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एटा में बिना नोटिस आशियाना उजाड़े जाने पर किसानों का नगर पालिका परिसर में अनिश्चितकालीन धरना

January 2, 2026

एटा में बिना नोटिस आशियाना उजाड़े जाने पर किसानों का नगर पालिका परिसर में अनिश्चितकालीन धरना

एटा 02 जनवरी उप्रससे। जनपद के जलेसर कस्बे में किसानों ने नगर पालिका प्रांगण में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। यह प्रदर्शन ऑल इंडिया किसान यूनियन के बैनर तले तहसील अध्यक्ष सोबरन सिंह के नेतृत्व में पिछले तीन दिनों से जारी है।

 

किसानों की प्रमुख मांग है कि गरीबों के आशियाने और सड़क किनारे लगे खोखों को बिना पूर्व सूचना या नोटिस के न हटाया जाए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नगर पालिका प्रशासन बिना नोटिस दिए एकतरफा आदेश जारी कर रहा है, जिससे गरीब और छोटे दुकानदारों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। किसानों का कहना है कि सड़क किनारे खोखे लगाकर जीवनयापन करने वाले 28 दुकानदारों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि अवैध अतिक्रमण हटाना आवश्यक है, तो यह कार्रवाई महाराणा प्रताप चौक से लेकर तहसील तक समान रूप से की जाए, न कि किसी एक वर्ग या क्षेत्र के साथ भेदभाव किया जाए।

किसानों ने प्रशासन पर सौतेला व्यवहार अपनाने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि सभी कदम उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप, मानवीय और कानून सम्मत होने चाहिए।

इस धरने में नाथूराम, रामसेवक शर्मा, लेखराज, भगवान सिंह, राशिद, ओमकार सिंह, नहीम, सुनील, मुहम्मद कासिम, आफताब, प्रमोद सहित दर्जनों किसान और दुकानदार शामिल हैं।

 

 

एटा के गांव रामरायपुर में एक साल से सफाईकर्मी नहीं, ग्रामीणों ने स्वयं की सफाई

 

एटा 02 जनवरी उप्रससे। जनपद के जलेसर ब्लॉक की ग्राम पंचायत बेरनी के रामरायपुर गांव में स्वच्छता की स्थिति गंभीर बनी हुई है। पिछले एक साल से गांव में कोई सफाईकर्मी नहीं आया है, जिसके कारण नालियां चोक हो गई हैं और चारों ओर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। सरकारी तंत्र की इस अनदेखी से परेशान ग्रामीणों ने स्वयं सफाई अभियान चलाकर विरोध प्रदर्शन किया।

 

ग्रामीणों का आरोप है कि सफाईकर्मी की नियुक्ति के बावजूद वह पिछले एक साल से अनुपस्थित है। इस स्थिति के कारण गांव की नालियां कचरे से भर गई हैं और सड़कों पर कीचड़ जमा हो गया है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। ब्लॉक कार्यालय में बार-बार शिकायत करने के बावजूद अधिकारियों ने इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया, जिससे उनमें गहरा रोष है।

शुक्रवार को रामरायपुर के ग्रामीण हाथों में झाड़ू और फावड़ा लेकर सड़कों पर उतरे। उन्होंने श्रमदान कर गांव की नालियों की सफाई की और मुख्य मार्गों से कचरा हटाया। इस दौरान ग्रामीणों ने अनुपस्थित सफाईकर्मी की लापरवाही के खिलाफ नारेबाजी की और प्रशासन की उदासीनता पर सवाल उठाए।

इस अवसर पर भारतीय किसान यूनियन (किसान) के प्रदेश महासचिव प्रत्येन्द्र शाह सिसोदिया भी उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारी वेतन ले रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर काम नहीं हो रहा है। सिसोदिया ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही गांव में सफाई व्यवस्था बहाल नहीं की गई और दोषी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो यूनियन एक बड़ा आंदोलन शुरू करने पर विवश होगी। इस सफाई अभियान और प्रदर्शन में ईमान सिसोदिया, रमन सिसोदिया, लोकेंद्र शाह, विवेक चौहान, अमित चौहान, करन ठाकुर सहित दर्जनों ग्रामीण प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

 

वर्जन

खंड विकास अधिकारी पीएस आनंद ने बताया कि सफाई को लेकर ग्रामीणों द्वारा समस्या से अवगत नहीं कराया गया है लेकिन गांव में टीम भेज कर सफाई करायी जाएगी।