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Haridwar: श्रमजीवी पत्रकार यूनियन का रजत जयंती समारोह आयोजित

January 29, 2026

Haridwar: श्रमजीवी पत्रकार यूनियन का रजत जयंती समारोह आयोजित

आज के दौर में पत्रकारिता बड़ी जिम्मेदारी-अरूण शर्मा
समाज को सही दिशा देने में पत्रकारों की बड़ी भूमिका-आदेश चौहान
पत्रकार समाज का आईना हैं-किरण जैसल

Published on 29.01.2026, Thursday, 09:51 PM, Report by Ramchandra Kannojia, Haridwar, UP Samachar Sewa
हरिद्वार, 29 जनवरी (उत्तर प्रदेश समाचार सेवा)। उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन का रजत जयंती समारोह आयोजित किया गया। प्रेस क्लब सभागार में आयोजित पत्रकार यूनियन के रजत जयंती समारोह में पत्रकारिता के मूल्यों, सामाजिक सरोकारों और भविष्य की दिशा पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ।
समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं मां शारदा की स्तुति के साथ किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुप्रसिद्ध कथावाचक रविदेव शास्त्री ने की। मुख्य अतिथि के रूप में रानीपुर विधायक आदेश चौहान तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अरुण शर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन रजनीकांत शुक्ला ने किया। जिलाध्यक्ष संजय आर्य ने यूनियन के गठन से लेकर वर्तमान तक की यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ने सदैव जमीनी स्तर पर काम करने वाले पत्रकारों की आवाज़ को बुलंद किया है। कार्यक्रम संयोजक डा.हिमांशु द्विवेदी ने सभी अतिथियों, पत्रकार साथियों और गणमान्य नागरिकों का पटका पहनाकर स्वागत किया। विशिष्ट अतिथि प्रदेश अध्यक्ष अरुण शर्मा ने यूनियन के 25 वर्षों के संघर्ष, उपलब्धियों और पत्रकार हितों के लिए किए गए आंदोलनों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज के दौर में पत्रकारिता एक बड़ी जिम्मेदारी है। जिसमें सत्य, निष्पक्षता और सामाजिक प्रतिबद्धता सबसे महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने पत्रकारों से अपील की कि वे मानकों और मर्यादाओं का पालन करते हुए निर्भीक और ईमानदार पत्रकारिता करें। उन्होंने बताया कि यूनियन लगातार पत्रकारों के अधिकारों, सुरक्षा और सम्मान के लिए संघर्षरत है। मुख्य अतिथि विधायक आदेश चौहान ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ हैं और समाज को दिशा देने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। विधायक आदेश चौहान ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में उत्तराखंड राज्य का गठन संभव हो पाया। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य में हो रहे विकास कार्यों की भी सराहना की। मेयर किरण जैसल ने समारोह में उपस्थित पत्रकारों को रजत जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पत्रकार समाज का आईना हैं और उनकी लेखनी समाज को जागरूक करने का कार्य करती है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी एवं प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु शंकर करौरी महादेव ने ऑडियो संदेश के माध्यम से यूनियन को 25 वर्ष पूर्ण होने पर शुभकामनाएं प्रेषित कीं और पत्रकारों की भूमिका की सराहना की। प्रेस क्लब अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी ने सभी अतिथियों, पत्रकारों एवं आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह समारोह पत्रकारिता के मूल्यों को सशक्त करने वाला रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे स्वामी रविदेव शास्त्री ने कहा कि बदलते समय में पत्रकारिता के सामने नई चुनौतियां हैं। लेकिन श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ने सदैव सामाजिक सरोकारों को प्राथमिकता दी है। इस अवसर पर जगदीश लाल पाहवा, डा.विशाल गर्ग, विजयपाल बघेल ग्रीन मैन, नितिन गौतम, लोकेंद्र अंतवाल, विजयपाल सिंह, प्रेस क्लब महामंत्री दीपक मिश्रा सहित शहर के अनेक प्रतिष्ठित नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं डा.हिमांशु द्विवेदी, अमित कुमार गुप्ता, मनोज कुमार खन्ना, राजकुमार पाल, संजय शर्मा, गगनदीप गोस्वामी, सुनील दत्त पांडे, रामचंद्र कनौजिया, दीपक नौटियाल, सुभाष कपिल, रोहित सिखोला, मनोज रावत, लव शर्मा, महेश पारिक, ऋषि सचदेवा, विपिन शर्मा, संदीप गोयल, संजय संतोषी, संजय रावल, जगदीश प्रेमी, अनिरुद्ध भाटी, संजय चौहान, सुनील शेट्टी, नरेंद्र ढीला, गौरव चक्रपाणि, देशप्रेमी, रामकुमार शर्मा, देवेश शर्मा, सुमित तिवारी, कुलदीप अग्रवाल, आशु शर्मा सहित बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे।

एटा में यूजीसी एक्ट के विरोध में भारतीय मीडिया फाउंडेशन ने पैदल मार्च कर कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपा

एटा में यूजीसी के विरोध में प्रदर्शन

Published on 29.01.2026, Thursday, 09:45 PM, Report by Anuj Mishra , Etah, UP Samachar Sewa

एटा 29 जनवरी उप्रससे। भारतीय मीडिया फाउंडेशन के पदाधिकारियों और सैकड़ों लोगों ने यूजीसी एक्ट के विरोध में पैदल मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन नायब तहसीलदार वाजिद हुसैन को सौंपा।

मेहता पार्क पर एकत्रित हुए प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर पोस्टर थाम रखे थे। उन्होंने कानून को वापस लेने की मांग की। यह प्रदर्शन अनिल सोलंकी के नेतृत्व में किया गया, जिसमें बुद्धिजीवी और सवर्ण समाज के लोग शामिल थे।

अनिल सोलंकी ने बताया कि इस कानून में सुधार की आवश्यकता है, और यदि सुधार संभव नहीं है तो इसे वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि इस कानून के तहत दलित समाज के बच्चों द्वारा सवर्ण समाज के लड़के-लड़कियों पर गलत आरोप लगाकर हरिजन एक्ट का दुरुपयोग किया जा सकता है, जिससे उनकी पढ़ाई और नौकरी प्रभावित होगी।

प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि कानून में झूठी शिकायत करने वालों के विरुद्ध भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने शिक्षा और चिकित्सा में समानता पर जोर दिया। ज्ञापन के माध्यम से यह भी कहा गया कि यदि कोई सवर्ण या ओबीसी समाज का छात्र/छात्रा दलित बच्चे के साथ भेदभाव का दोषी पाया जाता है। तो उस पर कार्रवाई हो, लेकिन यह कार्रवाई गहन जांच के बाद ही की जाए ताकि निर्दोष लोगों को न फंसाया जा सके। इस दौरान ज्ञापन सौंपने वालों में अभिषेक तोमर, संजीव गुप्ता, हीरा पाराशर, गजेंद्र चौहान, रुद्र, रोहित अजीत सिंह, राजीव सोलंकी सहित सैकड़ों समर्थक मौजूद रहे।

एटा पहुंचे बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री

Published on 29.01.2026, Thursday, 09:40 PM, Report by Anuj Mishra , Etah, UP Samachar Sewa 

इस्तीफे के बाद बोले – UGC काला कानून, सरकार सवर्णों को बना रही स्वघोषित अपराधी

Alankar Agnihotri in Etah

एटा पहुंचने पर अलंकार अग्निहोत्री का हुआ भव्य स्वागत

एटा 29 जनवरी उप्रससे। शहर मुख्यालय स्थित शहीद पार्क में अलंकार अग्निहोत्री ने यूजीसी कानून को सवर्ण समाज के लिए “काला कानून” करार दिया। उन्होंने कहा कि यह कानून सामान्य वर्ग को स्वघोषित अपराधी बनाने का काम कर रहा है। उनका आरोप था कि इस कानून के तहत बिना ठोस आधार के आरोप लगाए जा सकते हैं और युवाओं को समता समिति के सामने पेश किया जाएगा, जहां फर्जी शिकायतकर्ता भी खड़े किए जा सकते हैं।

यूजीसी कानून और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों के साथ हुई कथित अभद्रता के विरोध में अपने पद से इस्तीफा देने वाले बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री गुरुवार को एटा पहुंचे। शहीद पार्क में उनका सैकड़ों की संख्या में जुटे सवर्ण समाज के लोगों ने फूल-मालाओं से स्वागत किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान यूजीसी कानून के खिलाफ जमकर नारेबाजी होती रही और माहौल पूरी तरह विरोधी स्वर में नजर आया।

उन्होंने कहा, “जब आपके बेटे-बेटियां पढ़ने जाएंगे, तो उन पर निराधार आरोप लग सकते हैं। इस प्रक्रिया में बच्चों का मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न तक संभव है। यह कानून सिर्फ एक वर्ग को नहीं, बल्कि समाज के दो वर्गों को आपस में लड़ाकर दोनों का नुकसान करता है।
पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट ने केंद्र और राज्य सरकार के जनप्रतिनिधियों पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने उन्हें “अकर्मण्य” बताते हुए कहा कि अधिकतर जनप्रतिनिधियों को कानून की धाराओं की जानकारी तक नहीं होती। उन्होंने कहा, “ये संसद और विधानसभा में जाते हैं, हाथ उठाकर समर्थन कर देते हैं और ताली बजाकर लौट आते हैं। अगर ये एक्ट को पढ़ते, तो अपने समाज के लिए कुछ करते। यूजीसी एक्ट में जो विघटनकारी प्रावधान हैं, उन पर कभी गंभीर चर्चा ही नहीं हुई।

अलंकार अग्निहोत्री ने सवाल उठाया कि 13 तारीख को यह कानून लागू हुआ, लेकिन पूरे देश में इस पर कोई व्यापक बहस क्यों नहीं हुई। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर भी सवाल बताया। राजनीतिक गोद में बैठने के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि जब जनप्रतिनिधि कलराज मिश्र ने इस कानून को असंवैधानिक बताया, तो क्या वह भी किसी की गोद में बैठ गए? उन्होंने इसे मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया।
अपने खिलाफ इस्तेमाल किए गए अपशब्दों और आरोपों पर उन्होंने कहा कि सबको पता है यह सब किसने किया। उन्होंने दावा किया कि उनके और उनके साथियों के फोन सर्विलांस पर हैं और उन्हें किसी पुराने मामले में फंसाने की साजिश रची जा रही है।
राजनीतिक पार्टी बनाने के सवाल पर उन्होंने साफ इनकार करते हुए कहा, “साला पंडित पागल- सवाल में ही मेरा जवाब छुपा है।”
हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि समाज के विभिन्न संगठनों से बातचीत चल रही है और इस कानून के विरोध में जल्द ही नई रणनीति बनाई जाएगी।

शहीद पार्क में मौजूद लोगों में खासा उत्साह और आक्रोश देखने को मिला। मंच से लगातार कानून वापस लेने की मांग उठती रही। कार्यक्रम के दौरान भारी पुलिस बल भी तैनात रहा, लेकिन सभा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। इस्तीफे के बाद एक प्रशासनिक अधिकारी का इस तरह खुलकर सड़क पर उतरना और सरकार व कानून पर सीधे सवाल उठाना एटा की इस सभा को सिर्फ एक विरोध नहीं, बल्कि आने वाले दिनों के बड़े आंदोलन की भूमिका के तौर पर देखा जा रहा है।

Railway: गरीब रथ समेत आठ ट्रेनें 2 जून तक रद्द

Published on 29.01.2026, Thursday, 08:48 PM by Rajesh Bhatia , Moradabad 

पुलों की मरम्मत से जम्मू की ट्रेनों के संचालन पर रोक

मुरादाबाद, 29 जनवरी(उप्र समाचार सेवा)।
जम्मू कश्मीर में बाढ़ और भारी बारिश से क्षतिग्रस्त पुलों की मरम्मत अभी चल रही हैं।पुल मरम्मत के चलते जम्मू रूट की ट्रेनों के संचालन पर रोक है। रेलवे ने जून तक ट्रेनों को न चलाने का फैसला लिया है।

पिछले दिनों पहाड़ खिसकने भारी बारिश और बाढ़ का असर
नदी पर बने पुलों पर पड़ा। पुल क्षतिग्रस्त होने से ट्रेन संचालन पर असर पड़ा है।
सीनियर डीसीएम आदित्य गुप्ता के अनुसार जम्मू रूट पर चार पुलों की मरम्मत का काम चल रहा है। मरम्मत कार्यों से जम्मू आने जाने वाली ट्रेनों का संचालन बाधित है। मरम्मत के चलते रेलवे ने ट्रेनों की रद्द की गई अवधि को बढ़ाया है।
मुरादाबाद के सीनियर डीसीएम आदित्य गुप्ता के अनुसार जून तक आठ ट्रेनों के संचालन पर रोक लगी है। मरम्मत कार्य पूरा न होने से गाड़ियों का संचालन थमा रहेडा। जून तक रेलवे ने ट्रेनें नहीं चलेगा।इनमें गरीब रथ (2207-08),कानपुर- काठगोदाम (12209-10), गाजीपुर -श्रीमाता वैष्णो देवी (14611-12) व सूबेदार गंज से  शहीद मेजर तुषार महाजन (22431-32) ट्रेनें 2 जून तक रद्द रहेगी।।

पंजाब मेल समेत कई ट्रेनों का मोहनलाल गंज में ठहराव।
मुरादाबाद, 29 जनवरी। रेलवे ने यात्रियों को सुविधा दी है। लखनऊ में मोहनलाल गंज स्टेशनों पर कई ट्रेनें रुकेंगी। 25 फरवरी से ट्रेनों का अस्थाई रुप से ठहराव निर्धारित किया गया है।
सीनियर डीसीएम ने बताया कि
हावड़ा अमृतसर पंजाब मेल, त्रिवेणी, प्रयागराज संगम और देहरादून वाराणसी जनता एक्सप्रेस ट्रेनें हैं।

Moradabad : दुष्कर्म में दोषी को बीस साल की सजा

Published on 29.01.2026, Thursday, 08:48 PM by Rajesh Bhatia , Moradabad 

मुरादाबाद, 29 जनवरी (उप्र समाचार सेवा)। आठ साल पहले घर में घुसकर नाबालिग से दुष्कर्म में दोषी को बीस साल की सजा मिली है। गुरुवार को विशेष न्यायाधीश (पाँक्सो कोर्ट) अविनाश चंद्र मिश्र ने यह फैसला सुनाया। अदालत ने दोषी पर 48 हजार रुपए का जुर्माना लगाया।
मुरादाबाद जिले में डिलारी में चार अगस्त, 2018 की घटना में पीड़िता के पिता की ओर से तहरीर दर्ज कराईं गई। दर्ज रिपोर्ट में कहा कि शाम को घर में उसकी पुत्री अकेली थी। शाम को पीड़िता को घर में अकेला पाकर डिलारी का युवक मोनू घर में घुस आया। युवक ने नाबालिग से जोर-जबरदस्ती करते हुए पकड़ लिया और दुष्कर्म किया। इस बीच शोर शराबा सुनकर पीड़िता की मां वहां पहुंच गई। मामला खुलने पर आरोपी धक्का देते हुए भाग गया। पीड़िता के पिता की ओर से दर्ज रिपोर्ट के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
विशेष लोक अभियोजक अभिषेक भटनागर ने बताया कि दुष्कर्म मामले में पीड़िता ने बयान दर्ज कराएं। कोर्ट विवेचक, वादी समेत आठ ने गवाही दी। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मोनू को दोषी करार दिया। दोषी को बीस साल की सजा और 48 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई है।

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