के माध्यम से देशवासियों को स्वस्थ शरीर से सशक्त राष्ट्र के निर्माण की आधारशिला तैयार करने की प्रेरणा प्रदान की। सांसद खेलकूद प्रतियोगिताओं के माध्यम से गांव-गांव तक खेल भावना का प्रसार करने के लिए प्रोत्साहित किया। भारतीय ऋषि परम्परा उद्घोष करती है कि ‘शरीरमाद्यं खलु धर्मसाधनम्‘ अर्थात् जीवन के जितने भी साधन है, वह सभी स्वस्थ शरीर से ही सम्भव हैं। शरीर स्वस्थ तभी होगा, जब व्यक्ति नियम, संयम और अनुशासन का पालन करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अनेक परिवारों ने खेलकूद को अपने जीवन का हिस्सा बनाया है। अभिभावक बच्चों को पढ़ाई-लिखाई के साथ-साथ खेल के लिए भी प्रोत्साहित करते हैं तथा उस प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं। अभिभावकों की इस प्रतिबद्धता को देखते हुए प्रदेश सरकार बड़े पैमाने पर खेल सम्बन्धित इन्फ्रास्ट्रक्चर को आगे बढ़ा रही है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में खेल का मैदान, ग्राम पंचायत व नगर निकाय में ओपन जिम, ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम तथा जनपद स्तर पर स्टेडियम के निर्माण का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि अब ओलम्पिक, कॉमनवेल्थ, एशियाड तथा वर्ल्ड चैम्पियनशिप में मेडल प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को भारत सरकार के साथ विभिन्न राज्य सरकारें भी पुरस्कृत करती हैं। राज्य सरकार द्वारा अन्तरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं-ओलम्पिक गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स, विश्वकप, एशियन गेम्स एवं सैफ गेम्स में पदक विजेता खिलाड़ियों के प्रोत्साहन हेतु पुरस्कृत करने की व्यवस्था है। ओलम्पिक गेम्स (एकल वर्ग) में स्वर्ण पदक पर 06 करोड़ रुपये, रजत पदक पर 04 करोड़ रुपये तथा कांस्य पदक जीतने पर 02 करोड़ रुपये का पुरस्कार दिया जाता है। ओलम्पिक गेम्स (टीम गेम्स) में स्वर्ण पदक पर 03 करोड़ रुपये, रजत पदक पर 02 करोड़ रुपये तथा कांस्य पदक जीतने पर 01 करोड़ रुपये का पुरस्कार दिया जाता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक पर 03 करोड़ रुपये, रजत पदक पर 1.50 करोड़ रुपये तथा कांस्य पदक जीतने पर 75 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाता है। कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक पर 1.50 करोड़ रुपये, रजत पदक पर 75 लाख रुपये तथा कांस्य पदक जीतने पर 50 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाता है। विश्वकप में स्वर्ण पदक पर 1.50 करोड़ रुपये, रजत पदक पर 75 लाख रुपये तथा कांस्य पदक जीतने पर 50 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाता है। सैफ गेम्स (एकल वर्ग) स्वर्ण पदक पर 06 लाख रुपये, रजत पदक पर 04 लाख रुपये तथा कांस्य पदक जीतने पर 02 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सैफ गेम्स (टीम गेम्स) में स्वर्ण पदक पर 02 लाख रुपये, रजत पदक पर 01 लाख रुपये तथा कांस्य पदक जीतने पर 50 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाता है। ओलम्पिक गेम्स में प्रदेश के खिलाड़ियों के प्रतिभाग किए जाने पर प्रोत्साहन स्वरूप 10-10 लाख रुपये तथा कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स एवं विश्वकप में प्रतिभाग करने वाले प्रदेश के खिलाड़ियों को 05-05 लाख रुपये का पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किये जाने की व्यवस्था है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में अब तक ओलम्पिक, कॉमनवेल्थ, एशियाड तथा वर्ल्ड चैम्पियनशिप में मेडल प्राप्त करने वाले 500 से अधिक खिलाड़ियों को डिप्टी एस0पी0, नायब तहसीलदार, क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी आदि पदों पर नियुक्त किया गया है। आने वाले समय में जो युवा इन प्रतियोगिताओं में मेडल प्राप्त करेंगे, उन्हें भी इस कार्यवाही के साथ जोड़ा जाएगा। प्रदेश में गाँवों में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 96,000 युवक एवं महिला मंगल दलों को स्पोर्ट्स किट उपलब्ध करायी गई है। किसी भी अन्तरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में मेडल जीत कर लाने वाली टीम के साथ प्रधानमंत्री जी स्वयं इण्टरेक्शन करते हैं। जब कोई भारतीय टीम प्रतिभाग करने जाती है, तो उसे प्रधानमंत्री जी के माध्यम से हर प्रकार का प्रोत्साहन प्राप्त होता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि देश के अहमदाबाद शहर में वर्ष 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन होगा। इस आयोजन के लिए प्रत्येक राज्य के महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों आदि की टीमों को स्वयं को अभी से तैयार करना होगा। जो आज से खेल में आगे बढ़ेगा, वह वर्ष 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए क्वालीफाई करेगा और मेडल जीतेगा। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में यह प्रयास चल रहा है कि वर्ष 2036 का ओलम्पिक भारत में आयोजित हो और उसमें देश अधिकाधिक मेडल प्राप्त करे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने विगत दिनों देश में आयोजित अनेक इण्टर यूनिवर्सिटी खेल प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर मेडल प्राप्त किए हैं। सभी विश्वविद्यालय व महाविद्यालय कम से कम एक खेल को गोद लेकर अच्छे खिलाड़ियों को तराशने का काम करें। स्वस्थ प्रतिस्पर्धा आगे बढ़ाएं। स्वस्थ प्रतिस्पर्धाएं हमें जीवन के प्रति भी अनुशासित बनाएगी तथा खेल भावना को और अधिक सुदृढ़ करेंगी। यदि हमारा युवा खेलकूद की गतिविधियों में आगे बढ़ेगा तो नशे से दूर तथा विकृतियों से बचा रहेगा। तभी हम विकसित भारत/2047 के लक्ष्य की प्राप्ति कर पाएंगे। प्रदेश सरकार ने इस दिशा में प्रयास प्रारम्भ करते हुए मेरठ में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का निर्माण किया है। ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट‘ योजना के अन्तर्गत मेरठ में निर्मित खेल सामग्रियों की देश व दुनिया में मांग बढ़ी है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ जी की तपोस्थली गोरखपुर, देश की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि वाला महानगर है। यह जनपद देश की अनेक महत्वपूर्ण घटनाओं का साक्षी रहा है। यहां स्थित गीता प्रेस विगत 100 वर्षों से भारत के वैदिक साहित्य को वैश्विक मानचित्र पर प्रस्तुत करने का कार्य कर रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भारत के स्वतन्त्रता आन्दोलन को नई ऊँचाई तक पहुंचाने वाले महान क्रांतिकारी पंडित राम प्रसाद बिस्मिल तथा शहीद बंधू सिंह इस धरती से किसी न किसी रूप में जुड़े रहे हैं। आजादी के आन्दोलन में विदेशी हुकूमत की चूलों को हिलाने वाली चौरीचौरा घटना का सम्बन्ध इसी जनपद से है। गोरखपुर हिन्दी साहित्य के महान उपन्यासकार मुंशी प्रेमचंद की कर्मस्थली रही है। इस पावन धरा पर स्थित पं0 दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय प्रदेश की उच्चतम शिक्षा का एक महत्वपूर्ण केन्द्र है।
इस अवसर पर विधायक श्री महेन्द्र पाल सिंह, श्री विपिन सिंह, श्री प्रदीप शुक्ला, श्री राजेश त्रिपाठी, श्री फतेह बहादुर सिंह, इं0 श्रवण कुमार निषाद, विधान परिषद सदस्य श्री धर्मेन्द्र सिंह, श्री ध्रुव कुमार त्रिपाठी, गोरखपुर के महापौर डॉ0 मंगलेश श्रीवास्तव, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति श्रीमती पूनम टण्डन सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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मैनपुरी: पहले फाँसी की सजा सुनाई फिर कर दिया बरी

सोबरन सिंह प्रजापति

पिता पर था मां-बेटी की हत्या का आरोप
-2017 में अपर जिला जज ने सुनाई थी फांसी की सजा
-सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर दोबारा हुई मुकदमे की सुनवाई
मैनपुरी, 16 जनवरी 2026, थाना करहल क्षेत्र के गांव रूपपुर में 11 साल पहले मां-बेटी की हत्या करने के आरोपी पिता सोबरन सिंह प्रजापति को संदेह का लाभ देते हुए स्पेशल जज एससी-एसटी एक्ट जयप्रकाश ने बरी कर दिया है। उसको 2017 में अपर जिला जज ने फांसी की सजा सुनाई थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मुकदमे की दोबारा सुनवाई करने के बाद सोबरन सिंह को आरोप साबित नहीं होने पर बरी कर दिया गया है।
रूपपुर में 29 जून 2014 की रात को ममता और उसकी बेटी सपना की हत्या कर दी गई थी। 30 जून को ममता के फुफुेरे भाई रजनेश निवासी नगला पजाबा थाना कोतवाली ने ममता के पति सोबरन सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने सोबरन को पकड़कर जेल भेज दिया था। पुलिस द्वारा जांच कर भेजी गई चार्जशीट के बाद मुकदमे की सुनवाई करके तत्कालीन अपर जिला जज प्रथम गुरुप्रीत सिंह बाबा ने सोबरन सिंह को एक मार्च 2017 को फांसी की सजा सुनाकर 25000 रुपये का जुर्माना लगाया था।
सोबरन सिंह द्वारा हाई कोर्ट इलाहाबाद में इसके खिलाफ अपील की गई। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति ओमप्रकाश और संजय अग्रवाल की खंडपीठ ने अपील की सुनवाई करने के बाद एक अक्तूबर 2018 को अपील खारिज करके अपर जिला जज द्वारा सुनाई गई फांसी की सजा की पुष्टि की। लेकिन 25000 रुपये का जुर्माना खत्म कर दिया। सोबरन सिंह ने हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की। सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, संजय करोल, संदीप मेहता की खंडपीठ ने अपील मंजूर करके 4 फरवरी 2025 को मुकदमे की नए सिरे से दोबारा सुनवाई करने के आदेश दिए।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद स्पेशल जज एससी-एसटी एक्ट जयप्रकाश के न्यायालय में मुकदमे की दोबारा सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सोबरन के पुत्र अंकुश की गवाही को न्यायालय ने अविश्वसनीय माना, इसी आधार पर संदेह का लाभ देते हुए सोबरन को बरी कर दिया गया। 2026 में 11 साल बाद जेल से बाहर आया।
पुत्री ने दी थी पिता के खिलाफ गवाही
मैनपुरी। पत्नी और पुत्री की हत्या करने का आरोपी सोबरन सिंह फांसी की सजा होने से बरी तक होने तक बेचैन रहा। जेल में उसने दिन-रात गुमसुम रहकर गुजारे। वर्ष 2017 में फांसी की सजा होने के बाद उसको मैनपुरी जेल से फतेहगढ़ सेंट्रल जेल भेजा गया था। वर्ष 2025 में मुकदमे की सुनवाई दोबारा शुरू होने पर उसको फतेहगढ़ सेंट्रल जेल से मैनपुरी जेल लाया गया।
घटना के बाद सोबरन सिंह के परिजन ने उससे दूरी बना ली थी। पहले हुई सुनवाई में सोबरन की पुत्री पूनम ने पिता के खिलाफ गवाही दी थी। उस समय अंकुश की गवाही नहीं कराई गई थी। दोबारा हुई सुनवाई में पूनम ने पिता के खिलाफ गवाही नहीं दी। अब पूनम की भी शादी हो चुकी है। उसकी एक बच्ची भी है। दोबारा हुई सुनवाई के दौरान हर तारीख पर सोबरन को जेल से न्यायालय में लाया गया। हर तारीख पर उसके चेहरे पर बेचैनी साफ नजर आती रही।
सोबरन सिंह के जेल में होने के कारण दोबारा मुकदमे की सुनवाई के दौरान उनके भाई पन्नालाल और बहनोई हरीशंकर ने न्यायालय में पैरवी की। हर तारीख पर दोनों लोग न्यायालय पहुंचते और सोबरन को दिलासा देते। एक बार हो चुकी फांसी की सजा के कारण सोबरन दहशत में ही रहा। मुकदमे में फैसले वाले दिन जब उसको जेल से न्यायालय लाया गया, तब भी उसके चेहरे पर बेचैनी साफ नजर आई। स्पेशल जज एससी-एसटी एक्ट जयप्रकाश ने जब उसको बरी करने का फैसला सुनाया तो उसकी आंखों में आंसू आ गए।
पूरी घटना पर एक नजर
मैनपुरी। थाना करहल के गांव रूपपुर में ममता और सपना के शव सोबरन सिंह प्रजापति के भाई पन्नालाल के मकान की छत पर 30 जून 2014 की सुबह पड़े मिले थे। जानकारी होने पर गांव पहुंचे ममता के फुफुेरे भाई रजनेश ने ही पुलिस को सूचना दी थी। मौके पर सोबरन के बच्चे पूनम, अंजली, अंकुश, सुमित मिले थे। बच्चों द्वारा बताई गई कहानी के आधार पर ही रजनेश ने अपनी ममेरी बहिन ममता तथा भांजी सपना की हत्या करने की रिपोर्ट सोबरन के खिलाफ लिखाई थी।
कोर्ट ने बालक की गवाही मानी अविश्वसनीय
मैनपुरी। स्पेशल जज एससी-एसटी एक्ट जयप्रकाश के न्यायालय में सोबरन के पुत्र के रूप में अंकुश की गवाही कराई गई। सोबरन ने अंकुश को अपना पुत्र मानने से ही मना कर दिया। बताया कि अंकुश नाम की उसकी पुत्री थी, जिसकी मृत्यु हो चुकी है। अंकुश की घटना के समय उम्र लगभग तीन साल थी। गवाही के समय उसकी उम्र लगभग 14 साल है। उनके द्वारा दी गई स्पष्ट गवाही को न्यायाधीश ने अविश्वसनीय माना है। आदेश में लिखा है कि घटना के समय लगभग तीन साल का बालक मानव स्वभाव के अनुसार घटना के बारे में इतनी सूक्ष्मता से गवाही नहीं दे सकता है। बालक की गवाही को अविश्वसनीय मानते हुए सोबरन सिंह को संदेह का लाभ देकर बरी किया गया है। अन्य गवाह अपनी गवाही में घटना को साबित नहीं कर सके हैं।

मकर संक्रांति पर माघ मेला में एक करोड़ ने किया स्नान

Magh Mela Prayagraj, Makar Sankranti Snnan

माघ मेला में मकर संक्रांति पर स्नान के लिए उमड़ा जन समुदाय

प्रयागराज, 15 जनवरी 2026, मकर संक्रांति पर माघ मेला में स्नान के लिए भारी जनसमूह उमड़ा। एक अनुमान के अनुसार संगम में एक करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने स्नान किया।

हालांकि 13 जनवरी से ही श्रद्धालु स्नान के लिए पहुंचने लगे थे। 13 और 14 जनवरी को भी लाखों लोगों में आस्था की डुबकी लगाई। लेकिन इस बार मकर संक्रांति 15 जनवरी को घोषित होने के कारण इस अवसर पर भारी भीड़ उमड़ी।

प्रशासन ने मकर संक्रांति स्नान पर्व के लिए भागी सुरक्षा इंतजाम और व्यवस्थाएं की थीं। मेला और संगम क्षेत्र में वाहनों का प्रवेश 12 जनवती की रात से ही प्रतिबंधित कर लिया गया था।

One crore devoties got Makar Sankranti Snnan at Magh Mela Prayagraj

Lukcow नर्सिंग छात्रा का यौन शोषण करने के आरोप में बरेली निवासी डॉक्टर गिरफ्तार

लखनऊ, 15 जनवरी 2026, किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की इंटर्नशिप कर रहे बरेली निवासी डॉक्टर ने नर्सिंग छात्रा को प्रेम जाल में फंसा कर उसका यौन शोषण किया। छात्रा की एफआईआर के आधार पर कैसरबाग कोतवाली पुलिस ने डॉक्टर को रेडक्रॉस अस्पताल के पास से गिरफ्तार कर लिया है। डॉक्टर कैसरबाग में एक फ्लैट किराए पर लेकर रहता था। वह मूल रूप से बरेली के रामपुर बाग का निवासी है।

आरोप है कि डा अदिल ने नर्सिंग छात्रा को सोशल मीडिया के माध्यम से प्रेम जाल में फंसाया और उसे शादी का झांसा दिया। उसने छात्रा को कई बार अपने फ्लैट पर बुलाया और यौन संबंध Sex Relation बनाए। एक पीजी में रहने वाली अन्य जनपद की छात्रा ने जब डॉक्टर आदिल से शादी को कहा तो वह मुकर गया। उसने धमकी दी कि फिर शादी की बात की तो उसके अश्लील वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर जारी कर देगा।

छात्रा ने इस मामले की एफआईआर कोतवाली कैसरबाग में दर्ज करा दी। पुलिस ने तत्काल कारवाई करते हुए आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया।

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