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धारा 370 हटाने के कार्य को संघ ने बताया अभिनन्दनीय
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Tag: Rashtriya Swamsevak Sangh RSS, Dr Mohan
Bhagwat, Nagpur |
विजयदशमी
उत्सव में मोहन भागवत ने कहाः भारत हिन्दू राष्ट्र
नागुपर, 08 अक्टूबर 2019। (उ.प्र.समाचार सेवा)। Nagpur,
08 Otober 2019. ( UP Samachar Sewa) राष्ट्रीय
स्वयंसेवक संघ के 94वें स्थापना दिवस समारोह में
सरसंघचालक डा. मोहन •ाागवत ने जम्मू कश्मीर से धारा 370
हटाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री
अमित शाह की प्रशंसा की। उनके कार्य को अ•िानन्दनीय बताया।
उन्होंने इस मौके पर एक बार फिर स्पष्ट किया कि भारत
हिन्दू राष्ट्र है और संघ का लक्ष्य हिन्दू समाज का
संगठन करना तथा उसे शक्तिशाली बनाना है। इस मौके पर डा.
भागवत ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को करारा
जवाब दिया। संघ के नीतिगत भाषण माने जाने वाले इस
उद्बोधन में सरसंघचालक ने जहां देश में नारी शक्ति की
असुरक्षा को चिंता व्यक्त की वहीं स्वदेशी को परिभाषित
किया।
संघ के परम्परागत उत्सव विजय दशमीं कार्यक्रम में डा.
भागवत ने लगभग एक घण्टे का उद्बोधन दिया। इस दौरान
उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत गत वर्ष गुरु नानक देव की
550 वीं जयंती और महात्मा गांधी की 150 जयंती का स्मरण
करते हुए की। उन्होंने भारतीय मजदूर संघ के संस्थापक
दत्तोपंत ठेंगड़ी की जन्म शताब्दी मनाने की भी जानकारी
दी। डा. भागवत ने देश में हुए सत्ता परिवर्तन के बारे
में कहा कि 2014 में सत्ता परिवर्तन पुरानी सरकार के
कार्यों से जनता की वितृष्णा के कारण हुआ। इसके बाद आयी
सरकार ने अच्छा काम किया तो फिर से उसे मौका मिला है और
पहले से अधिक समर्थन मिला।
उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाने की मांग
जनसंघ के स्थापना काल से हो रही थी। लेकिन, अब सरकार ने
उसे हटाया कर साहसिक कार्य किया है। इससे प्रमाणित हुआ
कि सरकार की क्षमता साहसिक निर्णय लेने की है। उन्होंने
यह कार्य राज्य सभा और लोकसभा में बहुमत के साथ और कुशलता
से किया। भागवत ने कहा कि देश पहले से अधिक सुरक्षित हाथों
में हैं। सीमा पर और सैनिक बढाने की आवश्यकता है साथ ही
समुद्री सीमा पर अधिक चौकसी की आवश्यकता है। उन्होंने
संकेत दिया कि देश की प्रगति कुछ बाहरी शक्तियों को अच्छी
नहीं लगती। इसलिए वे षडयन्त्र करती रहती हैं। भारत में
विधिवता में एकता है। किन्तु कुछ शक्तियां इस विविधता
में भेद करके अलगाववाद की बात करती हैं। इनसे सचेत रहना
है। उन्होंने संघ के बारे में गलत व्याख्या और चर्चा करने
के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को करारा
जवाब दिया। उन्होंने कहा कि इमरान खान ने बगैर संघ को
जाने कह दिया कि श्री गुरु जी और सावरकर ने मिलकर संघ की
स्थापना की और संघ हिटलर के विचारों से प्रभावित है।
देश में भीड़ हिंसा को उन्होंने विदेशी विचार और
कार्यकलाप बताया। उन्होंने कहा कि हमारे यहां ऐसी कोई
परम्परा नहीं है। इसमें संघ को बदनाम करने की साजिश होती
है। जबकि संघ ऐसे किसी भी कार्य का समर्थन नहीं करता।
संघ का स्वयंसेवक कानून व्यवस्था के अनुसार ही काम करता
है। यदि कहीं कोई घटना होती है तो उसे रोकने का प्रयास
करता है। अर्थव्यवस्था में सुधार के लिये किये जा रहे
प्रयासों को भी उन्होंने उचित बताया। डा. भागवत ने कहा
कि हमारी अर्थव्यवस्था में जो छिद्र हैं उन्हें भरने का
प्रयास हो रहा है। इसके साथ ही उन्होंने स्वदेशी को एक
बार फिर परिभाषित किया। उन्होंने कहा कि स्वदेशी का अर्थ
है पहले अपने गांव के उत्पाद का प्रयोग फिर अपने देश के
उत्पाद का प्रयोग ही स्वदेशी है। यदि अपने यहां उपलब्ध
नहीं है तो बाहर के उत्पाद का विवेकपूर्ण उपयोग होना
चाहिए। संघ के सरसंघचालक ने देश में मातृशक्ति की
असुरक्षा पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह
शर्म और लज्जा की बात है कि वह न घर में और न ही घर के
बाहर सुरक्षित है। मातृशक्ति को संरक्षण, सुरक्षा और
साहस प्रदान करना होगा। उन्होंने शिक्षा नीति में बदलाव
की चर्चा की और कहा कि शिक्षा संस्कार युक्त होनी चाहिए।
समाज से व्यसन मुक्ति के लिए भी उन्होंने अभियान चलाने
का आह्वान किया। इसमें मीडिया से सहयोग करने की अपील की।
डा भागवत ने स्पष्ट किया कि हिन्दुस्थान हिन्दू राष्ट्र
है। इस मौके पर उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कौन हिन्दू
है। उन्होंने कहा कि जो मानव धर्म की बात करे वही हिन्दू
है जो सबके कल्याण की कामना करे। पशु-पक्षी, जीव जन्तु,
वनस्पति सभी के हित की कामना करे वह हिन्दू है। हिन्दू
किसी विशेष पूजा पद्यति, किसी देवता का आग्रह नहीं करता।
विश्व को विधित रूप में देखता है। सब अपनी राह पर चलें
और अपने अनुसार ईश्वर को मानें। अपने अनुसार मोक्ष की
कामना करे, आत्मा को मानें या न मानें। किन्तु मानव धर्म
की बात करे वही हिन्दू है। कुछ लोग इसे भारतीय शब्द के
रूप में परिभाषित करते हैं वे करें इसमें भी हमें आपत्ति
नहीं हैं।
इस मौके पर विशिष्ट अतिथि के रूप में साफ्टवेयर कंपनी
एचसीएल के संस्थापक शिव नाडार भी मौजूद थे।
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source: UP Samachar Sewa |
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