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डीएम ने दलहन क्रय केन्द्र खुलवाने के लिए शासन स्तर पर फोन पर वार्ताकर लिखा पत्र

February 16, 2026

डीएम ने दलहन क्रय केन्द्र खुलवाने के लिए शासन स्तर पर फोन पर वार्ताकर लिखा पत्र

उप्रससे अजय बरया
ललितपुर। जनपद के किसानों के हितों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए जिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने एक महत्वपूर्ण पहल की है, उन्होंने किसान संगठनों व किसानों की माँग पर दलहन फसलों की शीघ्र खरीद सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से शासन स्तर पर दूरभाष पर सीधे वार्ता की और पत्र लिखा।
जिलाधिकारी ने वार्ता के दौरान शासन को अवगत कराया कि जनपद ललितपुर में बड़ी संख्या में किसान आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग से हैं, फसल तैयार होते ही उन्हें घरेलू एवं कृषि सम्बंधी आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु तत्काल धन की जरूरत पड़ती है, ऐसे में यदि क्रय केन्द्र समय पर संचालित न हों तो किसान मजबूरन अपनी उपज को बिचौलियों को ओने-पोने दामों पर बेंच देते हैं। बाद में यही बिचौलिये सरकारी खरीद प्रारंभ होने पर उसी उपज को समर्थन मूल्य पर बेंच कर अनुचित लाभ अर्जित करते हैं, जिससे मूल किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
जिलाधिकारी ने शासन से आग्रह किया कि जनपद की परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए जनपद में मध्य मार्च से पूर्व ही दलहन क्रय केन्द्रों के संचालन की अनुमति प्रदान की जाए, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सीधे किसानों को प्राप्त हो सके और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो।
जिलाधिकारी की इस पहल को शासन स्तर पर सकारात्मक रूप से लिया गया है, सब ठीक रहा तो मार्च में ही क्रय केन्द्र खोले जाने की अनुमति मिल सकती है। जिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने कहा है कि जिला प्रशासन जनपद के किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रत्येक पात्र किसानों को उसकी उपज का समर्थन मूल्य समय पर प्राप्त हो तथा किसी भी प्रकार की शोषणकारी गतिविधि पर प्रभावी नियंत्रण रखा जाए।’ जनपद के किसान भाईयों से अपील की जाती है कि वे अपनी दलहन उपज को अधिकृत क्रय केन्द्रों पर ही विक्रय करें और किसी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल जिला प्रशासन को अवगत करायें। जिला प्रशासन हर संभव किसानों की मदद के लिए तत्पर है।
जिलाधिकारी ने इससे पूर्व भी किसान हितों में संवेदनशीलता दिखाते हुए विगत वर्षों की फसल बीमा योजना के तहत किसानों को 60 करोड़ से अधिक का भुगतान भी कराया है और आगे भी किसानों के शेष भुगतान के लिए लगातार प्रयासरत हैं।