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औरैया पुलिस की बड़ी कार्रवाई, फर्जी सिम कार्ड गिरोह का भंडाफोड़, तीन अभियुक्त गिरफ्तार

January 8, 2026

औरैया पुलिस की बड़ी कार्रवाई, फर्जी सिम कार्ड गिरोह का भंडाफोड़, तीन अभियुक्त गिरफ्तार


उप्र समाचार सेवा
(शैलेन्द्र अवस्थी,औरैया)
औरैया, 08 जनवरी 2016, पुलिस ने एक संगठित धोखाधड़ी गिरोह का खुलासा करते हुए सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देकर फर्जी सिम कार्ड निकलवाने और बेचने वाले तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से कुल 11 फर्जी सिम कार्ड भी बरामद किए हैं। यह कार्रवाई फर्जी सिम कार्ड और POS सत्यापन के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत की गई।
पुलिस अधीक्षक औरैया अभषेक भारती के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक के पर्यवेक्षण में थाना ऐरवाकटरा, दिबियापुर और कोतवाली औरैया की संयुक्त पुलिस टीमों ने अपने-अपने क्षेत्र में चेकिंग के दौरान इस गिरोह को पकड़ा। जांच में सामने आया कि अभियुक्त भोले-भाले और अनपढ़ लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का लालच देते थे। इसके बाद उनकी फोटो खींचकर और अंगूठा लगवाकर उनके नाम से सिम कार्ड निकलवाते थे, जिन्हें बाद में बिना किसी पहचान पत्र के अधिक दामों पर अन्य लोगों को बेच दिया जाता था।
पुलिस ने थाना दिबियापुर क्षेत्र से अभियुक्त आलोक कुमार को नहर पुल के पास से गिरफ्तार किया, जिसके पास से 6 वोडाफोन, 2 जियो और 1 एयरटेल की फर्जी सिम बरामद हुई। वहीं कोतवाली औरैया पुलिस ने अभियुक्त प्रदीप पोरवाल को एलजी गार्डन नहर पुल के पास से गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 2 एयरटेल की फर्जी सिम बरामद की। तीसरे अभियुक्त दीपांशु तिवारी को ग्राम समायन थाना ऐरवाकटरा क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान प्रदीप पोरवाल निवासी गोविंद नगर, कोतवाली औरैया; आलोक कुमार निवासी ग्राम उमरी, थाना दिबियापुर; तथा दीपांशु तिवारी निवासी ग्राम समायन, थाना ऐरवाकटरा के रूप में हुई है। पूछताछ में अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे इसी तरीके से फर्जी सिम बेचकर अवैध मुनाफा कमाते थे।
इस मामले में संबंधित थानों में अलग-अलग अभियोग पंजीकृत किए गए हैं, जिनमें बीएनएस, भारतीय दंड संहिता, आईटी एक्ट और दूरसंचार अधिनियम की धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस के अनुसार अन्य संलिप्त अभियुक्तों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
औरैया पुलिस ने जनसामान्य से अपील की है कि वे सिम कार्ड या सरकारी योजनाओं के नाम पर अपने आधार कार्ड, पहचान पत्र अथवा बायोमैट्रिक विवरण किसी को भी न दें। ऐसे दस्तावेजों के दुरुपयोग से फर्जी सिम कार्ड और बैंक खाते खोलकर साइबर अपराध किए जा सकते हैं। पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है।