बांदा।
जिले के ग्रामीण इलाके में भूख से तड़प कर एक भूमिहीन
दलित किसान की मौत हो गई। मृतक के घर में राशन के अभाव
में चार दिन से चूल्हा नहीं जला था। वह मंगलवार को
समाजवादी राशन राहत पैकेट लेने पड़ोस के गांव जा रहा था।
रास्ते में भूख के कारण उसकी मौत हो गई।
नरेनी तहसील के ऐला
गांव के मुंगूस पुरवा निवासी चालीस वर्षीय नत्थू पुत्र
जग प्रसाद अपने परिवार के साथ रहता था। वह भूमिहीन था,
मजदूरी करके अपनी गुजर वसर करता था। सूखे के कारण उसे कहीं
मजदूरी नहीं मिल पा रही थी। इससे उसके परिवार में चार
दिन से राशन नहीं था। इसके कारण घर में चूल्हा नहीं जल
रहा था। परिवार भूखा था। उसे पता चला कि पड़ोस के गांव
में मंगलवार को समाजवादी राहत राशन पैकेट का वितरण होगा।
सूचना पर मंगलवार को भूखा ही चल दिया। रास्ते में
हैण्डपम्प पर उसने खाली पेट पानी पिया। पानी पीते ही उसकी
तबियत बिगड़ गई और वहीं गिरकर नत्थू की मौत हो गई।
मौत के बाद घर
पहुंचा राशन
नत्थू की भूख से मौत
होने पर जिले में हड़कम्प मच गया। अधिकारियों ने समाजवादी
राहत राशन का एक पैकेट उसके घर पहुंचा दिया। यदि राहत
राशन उसे पहले मिल जाता तो शायद नत्थू की भूख से मौत नहीं
होती।