प्रतापगढ़ जिलाधिकारी डॉ0 आदर्श सिंह ने स्वच्छ भारत अभियान को
सफल बनाने का एक अजीबोगरीब तरीका खोजा है। वे सुबह 5 से 6 बजे के
बीच ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर शौच कर रहे लोगों को माला पहना
रहे हैं। उनका कहना है कि लोगों को इस प्रकार शर्मिन्दा करके खुले
में शौच को हतोत्साहित किया जा रहा है। लेकिन ग्रामीण जनों का
कहना है कि जिलाधिकारी का इस प्रकार सुबह सुबह जाकर एक असामान्य
स्थिति पैदा की जा रही है। उनका आरोप है कि शौचालय निर्माण के
लिये दिया जाने वाला अनुदान लोगों तक नहीं पहुँच रहा है, और इस
प्रकार बजाय इसके कि शौचालय निर्माण पर ध्यान दिया जाय, गरीब लोगों
को शर्मिन्दा किया जा रहा है।
सोमवार को जिलाधिकारी अपनी टीम के साथ स्वच्छता अभियान के तहत
विकास खण्ड सदर के ग्राम सभा बड़नपुर पहुंच गये। वहां खुले में
शौच जाने वाले व्यक्तियों में रामराज, राम भजन यादव, विश्राम जो
कि लोक निर्माण विभाग के राजकीय कर्मचारी है, श्री राम नरेश यादव
जो कि राजकीय इण्टर कालेज के राजकीय कर्मचारी हैं, श्री दयाराम
अनुसूचित जाति एवं राधेश्याम अनुसूचित जाति डिब्बा व लोटा सहित
खुले में शौच करते हुये पकड़े गये, उन्हें माला पहनाकर शर्मसार
किया गया। बाद में जिलाधिकारी महोदय ने खुले में शौच जाने से होने
वाले नुकसान तथा पैदा होने वाली बीमारियों के बारे में बताया।
जिलाधिकारी की टीम में डॉ0 वी0के0 पाण्डेय मुख्य चिकित्सा अधिकारी,
श्री कुंवर सिंह यादव जिला पंचायत राज अधिकारी, श्री विवेक
उपाध्याय - जिला शासकीय अधिवक्ता (राजस्व) तथा श्री पी0 एन0
पाण्डेय - प्रतिनिधि जिला सूचना कार्यालय आदि उपस्थित रहे