मथुरा, 15 जनवरी 2026, राजवाड़ा रिजॉर्ट में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में युवा भागवत कथा व्यास कान्हा कौशिक ने प्रवचन करते हुए कहा कि भागवत कथा का महत्व जीवन को प्रेम, भक्ति, ज्ञान और शांति की ओर ले जाना है, जो जन्मों के पापों का नाश करती है, आध्यात्मिक विकास करती है, आत्मविश्वास जगाती है और कलयुग में मोक्ष प्राप्ति का एकमात्र साधन मानी जाती है, जिससे व्यक्ति संसार के मोह-माया से मुक्त होकर परम सुख प्राप्त करता है। यह सभी वेदों का सार है और इसे सुनना देवताओं के लिए भी दुर्लभ माना जाता है, जो मनुष्य को आंतरिक शुद्धि और आत्मिक उन्नति प्रदान करता है।
भागवत कथा का श्रवण कलयुग में भवसागर से पार लगाने और मोक्ष प्राप्त करने का सबसे सरल और प्रभावी तरीका है।
नन्दलाल उपाध्याय, डॉ.बृजकिशोर,संतोष, डाक्टर पवन,प्रवीण ,अंशुल,जगदीश पाठक,सुजीत वर्मा आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

