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नाराजगी: सीजेएम के तबादला का विरोध, मुख्य न्यायमूर्ति के नाम ज्ञापन भेजा

January 23, 2026

नाराजगी: सीजेएम के तबादला का विरोध, मुख्य न्यायमूर्ति के नाम ज्ञापन भेजा

Bar Association, Advocate Moradabad

जिला जज को ज्ञापन देने जाते हुए मुरादाबाद के वकील

मुरादाबाद, 23 जनवरी 2026, (उप्र समाचार सेवा) संभल के सीजेएम विभांशु सुधीर के तबादले का मुद्दा गरमाया हुआ है। एएसपी अनुज चौधरी व पुलिस कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज का आदेश देने वाले सीजेएम के अचानक तबादले से बार संगठन बेहद नाराज है। गुरुवार को जनरल हाउस की मीटिंग में देश के मुख्य न्यायाधीश और इलाहाबाद के न्यायमूर्ति को इस प्रकरण से अवगत कराने का निर्णय लिया गया।
संभल मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आकस्मिक स्थानांतरण के विरोध में शुक्रवार को दि बार एसोसिएशन एंड लाइब्रेरी के प्रतिनिधि मंडल ने जिला
जज के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन की एक प्रति मुख्य न्यायाधीश महोदय, सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली को स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजी गई।
ज्ञापन में कहा कि न्यायिक आदेश पारित करने के उपरांत मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट का स्थानांतरण अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है I इससे न्याय पालिका की स्वतंत्रता, निष्पक्षता एवं आम जनता के न्याय व्यवस्था पर विश्वास को गहरा आघात पहुँचा है I दि बार एसोसिएशन एंड लाइब्रेरी मुरादाबाद के समस्त अधिवक्तागण तथा आम जनता ने इसका घोर विरोध कियाI
प्रतिनिधि मंडल में गंभीर चिंता व्यक्त की गई कि जनपद संभल में तत्कालीन मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा कानून के अंतर्गत पारित एक न्यायिक आदेश के उपरांत उनका स्थानांतरण कर दिया गया । यह घटनाक्रम न केवल न्यायिक स्वतंत्रता बल्कि न्यायपालिका की निष्पक्षता, गरिमा व संस्थागत आत्मसम्मान के लिए भी बेहद चिंताजनक है।
एसोसिएशन का मत है कि यदि किसी न्यायिक अधिकारी द्वारा अपने न्यायिक विवेक से पारित वैधानिक आदेशों के बाद इस प्रकार के प्रशासनिक निर्णय लिए जाते हैं तो इससे न्यायपालिका की निर्भीकता प्रभावित होती है। आम लोगों के मन में यह धारणा बनती है कि न्यायिक स्वतंत्रता पर दबाव डाला जा रहा है। यह लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है। न्यायपालिका लोकतंत्र का अंतिम और सबसे मजबूत स्तम्भ है, जिसकी स्वतंत्रता पर किसी भी प्रकार का आघात स्वीकार्य नहीं है।
ज्ञापन के माध्यम से यह भी प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया कि संभल के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायिक आदेश की अवहेलना वाले बयान देने वाले अधिकारी के विरुद्ध माननीय उच्च न्यायालय स्वत: अवमानना की कार्यवाही कारित करें I
मांग की कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश के अनुपालन में तुरंत रिपोर्ट दर्ज कराने का आदेश पारित करने की कृपा करें I
इस दौरान अध्यक्ष आनंद मोहन गुप्ता , शाकिर अली, राकेश जोहरी, आदेश श्रीवास्तव, प्रभात गोयल, जुनैद एजाज, कमाल अख्तर, महेश चन्द्र त्यागी, परमाल सिंह, विनोद कुमार विकल, आबिद हुसैन, महावीर प्रसाद मौर्य, त्रिलोक चन्द्र दिवाकर, मुस्तर अली, प्रेमवीर सिंह, रफ़ीक अहमद, गोपाल कृष्ण दिवेदी, विनय खन्ना, फिरोजुद्दीन, मो. आरिफ, अमज़द अली, शरद सिन्हा, रघुवीर सिंह, पुनीत चौहान, जोगेंद्र सिंह चौहान, कमर रईस, मुज़म्मिल खान, शराफत हुसैन, चन्द्र वीर सिंह, अनिल कुमार सिंह, छत्रपाल सिंह, वीर सिंह सैनी, नदीम हुसैन, निखिल रंजन अग्रवाल, मनीष प्रताप सिंह, पंकज शर्मा, अजय बंसल, सारिफ मालिक, अरशद परवेज़, नसरुद्दीन, आसिफ हुसैन, मोहम्मद जकी खान, फ़िरोज़ हसन आदि अधिवक्ता रहे I