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समाज के लिए भी रोज कुछ करो: मोहन भागवत

January 10, 2026

समाज के लिए भी रोज कुछ करो: मोहन भागवत

सुदामा कुटी के 100 वर्ष पूर्ण होने पर मनाया जा रहा शताब्दी महोत्सव

मथुरा, 10 जनवरी 2026 (उप्रससे)। वृंदावन की सुदामा कुटी आश्रम के शनिवार को 100 वर्ष पूर्ण हुए। इस उपलक्ष्य में 10 दिवसीय शताब्दी महोत्सव  बड़ी धूमधाम से मनाया जा रहा है। नाभापीठाधीश्वर सुतीक्ष्णदास महाराज के अनुसार आश्रम का शताब्दी महामहोत्सव मनाया जा रहा है। रोजाना 10 दिन तक आध्यात्मिक आयोजन होंगे। यहां हजारों लोग पहुंचेंगे।हर दिन सुबह 8 से 10 बजे तक श्रीराम महायज्ञ होगा। पूरे आयोजन में 11 टन हवन सामग्री और 200 पीपा देसी घी का इस्तेमाल होगा। शाम के समय यहां भजन कीर्तन होंगे, इसमें हर दिन अलग-अलग संत शामिल होंगे। शताब्दी महोत्सव में आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत शामिल होकर दीप प्रज्जवलित कर महोत्सव का शुभारंभ किया। उन्होंने सुदामा दास जी महाराज के जीवन परिचय और नाभा पीठ का परिचय जानने के लिए प्रकाशित पुस्तक का विमोचन किया गया।

इसके बाद उन्होंने संबोधित करते हुए कहा- वह हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकते। लेकिन जैसे हमें तैयार होना है, वैसे हम तैयार नहीं हुए हैं। इसलिए वह हमारे सामने नाच रहे हैं। अंदर से खोखले हो गए हैं, सारी दुनिया में हार रहे हैं। जैसे-जैसे सनातन धर्म के सब लोग एक होते जाएंगे। वैसे-वैसे यह टूटते जाएंगे। आप देख लीजिए पिछले 50 सालों में जैसे-जैसे हिंदू एक होता गया। वैसे-वैसे इनके टुकड़े होते चले गए। मंच पर पीठाधीश्वर बलराम दास, कमल नयन दास महाराज, साध्वी ऋत्मभरा, ज्ञानानंद महाराज, गौरी शंकर दास महाराज, कुमार स्वामी, राजेंद्र दास महाराज, भूरी वाले बाबा, सुदर्शन दास महाराज, मनोज मोहन शास्त्री, विहिप के बड़े दिनेश भी मौजूद थे।

सुबह में आश्रम से शोभयात्रा निकाली गई। महंत सुतीक्ष्ण दास महाराज रथ पर सवार होकर भ्रमण करने निकले। शोभायात्रा अलग-अलग चौराहों से होते हुए दोपहर 3 बजे वापस सुदामा कुटी आश्रम पहुंची थी। मोहन भागवत ने मंच पर कहा कि अपने लिये रोज करते हो, अपने परिवार के लिए रोज करते हो, तो समाज के लिए भी रोज कुछ करो।

सुदामा कुटी की स्थापना 1926 में हुई

सुदामा कुटी की स्थापना सुदामादास महाराज ने 1926 में की थी। सुदामा कुटी आश्रम बंसीवट और गोपेश्वर महादेव मंदिर के बीच स्थित है, जहां हजारों संतों की निशुल्क सेवा की जाती है। आश्रम के महंत अमरदास महाराज ने बताया-सुदामादास महाराज का जन्म बिहार के गोपालगंज स्थित छिपाया गांव में 1899 में हुआ था। वह पहले अयोध्या में कुछ दिन रहे। इसके बाद 1926 में वृंदावन आ गए। तब से ही वे संत सेवा में लग गए। सुदामा कुटी में कई मंदिर हैं जहां सुबह से शाम तक भर्जन कीर्तन चलता रहता है। संतों की सेवा में लगे संत गोशाला में गोसेवा भी करते हैं।

शताब्दी महोत्सव में गृहमंत्री, रक्षामंत्री समेत कई राज्यों के सीएम पहुंचने की संभावना

10 दिन चलने वाले आयोजनों में 4 राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे। साथ ही, गृहमंत्री अमित शाह और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को भी न्योता भेजा गया है। 2025 में सुदामा कुटी में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी आ चुकी हैं। वह स्पेशल ट्रेन से दिल्ली से वृंदावन पहुंची थीं। वृंदावन में यमुना किनारे पूजास्थल तैयार किए गए हैं, यहां हर रोज 10 हजार लोग फ्री भोजन करेंगे। इस कुटी के बारे में कहा जाता है कि कोई भी इस कुटी से भूखा नहीं लौटता है, यहां लोगों और संतों की सेवा 24 घंटे चलती रहती है।