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सबकी समस्या का निराकरण सरकार का संकल्प : सीएम योगी

January 8, 2026

सबकी समस्या का निराकरण सरकार का संकल्प : सीएम योगी

  • जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने सुनीं 150 लोगों की समस्याएं
  • सीएम ने अधिकारियों को दिए निर्देश, शीघ्रता से करें समस्याओं का निस्तारण
  • गंभीर बीमारियों के इलाज में करेंगे भरपूर आर्थिक सहायता

गोरखपुर, 8 जनवरी 2026 । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान गुरुवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में विभिन्न जिलों से आए लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति की समस्या का समाधान सरकार का संकल्प है। सीएम ने अफसरों को निर्देशित किया कि वे पूरी तत्परता और संवेदनशीलता से यह सुनिश्चित करें कि बिना भेदभाव सबको न्याय मिले। हर पात्र को जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिले, जरूरतमंदों के समुचित इलाज की व्यवस्था हो, जमीन कब्जाने वाले भू माफिया व दबंगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो।

गोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 150 लोगों की समस्याएं सुनीं। कुर्सियों पर बैठे लोगों तक खुद गए। उनकी शिकायतों को ध्यान से सुना। सबके प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को संदर्भित करते हुए त्वरित और संतुष्टिपरक निस्तारण का निर्देश देने के साथ लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर पीड़ित की समस्या का समाधान कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
जनता दर्शन में गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर आए कई लोगों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो भी जरूरतमंद हैं, प्रशासन उनके उच्च स्तरीय इलाज का इस्टीमेट शीघ्रता से बनवाकर उपलब्ध कराए। इस्टीमेट मिलते ही सरकार तुरंत धन उपलब्ध कराएगी। राजस्व और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में मुख्यमंत्री ने शीघ्रता से निस्तारण के निर्देश दिए।

*सीएम योगी ने की गोसेवा, गोवंश को खिलाया गुड़*
गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान गुरुवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिनचर्या परंपरागत रही। गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन करने तथा अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की प्रतिमा के समक्ष शीश झुकाने के बाद वह मंदिर परिसर के भ्रमण पर निकले। मंदिर की गोशाला में पहुंचकर गोसेवा की। गायों और गोवंश को स्नेहिल भाव से गुड़ खिलाया। गुरुवार सुबह मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परिजनों के साथ आए बच्चों से मिल उन्हें प्यार-दुलार, आशीर्वाद और चॉकलेट दिया।

कृषि यंत्रों की बुकिंग 8 से 21 जनवरी तक, दर्शन पोर्टल से करें आवेदन

उप्र समाचार सेवा
(शैलेन्द्र अवस्थी,औरैया)
औरैया, 08 जनवरी 2026, उप कृषि निदेशक शैलेन्द्र कुमार वर्मा ने जनपद के कृषक भाइयों को जानकारी दी है कि कृषि विभाग द्वारा संचालित सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन, प्रमोशन ऑफ एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन फॉर इन-सीटू मैनेजमेंट ऑफ क्रॉप रेज्ड्यू सहित अन्य योजनाओं के अंतर्गत कृषि यंत्रों की ऑनलाइन बुकिंग की जाएगी।
उन्होंने बताया कि कृषि यंत्रों की बुकिंग दिनांक 08 जनवरी 2026 को पूर्वान्ह 11:00 बजे से 21 जनवरी 2026 की रात्रि 12:00 बजे तक विभागीय पोर्टल के माध्यम से की जा सकेगी। इस अवधि में प्रत्येक विकास खण्ड के लिए 10,000 रुपये तक अवशेष अनुदान वाले कृषि यंत्रों की बुकिंग सामान्य वर्ग में 96 यंत्र तथा अनुसूचित वर्ग में 44 यंत्रों के लिए की जाएगी।
इसके अतिरिक्त अन्य अवशेष कृषि यंत्रों में लेजर लैंड लेवलर, पोटैटो प्लांटर, पोटैटो डिगर, पावर ऑपरेटेड चाफ कटर, स्ट्रॉ रीपर, मिनी राइस मिल, मिनी दाल मिल, ऑयल मिल विद फिल्टर प्रेस, पैकिंग मशीन, रोटावेटर, हैरो, कल्टीवेटर, ट्रैक्टर माउंटेड स्प्रेयर, मल्टीक्रॉप थ्रेसर, कंबाइन हार्वेस्टर (बिना ट्रैक्टर), पावर वीडर, फार्म मशीनरी बैंक, हैप्पी सीडर/स्मार्ट सीडर, सुपर सीडर, पैडी स्ट्रॉ चॉपर/श्रेडर मल्चर, सरफेस सीडर, रोटरी स्लेशर, जीरो ड्रिल सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल, बिग बेलिंग मशीन, स्ट्रॉ रेक, रेक्टेंगुलर बेलर, क्रॉप रीपर तथा सेल्फ प्रोपेल्ड रीपर कंबाइंडर आदि यंत्रों की बुकिंग की जाएगी। इन यंत्रों के लिए सामान्य एवं अनुसूचित वर्ग हेतु निर्धारित संख्या के अनुसार आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।
कृषि यंत्रों की बुकिंग एवं आवेदन कृषि विभाग के नव विकसित दर्शन पोर्टल की वेबसाइट
https://agridarshan.up.gov.in पर “यंत्र बुकिंग प्रारम्भ” विकल्प पर क्लिक कर विकास खण्डवार ऑनलाइन किए जा सकते हैं।
उप कृषि निदेशक ने बताया कि इच्छुक कृषक निर्धारित समयावधि में विभागीय पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। यदि किसी यंत्र के लिए लक्ष्य से अधिक आवेदन प्राप्त होते हैं, तो जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति के समक्ष ई-लॉटरी के माध्यम से चयन की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

औरैया पुलिस की बड़ी कार्रवाई, फर्जी सिम कार्ड गिरोह का भंडाफोड़, तीन अभियुक्त गिरफ्तार


उप्र समाचार सेवा
(शैलेन्द्र अवस्थी,औरैया)
औरैया, 08 जनवरी 2016, पुलिस ने एक संगठित धोखाधड़ी गिरोह का खुलासा करते हुए सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देकर फर्जी सिम कार्ड निकलवाने और बेचने वाले तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से कुल 11 फर्जी सिम कार्ड भी बरामद किए हैं। यह कार्रवाई फर्जी सिम कार्ड और POS सत्यापन के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत की गई।
पुलिस अधीक्षक औरैया अभषेक भारती के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक के पर्यवेक्षण में थाना ऐरवाकटरा, दिबियापुर और कोतवाली औरैया की संयुक्त पुलिस टीमों ने अपने-अपने क्षेत्र में चेकिंग के दौरान इस गिरोह को पकड़ा। जांच में सामने आया कि अभियुक्त भोले-भाले और अनपढ़ लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का लालच देते थे। इसके बाद उनकी फोटो खींचकर और अंगूठा लगवाकर उनके नाम से सिम कार्ड निकलवाते थे, जिन्हें बाद में बिना किसी पहचान पत्र के अधिक दामों पर अन्य लोगों को बेच दिया जाता था।
पुलिस ने थाना दिबियापुर क्षेत्र से अभियुक्त आलोक कुमार को नहर पुल के पास से गिरफ्तार किया, जिसके पास से 6 वोडाफोन, 2 जियो और 1 एयरटेल की फर्जी सिम बरामद हुई। वहीं कोतवाली औरैया पुलिस ने अभियुक्त प्रदीप पोरवाल को एलजी गार्डन नहर पुल के पास से गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 2 एयरटेल की फर्जी सिम बरामद की। तीसरे अभियुक्त दीपांशु तिवारी को ग्राम समायन थाना ऐरवाकटरा क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान प्रदीप पोरवाल निवासी गोविंद नगर, कोतवाली औरैया; आलोक कुमार निवासी ग्राम उमरी, थाना दिबियापुर; तथा दीपांशु तिवारी निवासी ग्राम समायन, थाना ऐरवाकटरा के रूप में हुई है। पूछताछ में अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे इसी तरीके से फर्जी सिम बेचकर अवैध मुनाफा कमाते थे।
इस मामले में संबंधित थानों में अलग-अलग अभियोग पंजीकृत किए गए हैं, जिनमें बीएनएस, भारतीय दंड संहिता, आईटी एक्ट और दूरसंचार अधिनियम की धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस के अनुसार अन्य संलिप्त अभियुक्तों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
औरैया पुलिस ने जनसामान्य से अपील की है कि वे सिम कार्ड या सरकारी योजनाओं के नाम पर अपने आधार कार्ड, पहचान पत्र अथवा बायोमैट्रिक विवरण किसी को भी न दें। ऐसे दस्तावेजों के दुरुपयोग से फर्जी सिम कार्ड और बैंक खाते खोलकर साइबर अपराध किए जा सकते हैं। पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है।

एनडीए के गरीब कल्याण के संकल्प से बदली गांव की तस्वीर: पंकज

लखनऊ 08 जनवरी 2026। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने गुरुवार को वाराणसी में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में एनडीए सरकार ने पिछले 11 वर्षों में ग्रामीण भारत की दशा और दिशा दोनों को ऐतिहासिक रूप से बदला है। सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों, पारदर्शी व्यवस्था और गरीब-कल्याण के संकल्प का ही परिणाम है कि देश में 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं, जो देश की एक बड़ी उपलब्धि है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्री चौधरी ने कहा कि मोदी सरकार का उद्देश्य रोजगार उपलब्ध कराने के साथ ही, गरीब, वंचित, जनजाति और पिछड़े वर्ग के श्रमिकों को सम्मानजनक आजीविका और गरिमा प्रदान करना है। विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप ग्रामीण विकास का एक नया ढांचा तैयार किया गया है, जो महात्मा गांधी जी की भावना से प्रेरित है और राम राज्य की अवधारणा को साकार करने की दिशा में एक ठोस कदम है।
श्री चौधरी ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर तीखा हमला करते हुए कहा कि आखिर विकसित भारत और भगवान श्रीराम के नाम से इन्हें इतनी नफरत क्यों है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस चाहे कितनी भी साजिशें रच ले, देश 2047 तक विकसित भारत बनकर रहेगा और इस लक्ष्य को कोई रोक नहीं सकता।
प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि नई ग्रामीण रोजगार व्यवस्था के अंतर्गत हर ग्रामीण परिवार को प्रतिवर्ष 125 दिन के रोजगार की गारंटी दी जाएगी। वन क्षेत्रों में कार्य करने वाले अनुसूचित जनजाति के श्रमिकों को अतिरिक्त 25 दिन का रोजगार मिलेगा। काम के दिन बढ़ने के साथ-साथ मजदूरी का भुगतान भी अधिक तेज़ी से होगा और साप्ताहिक भुगतान का प्रावधान किया गया है, जबकि मनरेगा में मजदूरी 15 दिन में मिलती थी।
उन्होंने कहा कि मनरेगा पर सबसे अधिक खर्च मोदी सरकार ने किया है। अब तक इस योजना पर कुल 11.74 लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जिनमें से 8.53 लाख करोड़ रुपये केवल मोदी सरकार के कार्यकाल में दिए गए हैं। यह आंकड़े कांग्रेस के झूठे दावों की पोल खोलने के लिए पर्याप्त हैं।
श्री चौधरी ने कहा कि वर्ष 2005 में मनरेगा की शुरुआत हुई थी, लेकिन अब ग्रामीण भारत की स्थिति और आवश्यकताएं पूरी तरह बदल चुकी हैं। 2011-12 में जहां ग्रामीण गरीबी 25.7 प्रतिशत थी, वहीं 2023-24 में यह घटकर 4.86 प्रतिशत रह गई है। आज कनेक्टिविटी बेहतर हुई है, आजीविका के नए साधन विकसित हुए हैं, इसलिए पुराने ओपन-एंडेड मॉडल को 2025 की जरूरतों के अनुसार पुनर्गठित करना आवश्यक हो गया था।
उन्होंने यह भी कहा कि यूपीए सरकार के समय मनरेगा में पारदर्शिता का अभाव था, जबकि नई व्यवस्था में रियल टाइम डेटा अपलोड, जीपीएस और मोबाइल मॉनिटरिंग तथा एआई आधारित फ्रॉड डिटेक्शन की व्यवस्था की गई है। इससे भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी और सही लाभार्थियों को समय पर काम और भुगतान मिल सकेगा।
प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि नए कानून का फोकस चार प्राथमिकताओं पर आधारित है-जल संबंधी कार्य, कोर ग्रामीण बुनियादी ढांचे का निर्माण, आजीविका से जुड़ी संपत्तियों का विकास और खराब मौसम के कारण रोजगार में होने वाली कमी को कम करना। इससे जल सुरक्षा, खेती, सड़क, बाजार, भंडारण और जलवायु अनुकूल विकास को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि वीबी-जी राम जी बिल में यह भी प्रावधान है कि बुआई और कटाई के मौसम में 60 दिन तक कार्य स्थगित रहेगा, ताकि कृषि कार्यों में मजदूरों की कमी न हो। मनरेगा में इस तरह का कोई प्रावधान पहले नहीं था।
कांग्रेस के नामकरण प्रेम पर हमला बोलते हुए श्री पंकज चौधरी ने कहा कि कांग्रेस सरकारों ने देश के लगभग 600 संस्थानों, योजनाओं और पुरस्कारों का नाम नेहरू-गांधी परिवार के नाम पर रखा, जबकि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने कभी अपने या किसी के नाम पर योजना नहीं रखी। मोदी सरकार में नाम नहीं, काम बोलता है। राजपथ को कर्तव्य पथ और रेस कोर्स रोड को लोक कल्याण मार्ग बनाना इसी सेवा भाव का उदाहरण है।
अंत में प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वीबी-जी राम जी मजदूरों, किसानों और गांवों के समग्र विकास का मंत्र है और कांग्रेस के भ्रष्टाचार के अंत का माध्यम है। कांग्रेस का विरोध आम जन के हित में नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों को बचाने के लिए है

अंकिता भंडारी के माता पिता से मिले सीएम धामी

उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी

देहरादून, 07 जनवरी 2026, मुख्य मंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज अंकिता भंडारी के पिता वीरेंद्र भंडारी और माता से भेंट की। भेंट में धामी ने अंकिता मामले में उनकी इच्छा पूछी और भरोसा दिलाया कि वे जो चाहते हैं, वहीं होगा। जानकारी के अनुसार परिजनों ने सीबीआई जांच की मांग की है।

इस भेंट के बाद यह अनुमान लगाया जा रहा है कि सीएम इस प्रकरण पर सीबीआई को सौंपने के लिए विधिक राय ले सकते हैं। क्योंकि मामला अदालत में है। इसलिए सरकार के लिए यह जरूरी है कि वह कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप ही फैसला ले। क्या निचली अदालत से दोषसिद्ध होने के बाद भी सीबीआई जांच कराई जा सकती है। इन पहलुओं पर विचार के बाद ही कोई फैसला संभव होगा।

ज्ञातव्य है कि मंगलवार को पत्रकार वार्ता में सीएम ने कहा थी कि वे अंकिता के माता पिता से मिलकर उनकी इच्छा के अनुरूप ही फैसला लेंगे।

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