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फ्रीलांस इंफ्लुएंसर्स और यू ट्यूबर्स को दूरदर्शन पर मिलेगा मौका, आमदनी में होगी 90 प्रतिशत तक हिस्सेदारी

January 9, 2026

फ्रीलांस इंफ्लुएंसर्स और यू ट्यूबर्स को दूरदर्शन पर मिलेगा मौका, आमदनी में होगी 90 प्रतिशत तक हिस्सेदारी

नई दिल्ली, 09 जनवरी 2026, फ्रीलांस इंफ्लुएंसर्स, यू ट्यूबर्स और कंटेंट क्रिएटर्स को प्रसार भारती बड़ा मौका लेकर आ रही है। प्रसार भारती के प्लेटफार्म और दूरदर्शन पर इंफ्लुएंसर्स कार्नर शुरु होगा। इसमें देशभर के अच्छ कंटेट एकत्रित करने और स्टोरी बनाने वाले स्वतंत्र इंफ्लुएंसर्स को दूरदर्शन 30 मिनट का प्राइम टाइम प्रदान करेगा। इस टाइम में कंटेट जारी किया जाएगा।

जानकारी के अनुसार प्रसार भारती ने वर्ष 2026 के लिए यह क्रांतिकारी कदम उठाया है। इस साल प्रसार भारती के अधीन कार्य कर रहे दूरदर्शन और आकाशवाणी पर इन स्वतंत्र इंफ्लूएंसर्स को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। ये इँफ्लुएंसर्स अभी तक अपने स्तर से कंटेट एकत्रित करके उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर ही प्रसारित कर रहे थे। इतना ही नहीं प्रसार भारती इंफ्लुएंसर्स कार्नर के 30 मिनट के प्राइम टाइम में मिलने वाले विज्ञापन राजस्व में से 90 प्रतिशत फ्रीलांसर्स को ही दे देगी। शेष 10 प्रतिशत धनराशि दूरदर्शन के पास रहेगी।

कंटेंट का चयन एक निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रसार भारती की विशेषज्ञ टीम करेगी। यह टीम कंटेंट को स्वीकृत करेगी। इसके बाद ही प्रसार भारती के प्लेटफार्म जैसे दूरदर्शन, आकाशवाणी, वेब पोर्टल पर सामग्री जारी होगी। इस फैसले से जहां कंटेंट क्रिएटर्स और इंफ्लुएंसर्स को प्रतिभा दिखाने के साथ साथ आर्थिक स्रोत भी उपलब्ध होगा, वहीं दूरदर्शन की लोकप्रियता और बढ़ेगी।

Meerut: युवती का अपहरण, मां की हत्या

मेरठ, 08 जनवरी 2026, जिले के गांव में दुस्साहसि युवकों ने एक युवती का अपहरण कर लिया। विरोध करने पर मां को हमलाकर घायल कर दिया। अस्पताल पहुंचने पर मां की मृत्यु हो गई। मृतका अनुसूचित जाति का है। पुलिस ने नामजद एफ आई आर दर्ज कर ली है। गांव में जातीय तनाव की आशंका में पुलिस तैनात कर दी गई है।

जानकारी के अनुसार सरधना थाना क्षेत्र के गांव कपसाड में गुरुवार की सुबह करीब 8 बजे अनुसूचित जाति की महिला सुनीता (40) अपने बेटी (20) के साथ खेत में काम करने जा रही थी। तभी रास्ते में गांव के ही कुछ युवकों ने बेटी का अपहरण कर लिया। विरोध करने पर मां के साथ मारपीट की। उसे धारदार हथियार से हमला कर घायल कर दिया। महिला को मोदीपुरम् अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां देरशाम उसकी मृत्यु हो गई। मृतका के बेटे ने गांव के ही युवकों के खिलाफ हत्या, अपहरण, एससी एसटी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करा दी है। इसमें दो युवकों को नामजद किया गया है।

Badaun: मायावती पर टिप्पणी मामले में राहुल गांधी तलब

बदायूं, 08 जनवरी 2026, जिले की एक अदालत ने कांग्रेस नेता और लोक सभा में नेता विरोधी राहुल गांधी और पूर्व सांसद उदित राज को नोटिस जारी कर 29 जनवरी को तलब किया है। उनपर बसपा नेता मायावती के किलाफ टिप्पणी करने का आरोप है।

अपर जिला जज पूनम सिंघल ने नोटिस जारी कर कहा है कि दोनो नेता स्वम अथवा अपने वकील के माध्यम से उनकी कोर्ट में उपस्थित हों। बसपा नेता और वकील जय सिंह सागर ने फौजदारी की याचिका दायर की है। आरोप है कि नेताओं ने बसपा सुप्रीमो मायावती के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की।

Notice to Rahul Gandhi by Badaun Court, About difamatory comment on Mayawati
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मुरादाबाद के हिंदू कॉलेज में छात्र को जिंदा जलाकर मरने की कोशिश

मुरादाबाद, 08 जनवरी 2026, हिंदू डिग्री कॉलेज में बीकॉम के छात्र को इसी कॉलेज के दूसरे छात्र ने जलाकर जान से मरने की कोशिश की। झुलसे छात्र को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आरोपी छात्र के विरुद्ध एफ आई आर दर्ज कार्य गई है।

प्राप्त विवरण के अनुसार बी कॉम का छात्र सिविल लाइन के हरथला निवासी फरहाद अली (21) दोपहर थर्ड सेमेस्टर की परीक्षा देकर कॉलेज बाहर आ रहा था। इसी दौरान कालेज की गैलरी में बी ए का छात्र आरुष उर्फ अनुराग आ गया। उसने फरहाद के ऊपर तेल की बोतल उड़ेल दी और लाइटर से आग लगा दी। फरहाद के शरीर से लपटें उठने लगीं तो वह इधर उधर भागा। आसपास के मौजूद दूसरे छात्रों ने पानी डालकर आग बुझाई। उसे तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। छात्र 10 प्रतिशत झुलस गया है।

आरोपी छात्र आरुष के खिलाफ फरहान के पिता ने एफ आई आर दर्ज कराई है। घटना को आरोपी छात्र ने क्यों अंजाम दिया, इसका अभी पता नहीं चला है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Hindu College Moradabad student Farhan burnt by another collegemat Arush. FIR lodged in kotwali

यज्ञ आवश्यक है

यज्ञ भारतीय संस्कृति का आदि प्रतीक है हमारे धर्म में जितनी महानता यज्ञ को दी गई हैं उतनी और किसी को नहीं दी गई। हमारा कोई भी शुभ-अशुभ धर्म कृत्य यज्ञ के बिना पूर्ण नहीं होता। जन्म से लेकर अन्त्येष्टि तक 16 संस्कार होते हैं इनमें अग्निहोत्र आवश्यक है। जब बालक का जन्म होता है तो उसकी रक्षार्थ सूतक निवृत्ति तक घरों में अखण्ड अग्नि स्थापित रखी जाती है। नामकरण, यज्ञोपवीत, विवाह आदि संस्कारों में भी हवन अवश्य होता है। अन्त में जब शरीर छूटता है तो उसे अग्नि को ही सौंपते हैं। अब लोग मृत्यु के समय चिता जलाकर यों ही शव को भस्म कर देते हैं शास्त्रों में देखा जाय, तो वह भी एक यज्ञ हैं। इसमें वेद मन्त्रों से विधिपूर्वक आहुतियाँ चढ़ाई जाती हैं और शरीर को यज्ञ Yajya भगवान को अर्पण किया जाता है।

सभी साधनाओं में हवन Havan अनिवार्य है। जितने भी पाठ, पुरश्चरण, जप, साधन किये जाते हैं, वे चाहें वेदोक्त हों चाहे तान्त्रिक, हवन उनमें किसी न किसी रूप में अवश्य करना पड़ेगा। गायत्री उपासना में भी हवन आवश्यक है। अनुष्ठान या पुरश्चरण Purascharan में जप से दसवाँ भाग हवन करने का विधान है। परिस्थितिवश दसवाँ भाग आहुतियाँ न दी जा सके तो शताँश (सौ वाँ भाग) आवश्यक है। गायत्री को माता और यज्ञ को पिता माना गया है। इन्हीं दोनों के संयोग से मनुष्य का आध्यात्मिक जन्म होता हैं जिसे ‘द्विजत्व’ कहते हैं। ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य को द्विज कहते हैं। द्विज का अर्थ है दूसरा जन्म। जैसे अपने शरीर को जन्म देने वाले माता-पिता की सेवा-पूजन करना मनुष्य का नित्य कर्त्तव्य है उसी प्रकार गायत्री Gayatri माता और यज्ञ पिता की पूजा भी प्रत्येक द्विज का आवश्यक धर्म कर्त्तव्य है।

यज्ञ किसी भी प्रकार घाटे का सौदा नहीं हैं। साधारण रीति से किये हुए हवन में जो धन व्यय होता है वह एक प्रकार से देवताओं की बैंक में जमा हो जाता है और वह सन्तोषजनक ब्याज समेत लौटकर अपने को बड़ी महत्वपूर्ण आवश्यकता के समय पर वापिस मिलता हैं। विधिपूर्वक, शास्त्रीय पद्धति एवं विशिष्ट उपचारों एवं विधानों के साथ किये हुए हवन तो ओर भी महत्वपूर्ण हैं। ऐसे यज्ञ एक प्रकार के दिव्य अस्त्र हैं। दैवी सहायताएं प्राप्त करने के अचूक उपचार हैं। यज्ञ समस्त ऋद्धि-सिद्धियों का पिता है। यज्ञ को वेदों ने ‘कामधुक्’ कहा है वह मनुष्यों के अभावों का पूरा करने वाला और बाधाओं को दूर करने वाला है।

यज्ञ एक महान विद्या है। पांचों तत्वों का यज्ञ में एक वैज्ञानिक संमिश्रण होता है जिससे एक प्रचण्ड दुर्वर्ष शक्ति का आविर्भाव होता है। यज्ञ की इस प्रचण्ड शक्ति को ‘द्वि नासिक , सप्त जिह्वा, उत्तर मुख, कोटि द्वादश मूर्त्या, द्विपञ्चशत्कला युतम’ आदि विशेषणों युक्त कहा गया है। इस रहस्यपूर्ण संकेतों में यह बताया गया है कि यज्ञाग्नि की मूर्धा भौतिक और आध्यात्मिक दोनों हैं। इससे दोनों क्षेत्र सफल बनाये जा सकते हैं। स्थूल और सूक्ष्म प्रकृति यज्ञ की नासिका है उस पर अधिकार प्राप्त किया जा सकता है, सातों प्रकार की संपदाएं यज्ञाग्नि के हाथ हैं, वाममार्ग और दक्षिण मार्ग ये दो मुख हैं। हवा सातों लोक जिह्वाएँ हैं, इन सब लोकों में जो कुछ भी विशेषताएं हैं वे यज्ञाग्नि के मुख में मौजूद हैं। उत्तर ध्रुव का चुम्बकत्व केन्द्र अग्नि मुख है। यज्ञ की 52 कलाएं ऐसी हैं जिनमें से कुछ को प्राप्त करके ही रावण इतना शक्तिशाली हो गया था। यदि यह सभी कलाएं उपलब्ध हो जायें तो मनुष्य साक्षात् अग्नि रूप हो सकता है और विश्व के सभी पदार्थ उसके करतलगत हो सकते हैं। यज्ञ की महिमा अनन्त है। उसका थोड़ा आयोजन भी फलदायक होता है। गायत्री उपासकों के लिए तो यह पिता तुल्य पूजनीय है।

✍️*पं श्रीराम शर्मा आचार्य* ✍️ अखण्ड ज्योति 1954

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