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नई दिल्ली , 09 जुलाई 2020 (उप्रससे)।
कानपुर के बिकरु काण्ड का मुख्य अभियुक्त दुर्दान्त विकास दुबे गुरुवार की सुबह मध्य प्रदेश के उज्जैन से गिरफ्तार किया गया है। उसे मध्य प्रदेश पुलिस ने महाकाल मन्दिर के बाहर गिरफ्तार किया गया है। चर्चा है कि विकास ने महाकाल के दर्शन करने के बाद खुद ही थाना महाकाल पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया
है। हालांकि उज्जैन के एसपी मनोज सिंह ने उसके सरेडर करने की बात से इनकार किया है। उन्होने कहा है कि विकास को गिरफ्तार किया गया है।
तीन जुलाई को कानपुर नगर के चौबेपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बिकरू में पुलिस उपाधीक्षक और सर्किल आफीसर देवेन्द्र मिश्र समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्या में वांछित विकास दुबे फरार चल रहा था। उस पर प्रदेश सरकार ने पाच लाख रूपये का इनाम घोषित किया है।
लेकिन, वह लगातार पुलिस को चकमा देकर इधर उधर भागने में सफल रहा। दो दिन कानपुर नगर के सिबली कस्बे में रुकने के बाद वह फरीदाबाद पहुंच गया था। यहां पुलिस की घेराबंदी के बाद वह हरियाणा पुलिस को भी चकमा दे गया और फरार हो गया। जबकि उसका एक साथी प्रभात मिश्रा और दो अन्य को पुलिस ने गिरफ्तार
कर लिया।
हरियाणा के बाद विकास दुबे की लोकेशन नोएडा में मिली थी। यहां भी पुलिस ने घेराबंदी की। चर्चा थी कि वह किसी चैनल के स्टूडियों में सरेंडर करने वाला है। इस सूचना पर पूरे फिल्म सिटी की घेराबंदी कर ली गई थी। सभी रास्तों की नाकेंबंदी की गई। किन्तु यहां भी विकास नहीं
आया। वह नोएडा से रात में ही मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक नगर उज्जैन पहुंच गया। वहां उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
सूत्रो के अनुसार विकास ने आज सुबह महाकाल के दर्शन किये। इसके बाद नाटकीय ढंग से मन्दिर के बाहर से उसकी गिरफ्तारी हुई। माना जा रहा है कि उसने खुद ही पुलिस के सामने जाकर खुद को विकास बताकर सरेंडर कर दिया। किन्तु एसपी मनोज सिंह का कहना है कि उसे गिरफ्तार किया
गया है। एमपी पुलिस के अनुसार विकास को यूपी पुलिस को सौंपा जाएगा। यूपी के अधिकारियों को विकास की गिरफ्तारी की सूचना दे दी गई है। उज्जैन पुलिस ने भारी पुलिस सुरक्षा के बीच विकास को किसी स्थान पर लेजाकर रखा है। |