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बजट में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान

February 1, 2026

बजट में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान

FINANCE MINISTER NIRMALA SEETHARAMAN PRESENTED UNION BUDGET 2026-27 IN LOKSABHA

केन्द्री वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण लोकसभा में केन्द्रीय बजट प्रस्तुत करते हुए

Posted on 01.02.2026 Sunday, Time: 10.35 PM, Source PIB

नई दिल्ली, 02 फरवरी 2026,  संसद में केंद्रीय बजट पेश करते हुए केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने कहा कि “सरकार सामाजिक जरूरतों से समझौता किये बिना लगातार राजकोषीय वचनबद्धताओं को पूरा करती रही है।” इसी के अनुरूप, ऋण-से-जीडीपी अनुपात संशोधित अनुमान 2025-26 में जीडीपी के 56.1 प्रतिशत की तुलना में बजट अनुमान 2026-27 में जीडीपी के 55.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है। गिरता हुआ ऋण-से-जीडीपी अनुपात धीरे-धीरे ब्याज भुगतान पर व्यय को कम करके प्राथमिक क्षेत्र के व्यय के लिए संसाधनों को मुक्त करेगा।

राजकोषीय घाटा 4.5 प्रतिशत से कम रखने को प्रतिबद्धः निर्मला सीतारमण

राजकोषीय घाटा, जोकि ऋण लक्ष्य के लिए एक मुख्य प्रचालनात्मक लिखत है, के बारे में बात करते हुए श्रीमती सीतारमण ने संसद को सूचित किया कि वित्त वर्ष 2021-2022 में राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 4.5 प्रतिशत से नीचे कम करने के लिए की गई वचनबद्धता को पूरा किया गया है। संशोधित अनुमान 2025-26 में राजकोषीय घाटा का अनुमान जीडीपी के 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। ऋण समेकन की नई राजकोषीय दूरदर्शिता के अनुरूप, बजट अनुमान 2026-27 राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

निवल बाजार उधारी

केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि “राजकोषीय घाटे के वित्तपोषण हेतु, दिनांकित प्रतिभूतियों से निवल बाजार उधारी का अनुमान 11.7 लाख करोड़ रुपये है। शेष वित्तपोषण छोटी बचतों और अन्य स्रोतों के आने की संभावना है। सकल बाजार उधारी का अनुमान 17.2 लाख करोड़ रुपये है। ”