U.P. Web News
|

Article

|
|
BJP News
|
Election
|
Health
|
Banking
|
|
Opinion
|
     
   News  
 

   

कांग्रेस के गढ़ से भाजपा का मिशन 19  का शंखनाद
सर्वेश कुमार सिंह
Tag:  Amit Shah, BJP Rally, Mission 2019
Publised on : Last Updated on: 21 April  2018, Time 20:16

भाजपा ने किया मिशन 2019 का शंखनाद लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार को मिशन 2019 के फतेह की शुरुआत कर दी है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भाजपा ने इस मिशन की शुरुआत कांग्रेस के गढ़ में घुसकर की। इसमें भाजपा को पहली सफलता तब मिली जब काग्रेस के कद्दावर नेता और विधान परिषद् सदस्य दिनेश प्रताप सिंह के परिवार को पार्टी में शामिल कर लिया। इसके साथ ही इस परिवार के पंचवटी के नाम से विख्यात आवास पर भगवा लहरा गया। ज्ञातव्य है कि इस परिवार का कांग्रेस के साथ लम्बा नाता था, किन्तु पार्टी में उपेक्षा के कारण इन्होंने नया रास्ता चुनने का फैसला किया। एमएलसी परिवार का रायबरेली की राजनीति में खासा प्रभाव है। उनके बड़े भाई अवधेश प्रताप सिंह जिला पंचायत के अध्यक्ष हैं और एक भाई विधायक हैं। हालांकि विधायक भाई ने भाजपा में जाने का कोई संकेत नहीं दिया है अपितु उनके बड़े भाई अवधेश प्रताप सिंह पंचवटी के  दरवाजे कांग्रेस के लिए बद होने का ऐलान एक दिन पहले कर चुके हैं।

भारतीय जनता पार्टी ने रायबरेली में यह रैली, जिसमें अपार भीड़ उमडी, सिर्फ एक परिवार को पार्टी की सदस्यता दिलाने के लिए नहीं की। भाजपा उददेश्य देश को यह संदेश देने का है कि वह कांग्रेस के गढ़ों पर इश बार एक-एक कर हमला करेगी। पार्टी की रणनीति इस बार रायबरेली कांग्रेस प्रत्याशी को कड़ी चुनौती देने की है। रायबरेली रैली से देश भर में यह संदेस जा रहा है कि भाजपा इस बार 2014 के मुकाबले अधिक कड़ी  टक्कर देगी। भाजपा रणनीतिकारों का मानना है कि कांग्रेसमुक्त भारत के नारे और सपने को साकार करने के लिए उसे रायबरेली और अमेठी के किलों पर भी भगवा लहराना होगा। इसके लिए भाजपा ने काग्रेस में से ही रायबरेली के लिए लोकसभा प्रत्याशी तलाश लिया है।

एमएलसी को शामिल करने के पीछे भाजपा की गहरी रणनीति और समीकरण है। यहां से पहले भी भाजपा के टिकट पर ठाकुर उम्मीदवार दो बार कांग्रेस को पराजित कर चुका है। भाजपा के प्रत्याशी के रूप में ठाकुर अशोक सिंह ने कांग्रेस को हराया था। इसीलिए भाजपा ठाकुर बिरादरी के दमदार प्रत्याशी को तलाश कर कांग्रेस का गढ़ एक बार फिर ढहाना चाहती है। हालांकि रायबरेली के जातीय समीकरणों में कायस्थ मततादाओं की संख्या अधिक है। इसके बाद ठाकुर और ब्राह्मण बराबर-बराबर हैं। इसके बाद पिछढ़े, मुस्लिम और अनुसूचित जाति के मतदाता हैं। भाजपा ठाकुर, ब्राह्मण, पिछड़ों का गठजोड़ बनाकर रायबरेली जीतना चाहती है। रायबरेली का जीआईसी मैदान प्रमुख स्थान है जहां अक्सर चुनावी रैलियां होती हैं। इस मैदान को भर देने पर माना जाता है कि रैली सफल रही है। इस लिहाज से आज की रैली सफल थी क्योंकि मैदान पूरी तरह से भरा था।

रायबरेली की रैली से भाजपा अध्यक्ष ने 2019 के चुनाव के मुद्दे का भी साफ संकेत दिया है। उन्होने यहां काग्रेस को भगवा आतंकवाद के लिए टिप्पणी पर माफी मांगने की मांग की। उन्होने हिन्दुत्व के मुद्दे को कांग्रेस के गढ़ में घुसकर उठाया। आज की रैली भाजपा के चुनावी अभियान की शुरुआत है। इसलिए यह माना जा रहा है कि भाजपा पूरा चुनाव हिन्दुत्व के मुद्दे पर लड़ेगी। भाजपा भगवा को बदनाम करने के लिए कांग्रेस को देशभर में घेरेगी। कांग्रेस ने जिस तरह 2006 से 2011 के बीच हिन्दुत्व को बदनाम करने के लिए भगवा आतंकवाद की शब्दावली गढ़ी अब उसे इसकी कीमत चुकाने का समय आ गया है।  फैसलों में दोषी बरी हो रहे हैं। कोई भी आरोप टिक नहीं पा रहा है। ऐसी स्थिति में कांग्रेस बचाव की मुद्रा में है। इसी का लाभ उठाकर  भाजपा ने कांग्रेस को शिकस्त देने की रणनीति बनायी है।

भगवा पर टिप्पणी के लिए राहुल माफी मांगेः अमित शाह कैराना में हो रहा था रबर के अंगूठे से आधार सत्यापन
मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लायी कांग्रेस कर्नाटक चुनावः कांग्रेस के सामने गढ़ बचाने की चुनौती
Share as:  

News source: UP Samachar Sewa

News & Article:  Comments on this upsamacharsewa@gmail.com  

 
 
 
                               
 
»
Home  
»
About Us  
»
Matermony  
»
Tour & Travels  
»
Contact Us  
 
»
News & Current Affairs  
»
Career  
»
Arts Gallery  
»
Books  
»
Feedback  
 
»
Sports  
»
Find Job  
»
Astrology  
»
Shopping  
»
News Letter  
up-webnews | Best viewed in 1024*768 pixel resolution with IE 6.0 or above. | Disclaimer | Powered by : omni-NET