उरई। जालौन रोड पर कुकरगांव के
पास सोमवार को देर रात बाइक सवार
को गोली मार दी गई। उसे चिंता जनक
हालत में उपचार के लिए जिला
अस्पताल से रात में ही रेफर कर
दिया गया था। अभी भी उसकी हालत
नाजुक बनी हुई है। पुलिस के
मुताबिक घटना अचानक हुई। दूसरी ओर
पता चला है कि घायल का अपनी पत्नी
से तलाक का मुकदमा चल रहा था।
दोपहर में उसने तारीख के बाद
ससुराल जाकर हंगामा भी काटा था।
रामपुरा निवासी वरुण कुमार
(27वर्ष) का तीन वर्ष पहले इंदिरा
नगर कबीर मंदिर के पीछे निवासी
रिटायर शिक्षक देवीदीन की पुत्री
हेमलता से विवाह हुआ था। एक वर्ष
तक दोनों के संबंध ठीक चले लेकिन
इसके बाद वरुण और हेमलता में कलह
होने लगा। यहां तक कि वरुण ने एक
दिन गर्भवती होने के बावजूद हेमलता
को घर से बाहर निकाल दिया। तब से
वह मायके में पिता के साथ रह रही
थी।
इस बीच यह मामला पुलिस द्वारा
संचालित एच्छिक ब्यूरो में पहुंचा
लेकिन इसके बावजूद दोनों पक्षों
की तल्खी कम नही हुई। इसी बीच
वरुण ने हेमलता के खिलाफ तलाक का
मुकदमा कायम कर दिया। सोमवार को
वह इसी मुकदमे की तारीख करने
रामपुरा से उरई आया था। तारीख
खत्म होने के बाद वह अपने ससुराल
पहुंचा जहां उसकी पत्नी और ससुर
मौजूद थे। उसने दोनों के साथ
गाली-गलौच की। इसके बाद वह कुछ और
रिश्तेदारों के घर गया। रात में
लगभग 11 बजे जब वह रामपुरा वापस
लौट रहा था कुकरगांव के पास उसे
बाइक सवार दो लोगों ने गोली मार
दी। खबर आने पर कोतवाली पुलिस
आनन-फानन में मौके पर पहुंची। उसे
जिला अस्पताल लाया गया जहां से
हालत नाजुक होने के कारण उसको
रेफर कर दिया गया।
रात में ही पुलिस ने उसकी ससुराल
में दबिश दी लेकिन वहां सभी लोग
सोते हुए मिले। जिससे उन पर संदेह
का आधार फिलहाल खत्म हो गया। बाद
में पुलिस ने दूसरे पहलुओं पर
छानबीन की। प्रभारी निरीक्षक आलोक
सक्सेना ने बताया कि मौके पर
प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी
के अनुसार वरुण की घटना स्थल पर
बाइक पर सवार दो लोगों से कहासुनी
हो गई थी। यह कहासुनी मारपीट में
बदल गई। वरुण हटटा-कटटा था इसलिए
दोनों पर भारी पड़ गया। जब वे लोग
पिटने लगे तो उन्होंने आखिर में
तमंचा निकालकर वरुण को गोली मार
दी। उक्त लोगों का पता नही चल पाया
है। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि
हमलावरों की पहचान के लिए सुरागरशी
जारी है।
दुकान के सामने संदिग्ध हालत
में मृत पाया गया टेलर
उरई। कृष्णा टाॅकीज वाली गली में
टेलरिंग की दुकान चलाने वाला
संदिग्ध हालत में अपनी दुकान के
सामने मृत पड़ा पाया गया। पुलिस के
अनुसार सरसरी तौर पर उसकी मौत का
कारण बीमारी प्रतीत हो रहा है।
कृष्णा टाॅकीज गली में नटराज टेलर
का संचालक कृष्णलाल (50वर्ष) अपने
गांव डकोर के लिए रोजान अपडाउन
करता था। हालांकि कभी-कभी वह
दुकान के ही अंदर सो जाता था।
डकोर में उसकी पौने दो एकड़ जमीन
है। कृष्णलाल खेती की फसल कटवाकर
कल रात ही लौटा था। आज सुबह उसे
दुकान के सामने मृत हालत में पड़ा
पाया गया। उसने कंबल ओढ़ रखा था।
पुलिस अंदाजा लगा रही है कि बीमारी
की वजह से रात में ज्यादा ठंड लगने
से उसने कंबल ओढ़ा होगा लेकिन ज्वर
तेज रहा होगा जिससे उसकी हालत
बिगड़कर मौत के मुहाने तक पहुंच गई।पुलिस
ने पंचनामा के बाद शव को सील कर
पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
वारदातें करने वालों पर पुलिस
का नही जोर, अनाथों का कर रही
चालान
उरई। संगीन वारदातों को अंजाम
देकर जिले भर में जनजीवन को
हिलाकर रख देने वाले दुर्दांत
अपराधियों के सामने पुलिस की एक
नही चल पा रही जिसको देखते हुए
अवैध शराब और जंग खाये तमंचों के
बहाने अनाथ किस्म के छुटभइयों को
गिरफ्तार कर विभाग द्वारा लोगों
की निगाह में अपनी तेज तर्रारी की
छाप बनाये रखने की कोशिश हो रही
है। इसके तहत पिछले 24 घंटों में
जिले भर में पांच लोगों का आबकारी
एक्ट और दो का आम्र्स एक्ट में
चालान किया गया।
कामकाज का कोटा पूरा करने के लिए
हुई इन कार्रवाईयों में कालपी
पुलिस के एचसीपी उमेश सिंह ने
उसरगांव से सरसेला निवासी लाल
सिंह को पकड़कर उसके मत्थे 225 देशी
क्वार्टर मढ़ दिये। जालौन कोतवाली
पुलिस के उपनिरीक्षक मुकेश कुमार
ने इसी तरह की तीरंदाजी को अंजाम
देते हुए अर्जुन उर्फ बउवा और
छोटेलाल बाथम को 20-20 क्वार्टर
देशी शराब के साथ दबोच लिया। गोहन
के थानाध्यक्ष हेमंत कुमार गौड़ ने
ग्राम जीपुरा में असाधारण बहादुरी
का परिचय देते हुए पुत्तन सिंह और
राकेश सिंह निवासी मड़ोरी को पकड़ा
जिनके कब्जे से पांच-पांच लीटर
कच्ची शराब बरामद हुई। उधर कालपी
पुलिस के एचसीपी उमेश कुमार ने
उसरगांव मं राहुल पाल निवासी
चिल्ली थाना डकोर को टारगेट पूरा
करने के लिए 32 बोर देशी तमंचा और
दो जिंदा कारतूस लगाकर जेल भिजवाया।
कुठौंद पुलिस के उपनिरीक्षक मनोज
कुमार सैनी ने ग्राम घराना से शीलू
शुक्ला निवासी देवनपुरा को पकड़ा।
जिसके कब्जे से मिला 12 बोर का
देश तमंचा जिसकी हालत बता रही थी
कि उसकी एक्सपाइरी डेट काफी पहले
पूरी हो चुकी है।
जानकारों के अनुसार एतिहाती
कार्रवाईयों के नाम पर पुलिस को
बड़ी सावधानी से काम करना पड़ता है।
अगर किसी जोर जबर पर हाथ डाल दिया
तो नेताजी खैर नही छोड़ेगे। दूसरी
ओर नेताजी या उनके लगुवे-भगुवे के
कहने से इस अभियान में उस पर तमंचा
और शराब लगाने की पूरी तत्परता
बरती जाती है। जिसकी कोई कहने वाला
न हो। निरीह आदमी पर इस बल को
दिखाने के बदले में खाकीधारी
नेताजी के प्रसाद और आशीर्वाद को
प्राप्त कर अपना जीवन धन्य करते
हैं।