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पापों का हरण करती है मोक्षा एकादशी

January 7, 2026

पापों का हरण करती है मोक्षा एकादशी

Article First Published on  01 Dec  2011 

मार्गशीर्ष शुक्लपक्ष की एकदाशी

यूं तो सभी एकादशी मानवजगत को श्रेष्ठ फल देने वाली तथा उसके कष्टों को निवारण करने वाली हैं। कि्तु इसमें भी मोक्षा एकादशी का महत्व सबसे ज्यादा है। यह मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी है, जोकि मोक्षा एकादशी के नाम से जानी जाती है। इसे गीता जयंती भी कहते हैं। क्योंकि इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने महाभारत के दौरान कुरुक्षेत्र के मैदान में गीता का प्रवचन किया था। मोक्षा एकादशी के बारे में युधिष्ठिर ने भगवान श्री कृष्ण से शुक्लपक्ष की मोक्षा एकादशी का महात्म पूछा था। इस पर श्रीकृष्ण ने कहा-नृपश्रेष्ठ मार्गशीर्ष मास के शुक्लपक्ष की एकादशी के श्रवण मात्र से वाजपेय यज्ञ का फल मिलता है। इसका नाम है मोक्षा एकादशी यह सब पापों का हरण करने वाली है। राजन् उस दिन यत्नपूर्वक तुलसी की मंजरी तथा धूप दीपादि से भघवान दामोदर का पूजन करना चाहिए। पूर्वोक्त विधि से ही दशमी और एकादशी के नियम का पालन करना चाहिए। मोक्षा एकादशी बड़े बड़े पातकों को नाश करने वाली है। उसदिन रात्रि मे मेरी प्रसंन्नता के लिए नृत्य, गीत और स्तुति के द्वारा जागरण करना चाहिए। जिसके पितर पापवश नीच योनि में पड़े हों। वे इसका पुण्य दान करने से मोक्ष को प्राप्त होते हैं। इसमें तनिक भी संदेह नहीं है। ब्रह्मपुराण के अनुसार मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी का बहुत बड़ा महत्व है। द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण ने इसी दिन अर्जुन को भगवद् गीता का उपदेश दिया था। इसीलिए यह तिथि गीता जयंती के नाम से भी प्रसिद्ध है। इसके बारे में गया है कि शुद्धा, विद्धा और नियम आदि का निर्णय यथापूर्व करने के अनन्तर मार्गशीर्ष शुक्ल दशमी को मध्याह्न में जौ और मूँग की रोटी दाल का एक बार भोजन करके द्वादशी को प्रातः स्नानादि करके उपवास रखें।

भगवान का पूजन करें और रात्रि में जागरण करके द्वादशी को एक बार भोजन करके पारण करें। यह एकादशी मोह का क्षय करनेवाली है। इस कारण इसका नाम मोक्षदा रखा गया है। इसीलिए भगवान श्रीकृष्ण मार्गशीर्ष में आने वाली इस मोक्षदा एकादशी के कारण ही कहते हैं मैं महीनों में मार्गशीर्ष का महीना हूँ। इसके पीछे मूल भाव यह है कि मोक्षदा एकादशी के दिन मानवता को नई दिशा देने वाली गीता का उपदेश हुआ था।

(साभार कल्याण)

अमिताभ ठाकुर की तबीयत बिगड़ने पर गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर

देवरिया। जिला जेल देवरिया में बंद पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर की देर रात दो बजे हालत बिगड़ी, हार्ट अटैक की आशंका के बीच गोरखपुर रेफर किया गया।
ठाकुर एक मामले में जिला जेल में बंद हैं।

जेएनयू में मोदी-शाह के खिलाफ नारेबाजी, पर होगी एफआईआर

नई दिल्ली, 07 जनवरी 2026, जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में सोमवार रात हुई आपत्तिजनक नारेबाजी पर एफआईआर होगी। जेएनयू प्रशासन ने बसंतकुंज थाने की मामले की लिखित जानकारी देते हुए एफआईआर दर्ज करने को कहा है।

ज्ञातव्य है कि सोमवार रात जेएनयू छात्र संघ के कुछ पदाधिकारी और छात्र परिसर में एक ढाबे पर एकत्र हुए थे। यहां इन छात्र नेताओं और उनके सहयोगियों ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक नारेबाजी की। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर जारी होने के बाद हड़कंप मच गया।

ये नारेबाजी सोमवार को सर्वोच्च न्यायालय से दिल्ली दंगों के आरोपी उमर खालिद और अलगाववादी आरोपों में घिरे शरजील इस्लाम की जमानत याचिकाएं खारिज होने के पर आक्रोश व्यक्त करते हुए की गई।

अंकिता भंडारी केस की हो सकती है सीबीआई जांच?

उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी

देहरादून, 07 जनवरी 2026, अंकिता भंडारी मामले पर मुख्य मंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रेस वार्ता के बाद यह माना जा रहा है कि सीबीआई जांच हो सकती है।
मुख्य मंत्री धामी ने मंगलवार को हुई प्रेस वार्ता में सीबीआई जांच के सवाल पर इनकार नहीं किया। बल्कि उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वे अंकिता के माता पिता से बात करने के बाद निर्णय लेंगे। परिजन जिस जांच को कहेंगे , वह कराई जाएगी।
उन्होंने कहा जिस ऑडियो के बाद इस मामले को तूल दिया गया है। उसकी सत्यता की जांच कराई जा रही है। इसमें एक जगह अंकिता की हत्या की बात कही जा रही है, वहीं एक जगह आत्महत्या कहा गया है। पूरे प्रकरण के एक एसआईटी बना दी गई है।
श्री धामी ने अंकिता प्रकरण पर कहा कि यह भावनात्मक मुद्दा है। हम अंकिता के परिजनों की संवेदनाओं के साथ हैं।

January 6, 2026

SIR एसआईआरः यूपी में हटे 2.89 करोड़ मतदाता, पहली ड्राफ्ट सूची जारी

लखनऊ,06 जनवरी, 2026, उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची में से एसआईआर प्रक्रिया में 2 करोड़  89 लाख मतदाताओं के नाम हटे हैं। अब सूची में 12 करोड़ 55 लाख मतदाता हैं। इसके पहले मतदाताओं की संख्या 15 करोड़ 30 हजार 92 थी। यह जानकारी आज मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा CEO UP NAVDEEP RINVA IAS ने पत्रकार वार्ता में दी। उन्होंने इसके साथ ही पहली ड्राफ्ट सूची भी जारी कर दी।

श्री रिणवा ने बताया विशेष  गहन पुनरीक्षण के दौरान 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाये गए हैं। छह फरवरी तक दावे और आपत्तियां ली जाएंगीं। जबकि अंतिम मतदाता सूची छङ मार्च को जारी की जाएगी। उन्होंने बताया कि पहले चरण के बाद 18 प्रतिशत मतदाताओं के नाम कट गए हैं। उन्होंने कहा कि जनके नाम पहली ड्राफ्ट सूची में नहीं हैं वे 6 फरवरी तक फार्म 6 भरकर जमा कर सकते हैं। ताकि उनका नाम जोड दिया जाए। अंतिम मतदाता सूची जारी होने की तिथि 6 मार्च है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी रिणवा ने बताया कि 27 अक्टूबर 2025 को प्रक्रिया शुरु हुई थी। पहला चरण 4 नवम्बर से शुरु हुआ, उस वक्त प्रदेश में 15 करोड़ 30 हजार 92 मतदाता थे। उन्होंने बताया कि मतदाता निर्वाचन आयोग की वेबसाइट https://voters.eci.gov.in/download-eroll  https://voters.eci.gov.in/download-eroll पर अपने नाम देख सकते हैं।

उन्होंने बताया कि जो नाम कटे हैं उनमें मृतक वोटरों की संख्या 46.23 लाख है, स्थानान्तरित वोटर की संख्या 2.17 करोड़ है। वहीं जो एक से ज्यादा स्थान पर नाम पाये गए उनकी संख्या 25.47 लाख है। जिनका नाम इस ड्राफ्ट में नहीं आया है उनकी कुल संख्या 2.89 करोड़ है।

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