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ब्राह्मण समाज एकजुट होकर उत्पीड़न का करेगा मुकाबला

January 18, 2026

ब्राह्मण समाज एकजुट होकर उत्पीड़न का करेगा मुकाबला

Mitresh Chaturvedi, Mathura

    अध्यक्ष मित्रेश चतुर्वेदी का स्वागत करते ब्राह्मण समाज के लोग

राष्ट्रीय अध्यक्ष मित्रेश चतुर्वेदी का स्वागत करते विप्रजन

हाथरस।राष्ट्रीय विप्र एकता मंच द्वारा हाथरस जंक्शन स्थित ओम वाटिका गेस्टहाउस में ब्राह्मण सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष मित्रेश चतुर्वेदी ने कहा कि ब्राह्मण सदैव से सनातन धर्म का ध्वजवाहक रहा है और धर्म व संस्कृति की रक्षा के लिए हर युग में संघर्ष करता आया है। उन्होंने कहा कि शासन सत्ता की लालसा ब्राह्मण समाज का उद्देश्य कभी नहीं रहा, लेकिन सनातन धर्म को कमजोर करने के प्रयासों में सबसे पहले ब्राह्मण समाज को निशाना बनाया जाता रहा है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान समय में ब्राह्मणों पर अत्याचार बढ़ रहे हैं और सनातन व राष्ट्र विरोधी शक्तियां समाज को कमजोर करने का प्रयास कर रही हैं। ऐसे में सभी भेदभाव भूलकर ब्राह्मण समाज को एकजुट होने की आवश्यकता है। उन्होंने आरक्षण और एससी एक्ट को समाज की गंभीर समस्याएं बताते हुए कहा कि जरूरत पड़ी तो इनके विरोध में आंदोलन भी किया जाएगा। संगठन द्वारा सदस्यता अभियान चलाकर प्रत्येक जिले में कम से कम 500 लोगों को जोड़ा जाएगा।
उन्होंने यूजीसी इक्विटी कमेटी में किए गए बदलावों को सवर्ण समाज के लिए घातक बताते हुए कहा कि इससे छात्रों में जातिगत भेदभाव की भावना पैदा होगी। इसके विरोध में 26 जनवरी 2026 को देशभर में हर घर लाल झंडा अभियान चलाया जाएगा। नीट पीजी में माइनस 40 अंक पर प्रवेश के प्रावधान का भी उन्होंने कड़ा विरोध किया।
सम्मेलन में एएमयू तिलक विवाद में जीत के बाद जेएन मेडिकल कॉलेज में कार्यरत पंडित आशीष शर्मा का सम्मान किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्रह्मदेव शर्मा ने की तथा संचालन जिला अध्यक्ष धर्मेश शर्मा ने किया। इस अवसर पर मंच के नवनियुक्त पदाधिकारियों का भी स्वागत किया गया। बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

Hathras समाज कल्याण विभाग में फर्जी नियुक्ति, कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ केस

फर्जी दस्तावेजों से नौकरी का मामला: जीजा-साले पर धोखाधड़ी का मुकदमा
हाथरस।समाज कल्याण विभाग में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल करने के मामले में कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने जीजा-साले के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।कोतवाली हाथरस गेट क्षेत्र के विवेकानंद नगर कॉलोनी निवासी नीरज उपाध्याय ने अपने ससुर कोमल किशोर निवासी साकेत कॉलोनी तथा उसके जीजा रामेश्वर उपाध्याय, पूर्व सीओ पर आरोप लगाते हुए अधिकारियों से शिकायत की थी।
शिकायत के अनुसार, पूर्व में सीओ रहे रामेश्वर दयाल ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने साले कोमल किशोर के शैक्षिक अभिलेखों में हेराफेरी कराई। वास्तविक जन्मतिथि 20 जनवरी 1958 के स्थान पर कूटरचित रूप से 20 जनवरी 1961 दर्शाकर फर्जी हाईस्कूल प्रमाण पत्र तैयार कराया गया। इन दस्तावेजों के आधार पर समाज कल्याण विभाग में जूनियर क्लर्क के पद पर अनैतिक व फर्जी तरीके से नौकरी प्राप्त की गई और वेतन के रूप में सरकारी धनराशि प्राप्त की गई, जिससे सरकार व योग्य अभ्यर्थियों को नुकसान पहुंचा।
मामले की जांच के लिए समाज कल्याण आयुक्त इलाहाबाद के आदेश पर गठित तीन सदस्यीय समिति ने जांच में पाया कि कोमल किशोर उक्त पद के लिए योग्य नहीं था। इसके बावजूद विभाग द्वारा न तो दस्तावेजों का समुचित सत्यापन किया गया और न ही उसे पदमुक्त किया गया। विभागीय स्तर पर कोई कार्रवाई न होने के आरोप भी लगाए गए।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि पुलिस द्वारा भी लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिसके बाद उसे न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। कोर्ट ने उपलब्ध दस्तावेजी साक्ष्यों, जिनमें प्रमाण पत्र व आधार कार्ड की छायाप्रति शामिल है, के आधार पर प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध मानते हुए विवेचना आवश्यक बताई और पुलिस को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।
सीओ सदर योगेंद्र कृष्ण नारायण ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सोनू कश्यप हत्याकांड को लेकर कश्यप समाज में आक्रोश, कैंडल मार्च

Hathras Candle March

हाथरस में कैंडल मार्च निकलते कश्यप समाज के लोग

कैंडल मार्च निकालते लोग

 हाथरस।मुजफ्फरनगर निवासी सोनू कश्यप की मेरठ के सरधना क्षेत्र में हुई निर्मम हत्या को लेकर कश्यप समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है। आरोप है कि जलाकर हत्या किए जाने के बावजूद अब तक दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे समाज में रोष बढ़ता जा रहा है।
इसी क्रम में  सिकंदराराऊ में कश्यप समाज के लोगों ने कैंडल मार्च निकालकर विरोध दर्ज कराया। कैंडल मार्च रेलवे स्टेशन से प्रारंभ होकर पंत चौराहे तक निकाला गया, जहां प्रदर्शनकारियों ने न्याय की मांग को लेकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि हत्या में शामिल दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो जिला स्तर पर धरना-प्रदर्शन और कैंडल मार्च किए जाएंगे तथा आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को अनिश्चितकालीन रूप दिया जाएगा।

हिन्दू सम्मेलनों में समस्त परिवारों से सहभागिता करने का आह्वान

हाथरस नगर की विश्वकर्मा शाखा पर मनाया गया मकर संक्रांति उत्सव

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समरसता भोज हाथरस

मकर संक्रांति उत्सव में शामिल   स्वयंसेवक
हाथरस। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा सामाजिक समरसता का पर्व मकर संक्रांति उत्सव को नगर की विभिन्न शाखाओं पर  हर्ष उल्लास के साथ मनाया गया। सामूहिक खिचड़ी भोज कर प्रेम और एकता का संदेश दिया गया।
सरस्वती शिशु मंदिर में विश्वकर्मा शाखा पर मकर संक्रांति उत्सव का शुभारंभ अतिथियों द्वारा भारत माता के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर एव पुष्प आर्पित कर किया।  मुख्य वक्ता नगर कार्यवाह भानु ने कहा कि संघ वर्षभर में 6 प्रमुख उत्सव मानता है उनमें से मकर संक्रांति का उत्सव प्रमुख है।  उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति का पर्व सामाजिक समरसता का पर्व है। सनातन का गौरवशाली इतिहास रहा है लेकिन देश मे साजिश के तहत सनातन धर्म और इतिहास को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है। हिंदू समाज को जाति धर्म , ऊँच नीच आदि के द्वारा विभाजित करने का कार्य किया गया।  हिन्दू समाज को कमजोर बनाने की साजिश की गई। उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति का पावन पर्व का महत्व सनातन में अधिक है। सूर्य का उत्तरायण होना सनातन संस्कृति में शुभ समय का शुभारंभ माना जाता है। यह पर्व हमे सभी मतभेद वर्गभेद को समाप्त कर एकजुट रहने का संदेश देता है। इसलिये हमे इस पर्व पर एकजुट रहने का संकल्प लेना चाहिये। इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण एव स्वदेशी अपनाने की बात कही।
कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ पीपी सिंह ने  15 जनवरी से 15 फरबरी तक होने वाले हिन्दू सम्मेलनों में समस्त हिन्दू परिवारों से सहभागिता करने का आह्वान किया। इस अवसर पर सामूहिक खिचड़ी भोज किया गया।
कार्यक्रम का संचालन जिला प्रचार प्रमुख आशीष सेंगर ने किया।
कार्यक्रम में नगर प्रचारक शिवम , उत्तर प्रदेश दिव्यांग सलाहकार बोर्ड के सदस्य सागर शर्मा , जिला गौ सेवा प्रमुख देवेंद्र तोमर , प्रान्त उपाध्यक्ष किसान संघ अनिल गुप्ता , नगर सह कार्यवाह टिंकू राना , नगर सह संपर्क प्रमुख वीरेंद्र माहौर , मुख्य शिक्षक योगेश पचौरी , शाखा कार्यवाह सुभाष राना , शेखर सिंह परमार,  डॉ राजीव सेंगर  , पीयूष सेंगर ,  नवीन प्रताप सिंह , मनोज अग्निहोत्री, योगेश गुप्ता, विजय कुमार,  भव्य सेंगर  ,प्रिन्स शर्मा,गर्व आदि मौजूद रहे

विराट हिंदू सम्मेलन से दिया एकता का संदेश

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हिन्दू सम्मेलन और समरसता भोज का आयोजन

लखनऊ। अलीगंज के सेक्टर-जे स्थित कोठारी बंधु पार्क में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन और समरसता भोज ने हिंदू समाज की एकतासामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना का सशक्त और प्रभावशाली प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में विभिन्न वर्गोंविचारधाराओं और सामाजिक पृष्ठभूमियों से आए लोगों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। आयोजन का उद्देश्य स्पष्ट रूप से समाज को जोड़नाभेदभाव की दीवारों को तोड़ना और राष्ट्रहित में संगठित होकर आगे बढ़ने का संदेश देना रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत समरसता भोज के साथ हुईजिसमें सभी ने एक साथ बैठकर भोजन किया। यह केवल औपचारिकता नहीं थीबल्कि सामाजिक समानता और आपसी भाईचारे का प्रतीक था। आयोजकों ने यह संदेश दिया कि जब समाज एक पंक्ति में बैठकर भोजन कर सकता हैतो वह हर चुनौती का सामना भी एकजुट होकर कर सकता है। इसके बाद सम्मेलन का वैचारिक सत्र प्रारंभ हुआजिसमें राष्ट्रसमाज और संस्कृति को लेकर गंभीर और विचारोत्तेजक वक्तव्य सामने आए।

सम्मेलन के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लखनऊ विभाग के विभाग प्रचारक अनिल ने अपने विस्तृत संबोधन में कहा कि हिंदू समाज की सबसे बड़ी ताकत उसका संगठन है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इतिहास साक्षी हैजब-जब समाज संगठित हुआ हैतब-तब भारत ने प्रगति की है और जब समाज बिखरा हैतब चुनौतियाँ बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि संघ व्यक्ति निर्माण के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की अवधारणा पर कार्य करता है और ऐसे विराट हिंदू सम्मेलन समाज को जागृत करने का माध्यम बनते हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे केवल अपने अधिकारों की चर्चा तक सीमित न रहेंबल्कि राष्ट्र और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को भी आत्मसात करें।

इसके पश्चात ज्योतिषाचार्य आचार्य मनोजानंद ने अपने वक्तव्य में सनातन संस्कृति की गहराई और उसकी वैज्ञानिकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म केवल पूजा-पद्धति नहींबल्कि जीवन को संतुलित और उद्देश्यपूर्ण ढंग से जीने की संपूर्ण व्यवस्था है। आज समाज में जो भ्रमतनाव और विघटन दिखाई देता हैउसका मूल कारण अपने सांस्कृतिक मूल्यों से दूरी है। उन्होंने कहा कि विराट हिंदू सम्मेलन और समरसता भोज जैसे आयोजन समाज को उसकी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने परिवार और समाज में संस्कारों के पुनर्स्थापन पर विशेष बल दिया।

सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर प्रदीप श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में राष्ट्र सुरक्षा और सामाजिक अनुशासन के बीच गहरे संबंध को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा केवल सीमाओं पर तैनात सैनिकों की जिम्मेदारी नहीं हैबल्कि समाज का हर नागरिक राष्ट्र की सुरक्षा व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण अंग है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्रभक्ति को आचरण में उतारने का आह्वान किया।

भारतीय केसरिया वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज कृष्ण श्रीवास्तव ने अपने ओजस्वी वक्तव्य में कहा कि हिंदू समाज को अब केवल सहनशील नहींबल्कि संगठित और सजग होना होगा। उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता के बिना किसी भी प्रकार का राष्ट्रीय उत्थान संभव नहीं है। ऐसे सम्मेलन यह प्रमाणित करते हैं कि हिंदू समाज एकजुट है और अपनी संस्कृति की रक्षा के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने कहा कि हिंदू संस्कृति के पतन के लिए सुनियोजित षड़यंत्र रचे गए। वर्ष 1932 में देश में लगभग सात लाख गुरुकुल थेलेकिन एक साजिश के तहत आज़ादी के बाद भी गुरुकुलों के दमन की संस्कृति को लगातार बढ़ावा दिया गया। परिणामस्वरूप आज पूरे देश में मात्र लगभग चार सौ गुरुकुल ही शेष रह गए हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि आज़ादी के बाद देश में जिस प्रकार की दमनकारी नीतियाँ अपनाई गईंउनसे हिंदू हितों को लगातार कुचलने का कुचक्र रचा गया। हिंदू समाज की गौरक्षा की परंपरा को योजनाबद्ध तरीके से कमजोर किया गयाजिसके चलते गौरक्षा के स्थान पर गौरभक्षण की संस्कृति हावी होती चली गई।

सम्मेलन के दौरान स्वच्छतापर्यावरण संरक्षणशिक्षासेवा कार्ययुवाओं के मार्गदर्शन और सांस्कृतिक पुनर्जागरण जैसे विषयों पर भी गंभीर विमर्श हुआ। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि समाज को केवल भाषणों से नहींबल्कि निरंतर जमीनी कार्यों से मजबूत किया जा सकता है। यह भी स्पष्ट किया गया कि यह आयोजन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहींबल्कि समाज और राष्ट्रहित को केंद्र में रखकर किया गया। सम्मेलन में आचार्य नमेश ने कहा कि हिंदू मां भारती की आत्मा हैं।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी उपस्थित लोगों ने हिंदू समाज की एकतासामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। कोठारी बंधु पार्क में आयोजित यह विराट हिंदू सम्मेलन और समरसता भोज सामाजिक चेतना को नई दिशा देने वाला आयोजन सिद्ध हुआ।

कार्यक्रम में सोनेलाल श्रीवास्तवडॉपीएनशर्मानीरज गुप्ताराजेन्द्र श्रीबदरूलालसच्चिदानन्द श्रीवास्तवआशा बदरूदुर्गेश मिश्रअनुराग श्रीवास्तवअजय सिंहनन्दन उपाध्यायडॉअनिल दीक्षितराष्ट्रेश्वर मिश्ररामलालअमित कुमार अग्रवालविशाल श्रीवास्तवपवन श्रीवास्तवदेवी प्रसाद सिंहसंजीवन गुप्ताप्रदीपशरतरामसेवक गौड़ सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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