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मथुरा में बनेगा देश का पहला राष्ट्रीय गो-संस्कृति म्यूजियम, आस्था-आध्यात्म और विज्ञान का होगा संगम

February 15, 2026

मथुरा में बनेगा देश का पहला राष्ट्रीय गो-संस्कृति म्यूजियम, आस्था-आध्यात्म और विज्ञान का होगा संगम

Land Inspection for Cow Museum in Mathura

मथुरा में गो संस्कृति म्यूजियम के लिए भूमि देखते हुए अधिकारी

– उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की पहल, जमीन का किया गया वेटरनेरी यूनिवर्सिटी में चयन
– यह म्यूजियम गोवंश के धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व के साथ-साथ वैज्ञानिक दृष्टि से गाय और उसके उत्पादों की उपयोगिता को आम जनमानस तक पहुंचाएगा
Posted on 15.02.2026 Time 04.19 PM Sunday, Mathura
मथुरा। उत्तर प्रदेश पंडित दीन दयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय के परिसर में देश का पहला राष्ट्रीय गो-संस्कृति म्यूजियम स्थापित किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की पहल उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद द्वारा की गई है, जिसके लिए विश्वविद्यालय परिसर में भूमि का चयन कर लिया गया है।
यह म्यूजियम गोवंश के धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व के साथ-साथ वैज्ञानिक दृष्टि से गाय और उसके उत्पादों की उपयोगिता को आम जनमानस तक पहुंचाएगा। परंपरा और विज्ञान के इस अनूठे संगम के माध्यम से गो-संरक्षण, गो-पालन और गो-आधारित जीवनशैली की समग्र समझ विकसित की जाएगी।
शनिवार को ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष  शैलजाकांत मिश्र, मंडलायुक्त  नगेंद्र प्रताप, जिलाधिकारी  सीपी सिंह, परिषद के मुख्य कार्यपालक अधिकारी  सूरज पटेल तथा मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष  लक्ष्मी एन , परिषद के पर्यावरण सलाहाकर  मुकेश शर्मा, वेटरनेरी यूनिवर्सिटी से डा. अमित शुक्ला
ने प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण कर परियोजना की रूपरेखा पर चर्चा की।
मंडलायुक्त  नगेंद्र प्रताप ने बताया कि म्यूजियम में डिजिटल और प्रतीकात्मक स्वरूप में गोवंश के 100 मॉडल प्रदर्शित किए जाएंगे। इसमें देश में पाई जाने वाली सभी प्रमुख गोवंशीय नस्लों के साथ-साथ लुप्तप्राय प्रजातियों को भी शामिल किया जाएगा, ताकि भावी पीढ़ी को भारत की समृद्ध गो-परंपरा का समग्र परिचय मिल सके।
म्यूजियम का एक प्रमुख आकर्षण गाय के दूध और उससे बनने वाले उत्पादों—दूध, दही, पनीर, घी आदि की प्रदर्शनी होगी। यहां इन उत्पादों की वैज्ञानिक, पोषणात्मक और आयुर्वेदिक उपयोगिता को आधुनिक तकनीकों के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। इसके अतिरिक्त परिसर में दुग्ध उत्पाद पार्लर भी विकसित किया जाएगा, जहां आगंतुकों को शुद्ध दुग्ध उत्पाद उपलब्ध होंगे।
परियोजना के अंतर्गत गाय को भारतीय संस्कृति में प्राप्त “माता” का स्थान सनातन परंपरा में उसकी आध्यात्मिक भूमिका को यहाँ विशेष रूप से रेखांकित किया जाएगा। इसके माध्यम से यहाँ बताया जाएगा कि गो-संरक्षण केवल आर्थिक या कृषि विषय नहीं, बल्कि धार्मिक साधना, सात्त्विक जीवनशैली और लोककल्याण से गहराई से जुड़ा हुआ है। श्री मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप राष्ट्रीय स्तर पर विकसित किया जा रहा यह गो-संस्कृति म्यूजियम ब्रज क्षेत्र की पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा और गो-आधारित अर्थव्यवस्था को वैज्ञानिक मानकों पर समझने व अपनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।