लखनऊ,
30 अक्टूबर 2019। ( उ.प्र.समाचार सेवा)। एनसीआर में
प्रस्तावित अन्तरराष्ट्रीय जेवर हवाई अड्डे के निर्माण
में अब तेजी आएगी। बुधवार को क्षेत्र के किसानों ने
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ से मिलकर भूमि सौंपने के सहमति
पत्र सौंप दिये। सरकार को आवश्यक 80 प्रतिशत भूमि
अधिग्रहण की शर्त के अनुसार सहमति पत्र मिलने के बाद एयर
पोर्ट के निर्माण के लिए होने वाली बिड की शर्त पूरी हो
गई है। इससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि शीघ्र ही जेवर
में बहुप्रतीक्षित एयर पोर्ट शीघ्र बन सकेगा।
केन्द्रीय नागरिक विमानन मंत्रालय के सैद्धान्तिक
अनुमोदन में जेवर इन्टरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना के लिए
बिड की अन्तिम तिथि 30 अक्टूबर, 2019 से पूर्व 80
प्रतिशत भूमि राज्य सरकार के पक्ष में अन्तरित किए जाने
की शर्त पूरी हो गई है।
भूमि सौंपने वाले किसानों को
प्रतिकर के रूप में किसानों के खातों में सीधे 2,491
करोड़ 25 लाख रुपए की धनराशि भेजी गयी है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आमजन
की खुशहाली के लिए विकास आवश्यक है। विकास गतिविधियों के
संचालन के लिए भूमि की आवश्यकता होती है। भूमि किसानों
की सहमति और सौहार्द से प्राप्त की जानी चाहिए। इसके लिए
संवाद और किसानों की भावनाओं का सम्मान होना चाहिए। जेवर
में इन्टरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण के लिए संवाद के
माध्यम से भूमि की व्यवस्था के लिए जेवर के किसानों तथा
जिला प्रशासन गौतमबुद्धनगर की सराहना करते हुए उन्होंने
कहा कि जेवर में इन्टरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण से देश
व प्रदेश का विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।
मुख्यमंत्री यहां अपने सरकारी आवास पर जेवर इन्टरनेशनल
एयरपोर्ट क्षेत्र के किसानों को सम्बोधित कर रहे थे।
किसानों ने जेवर के विधायक धीरेन्द्र प्रताप सिंह के
नेतृत्व में मुख्यमंत्री को जेवर इन्टरनेशनल एयरपोर्ट के
निर्माण हेतु अपनी भूमि प्रदान करने सम्बन्धी सहमति पत्र
सौंपे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार द्वारा दिल्ली के पास
एक नये इन्टरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण की सहमति दी गयी
थी। अनेक राज्यों ने इसके लिए अपने-अपने प्रस्ताव दिए
थे। जेवर में इन्टरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण के सम्बन्ध
में भारत सरकार के सैद्धान्तिक अनुमोदन के अनुसार इस
परियोजना हेतु बिड की अन्तिम तिथि 30 अक्टूबर, 2019 से
पूर्व, परियोजना के लिए आवश्यक भूमि की 80 प्रतिशत भूमि
राज्य सरकार के पक्ष में अन्तरित किए जाने की शर्त थी,
निर्धारित समय सीमा में 80.13 प्रतिशत भूमि प्राप्त कर
इस शर्त को पूरा कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि
परियोजना के लिए अवशेष 20 प्रतिशत भूमि को भी एक माह के
अन्दर प्राप्त किए जाने का प्रयास किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा
कि वर्तमान में प्रदेश में सात एयरपोर्ट कार्यशील हैं।
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद उपेक्षित पड़ी 17 एयर पट्टियों
को विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। कुशीनगर में
एयरपोर्ट का निर्माण किया जा रहा है। आगरा एवं कानपुर
में सिविल टर्मिनल के निर्माण हेतु भूमि की व्यवस्था कर
ली गयी है। सहारनपुर में एयरपोर्ट की कार्यवाही तेज गति
से चल रही है। अयोध्या में भी नये एयरपोर्ट के निर्माण
का निर्णय लिया गया है। नागरिक उड्डयन मंत्री नन्द गोपाल
गुप्ता ‘नन्दी’ ने प्रभावित भू-स्वामियों के हितों को
सुरक्षित रखते हुए भूमि अधिग्रहण के लिए राज्य सरकार के
प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि जेवर में
इन्टरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण से प्रदेश सहित पूरे देश
को लाभ होगा। जेवर के विधायक धीरेन्द्र प्रताप सिंह ने
अपने सम्बोधन में कहा कि एयरपोर्ट के निर्माण के लिए भूमि
प्रदान कर जेवर के किसानों ने प्रदेश के विकास में
ऐतिहासिक योगदान किया है। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव
सूचना एवं गृह अवनीश कुमार अवस्थी, प्रमुख सचिव
मुख्यमंत्री एस0पी0 गोयल सहित वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी
संख्या में जेवर के किसान उपस्थित थे।
ज्ञातव्य है कि जेवर
इन्टरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण के लिए कुल 1,334
हेक्टेयर भूमि का अर्जन/पुनग्र्रहण जनपद गौतमबुद्ध नगर
के 6 गांवों रन्हेरा, रोही, पारोही, किशोरपुर, दयानतपुर
तथा बनवारीबांस से किया जाना है। इसमें से 1,239.1416
हेक्टेयर भूमि का अर्जन एवं 94.8584 हेक्टेयर भूमि का
पुनग्र्रहण किया जाना है।