उप्रससे अजय बरया
ललितपुर। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली आशा मालवीय इन दिनों अपने साहस, संकल्प और देशभक्ति के जज़्बे से लोगों को प्रेरित कर रही हैं। नारी शक्ति, देशभक्ति और अदम्य साहस के उद्देश्य के साथ वह 7800 किलोमीटर की लंबी साइकिल यात्रा पर निकली हैं। जयपुर से शुरू हुई उनकी यह यात्रा गुजरात होते हुए कन्याकुमारी तक जाएगी। फिलहाल वह ललितपुर पहुंच चुकी हैं और अब तक 3100 किलोमीटर की दूरी तय कर चुकी हैं।
कलेक्ट्रेट परिसर में जिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने आशा मालवीय का उत्साहवर्धन किया और उनके इस साहस भरे कदम की प्रशंसा करते हुए कहा कि नारी शक्ति अगर ठान ले तो वह सब कुछ कर सकती हैं। आज महिलाएं हर क्षेत्र के कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। इसके लिए सरकार नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलंबन के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी नारी शक्ति की ताकत, साहस और दृढ़ता का सम्मान करते हुए विभिन्न क्षेत्रों में उनकी उपलब्धियों की सराहना करती है, केन्द्र व प्रदेश की सरकार शिक्षा, उद्यमिता, कृषि, प्रौद्योगिकी, खेल सहित अन्य क्षेत्रों में अनेक पहलों के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आशा मालवीय को उज्वल भविष्क की शुभकामनाएं देते हुये जनपद के पर्यटन चित्र भेंट किये।
आशा मालवीय ने बता कि उन्होंने फिजिकल एजुकेशन में पीजी की पढ़ाई की है। खेल और फिटनेस के क्षेत्र से जुड़ी होने के कारण उन्होंने हमेशा युवाओं और विशेषकर महिलाओं को शारीरिक रूप से सशक्त बनने के लिए प्रेरित किया है। उनका मानना है कि आत्मविश्वास, अनुशासन और दृढ़ निश्चय से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर और साहसी बनने के लिए प्रेरित करना है। वे जहां-जहां से गुजर रही हैं, वहां लोगों से संवाद कर रही हैं और बेटियों की शिक्षा, महिला सुरक्षा तथा राष्ट्रप्रेम का संदेश दे रही हैं। रास्ते में कई सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों द्वारा उनका स्वागत भी किया जा रहा है।
कठिन मौसम, लंबी दूरी और शारीरिक थकान जैसी चुनौतियों के बावजूद आशा का उत्साह कम नहीं हुआ है। उनका कहना है कि यह यात्रा केवल साइकिल चलाने की नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की एक मुहिम है।
ललितपुर पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और उनके साहस की सराहना की। आशा मालवीय की यह पहल न केवल महिलाओं के लिए प्रेरणा है, बल्कि युवाओं में देशभक्ति और आत्मबल की भावना को भी मजबूत कर रही है।
7800 किलोमीटर की इस ऐतिहासिक यात्रा को पूरा करने का उनका संकल्प अडिग है। उनका संदेश स्पष्ट हैकृ“यदि हौसले बुलंद हों तो कोई भी मंजिल दूर नहीं।

