|
उरई।
बारिश का जोर आज भी कायम रहा। मानसून की विधिवत शुरूआत
को कल तक शुभ शगुन मान रहे किसान आज दुखी होने लगे।
महेबा ब्लॉक क्षेत्र में तिल की नव अंकुरित फसल जल
मग्न हो गई जिससे किसानों में हाहाकार मच गया है। खरीफ
में सबसे ज्यादा फायदा देने वाली तिल की फसल इसके कारण
सड़ जाने का खतरा पैदा हो गया है जिससे सूद वसूल होने
की आशा तो दूर किसानों को बीज तक की लागत गंवा देने की
आशंका के चलते मूल से भी हाथ धो बैठने के आसार दिखाई
दे रहे हैं।
जिले में इस माह अभी तक औसत बारिश 21.5 मिली मीटर हो
चुकी है लेकिन सभी तहसीलों में बादल एक जैसे नही बरस
रहे। मेघों के मुंह देखे व्यवहार की सबसे ज्यादा
शिकायत कालपी तहसील के वाशिंदों को दी जहां आज भरपूर
पानी बरसाकर कुदरत ने हिसाब बराबर करने की कोशिश की
है।
कलेक्ट्रेट की नजारत के आंकड़ों के अनुसार पिछले एक
सप्ताह में हुई बारिश का मापन इस प्रकार है। 8 जुलाई
को 4.75 मिमी, 9 जुलाई को .85 मिमी, 10 जुलाई को 00
मिमी, 11 जुलाई को 4.75 मिमी, 12 जुलाई को 00 मिमी, 13
जुलाई को 3.2 मिमी और 14 जुलाई को 4.75 मिमी।
जिले में इस सप्ताह कुल वर्षा 87 मिमी हुई। जिसमें उरई
में सबसे ज्यादा 65 मिमी बारिश हुई है। जालौन तहसील
में 17 मिमी बारिश हुई जबकि कालपी तहसील में हुई बारिश
आज के पहले नगण्य रही। कोंच तहसील में भी केवल 5 मिमी
बारिश हुई।
महेबा क्षेत्र में आज हुई तेज बारिश की वजह से
मदारीपुर-जोल्हूपुर रोड पर जगह-जगह पानी भर गया और
सड़क कट गई। कच्चे मकानों के लिए बारिश की वजह से हुई
सीलन के चलते खतरा पैदा हो गया है। कई गांवों मे भी
भीषण जल भराव हो गया है।
|